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August 6, 2026 Blog

Hanuman Puja 2026: जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और पौराणिक कथा

BY : Neha Jain – Cultural & Festival Content Writer

जीवन में जब संकट और चुनौतियाँ आती हैं, तो हमें एक ऐसे साथी की जरूरत होती है जो हमारा साथ दे और हमें प्रेरित करे। ऐसे में पवनपुत्र हनुमान हमारे लिए एक प्रेरणा के स्रोत हैं। कलयुग में भगवान हनुमान जी एकमात्र ऐसे जागृत देवता हैं जो अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं और उनकी मदद करते हैं।

दीपोत्सव के अवसर पर, यानी रूप चतुर्दशी और नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन महाबली हनुमान की भक्ति में डूबकर उनके चरणों में शीश झुकाने से जीवन का हर दुख, भय और संकट दूर हो जाता है। यदि आप भी वर्ष 2026 में हनुमान पूजा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और संपूर्ण विधि की तलाश में हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी होगा।

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हनुमान पूजा क्या है और इसका महत्व क्या है? (Importance)

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हनुमान पूजा का महापर्व मनाया जाता है। इसे छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन तिथि को माता अंजनी के गर्भ से रुद्र अवतार भगवान हनुमान का प्राकट्य हुआ था। इस दिन भक्त अपने दुखों का निवारण करने, भय से मुक्ति पाने और असीम शक्ति व भक्ति का आशीर्वाद लेने के लिए हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

हनुमान पूजा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त (Date and time)

वर्ष 2026 में हनुमान पूजा का यह पावन पर्व 07 नवंबर, शनिवार को पूरे देश में अपार श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त और तिथियों का विवरण इस प्रकार है:

हनुमान पूजा तिथि: 07 नवंबर 2026, शनिवार
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 07 नवंबर 2026 को दोपहर 02:27 बजे से
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि समाप्त: 08 नवंबर 2026 को शाम 04:15 बजे तक
हनुमान पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:31 बजे से रात 08:08 बजे तक (प्रदोष काल)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
रात की पूजा का मुहूर्त (निशिता काल): रात 11:39 बजे से रात 12:31 बजे तक

हनुमान पूजा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व (Impotance)

धार्मिक दृष्टिकोण से हनुमान पूजा का महत्व अत्यंत विशाल है। भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नवनिधि के दाता का वरदान प्राप्त है। कलयुग में हनुमान जी की उपासना सबसे सरल और तुरंत फल देने वाली मानी गई है। जो साधक इस दिन सच्चे मन से बजरंगबली की सेवा करता है, उसकी कुंडली के सभी ग्रह दोष विशेषकर शनि की साढ़े साती और ढैय्या का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाता है। यह पूजा केवल बाहरी संकटों से ही रक्षा नहीं करती, बल्कि व्यक्ति के भीतर छुपे भय, आलस्य और नकारात्मक विचारों का भी सर्वनाश कर देती है।

हनुमान पूजा की संपूर्ण पूजा विधि (Pooja ritual)

Hanuman Puja 2026 festival

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हनुमान जी की पूजा में पवित्रता और निष्ठा का होना अत्यंत आवश्यक है। आइए जानते हैं पूजा विधि:

  • प्रातः स्नान और संकल्प: सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र पहनें। हाथ में जल लेकर हनुमान जी के समक्ष व्रत व पूजा का संकल्प लें।
  • पूजा स्थल की तैयारी: घर के मंदिर में उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें। एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। साथ में श्री राम दरबार का चित्र भी अवश्य रखें।
  • चोला चढ़ाना: हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाएं। यह उपाय बजरंगबली को अत्यंत प्रिय है।
  • श्रृंगार और भोग: प्रभु को लाल वस्त्र, जनेऊ, लाल फूल और तुलसी पत्र अर्पित करें। भोग के रूप में बेसन के लड्डू, बूंदी, गुड़-चना या केला अर्पण करें।
  • पाठ और जप: धूप-दीप जलाकर 'ॐ हं हनुमते नमः' मंत्र का जाप करें। इसके बाद भक्तिभाव से हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या सुंदरकांड का पाठ करें।
  • आरती और क्षमा प्रार्थना: अंत में शुद्ध घी के दीपक से हनुमान जी की आरती करें और अपनी भूलों के लिए क्षमा मांगते हुए सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

हनुमान पूजा व्रत के जरूरी नियम (Rules)

हनुमान जी की पूजा करते समय कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है:

  • पवित्रता का नियम: पूजा के दौरान शारीरिक और मानसिक स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें।
  • तुलसी पत्र का प्रयोग: हनुमान जी के भोग में तुलसी पत्र अवश्य रखें, क्योंकि इसके बिना प्रभु भोग स्वीकार नहीं करते।
  • ब्रह्मचर्य का पालन: व्रत और पूजा के दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करें और मन में कोई कलुष विचार न लाएं।
  • मांस-मदिरा का त्याग: घर में पूरी तरह सात्विक वातावरण बनाए रखें और लहसुन-प्याज का सेवन न करें।

हनुमान पूजा व्रत रखने के मुख्य लाभ (Benefits)

  • भय और संकटों से मुक्ति: अकाल मृत्यु, दुर्घटना और भूत-प्रेत जैसे अदृश्य भयों से स्थायी छुटकारा मिलता है।
  • शनि दोष से शांति: शनि देव हनुमान भक्तों को कभी पीड़ित नहीं करते, इसलिए शनि की पीड़ा शांत होती है।
  • बल और बुद्धि का विकास: छात्रों और युवाओं को अपार शक्ति, तीक्ष्ण बुद्धि और एकाग्रता प्राप्त होती है।
  • रोगों का नाश: 'नासै रोग हरै सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा' के अनुसार पुरानी से पुरानी बीमारियां दूर होती हैं।

क्या करें और क्या न करें (Do's and Don'ts)

क्या करें:

  • हनुमान जी के साथ-साथ भगवान श्री राम का ध्यान और संकीर्तन अवश्य करें।
  • मंदिर जाकर या घर पर ही पीपल के पत्तों पर राम नाम लिखकर हनुमान जी को माला पहनाएं।
  • गरीब और जरूरतमंद लोगों में बूंदी का प्रसाद बांटें।

क्या न करें:

  • हनुमान जी की पूजा में कभी भी काले या सफेद रंग के कपड़े न पहनें।
  • पूजा के समय किसी पर क्रोध न करें और न ही किसी जीव को सताएं।
  • हनुमान जी की पूजा में चरणामृत या पंचामृत का प्रयोग न करें, उन्हें सीधा जल और मोदक/लड्डू अर्पित करें।

हनुमान पूजा की पौराणिक कथा (Story)

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी की अर्धरात्रि को अंजनी माता के घर में भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार के रूप में हनुमान जी का जन्म हुआ था। जन्म लेते ही उन्होंने सूर्य देव को एक लाल फल समझकर निगलने के लिए आकाश में उड़ान भरी थी।

एक अन्य कथा के अनुसार, जब भगवान राम और रावण के बीच धर्म युद्ध चल रहा था, तब रावण के भाई अहिरावण ने छल से राम और लक्ष्मण का अपहरण कर लिया और उन्हें पाताल लोक ले गया। हनुमान जी ने पाताल लोक पहुँचकर अपने पराक्रम से पंचमुखी रूप धारण किया और अहिरावण का वध करके प्रभु श्री राम और लक्ष्मण को सकुशल वापस लाया। यह विजय भी कार्तिक चतुर्दशी के आसपास ही हुई थी। इसीलिए इस दिन संकटमोचन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है ताकि वे अपने भक्तों के हर विपत्ति रूपी अहिरावण का अंत कर सकें।

निष्कर्ष (Conclusion)

हनुमान जी केवल एक देवता नहीं हैं, वे हर भक्त के सबसे सच्चे मित्र, रक्षक और सहारा हैं। जब दुनिया के सारे सहारे छूट जाते हैं, तब बजरंगबली का हाथ साधक को संभाल लेता है। वर्ष 2026 की हनुमान पूजा आपके जीवन के सारे कष्टों को हर ले और आपके घर में सुख, शांति, समृद्धि और अपार शक्ति का संचार करे। भक्ति भाव से बोलिए, जय श्री राम! जय बजरंगबली

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. हनुमान पूजा 2026 में कब है?
    हनुमान पूजा का पर्व 07 नवंबर 2026, शनिवार को मनाया जाएगा।
  1. हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय क्या है?
    नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करना और प्रभु श्री राम के नाम का संकीर्तन करना हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय है।
  1. क्या महिलाएं हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं?
    हाँ, महिलाएं हनुमान जी की पूजा कर सकती हैं, वे दीप जला सकती हैं और पाठ कर सकती हैं, लेकिन उन्हें हनुमान जी को स्पर्श करने या चोला चढ़ाने से बचना चाहिए।
  1. हनुमान पूजा में किस तेल का दीपक जलाना चाहिए?
    हनुमान जी की पूजा में चमेली के तेल या शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  1. क्या शनिवार को हनुमान पूजा करने से शनि दोष दूर होता है?
    जी हाँ, शनिवार के दिन हनुमान पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और साढ़े साती व ढैय्या के कष्टों से राहत मिलती है।
Author: Neha Jain – Cultural & Festival Content Writer

Neha Jain is a festival writer with 7+ years’ experience explaining Indian rituals, traditions, and their cultural meaning, making complex customs accessible and engaging for today’s modern readers.