बचपन की वो खट्टी-मीठी तकरार, एक-दूसरे की शिकायत करना और फिर पल भर में गले लग जाना—यही तो भाई-बहन का रिश्ता है। साल में एक दिन ऐसा आता है जब ये सारी शरारतें एक पवित्र रेशम के धागे में सिमट जाती हैं। वह दिन है रक्षाबंधन। यह सिर्फ एक धागा नहीं, बल्कि एक वादा है—सुरक्षा का, साथ निभाने का और हर मुश्किल में ढाल बनकर खड़े रहने का।
सावन की पूर्णिमा का वह दिन जब बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं, तो मानो पूरी दुनिया की दुआएं उस एक धागे में समा जाती हैं। साल में रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026) का पर्व बहुत खास होने वाला है। आइए, इस लेख में जानते हैं कि इस साल राखी बांधने का सही समय क्या है और कैसे आप इस दिन को और भी यादगार बना सकते हैं।
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हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026) में का त्योहार मनाया जाता है। इसे 'राखी' या 'कजरी पूनम' के नाम से भी जाना जाता है। 'रक्षा' का अर्थ है सुरक्षा और 'बंधन' का अर्थ है जुड़ाव। यह पर्व न केवल सगे भाई-बहनों तक सीमित है, बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं का त्योहार है, जहाँ कोई भी स्त्री किसी भी पुरुष को रक्षा सूत्र बांधकर अपना भाई बना सकती है। यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है।

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साल में रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026), 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि भद्रा काल में राखी बांधना वर्जित माना जाता है।
रक्षाबंधन की तिथि: 28 अगस्त 2026, शुक्रवारविशेष सावधानी: इस साल भद्रा काल के समय का विशेष ध्यान रखें। शास्त्रों के अनुसार, रावण की बहन ने उसे भद्रा में राखी बांधी थी, जिससे उसका सर्वनाश हो गया। इसलिए हमेशा भद्रा रहित काल में ही राखी बांधें।
राखी बांधने की प्रक्रिया एक छोटी सी पूजा की तरह होती है। इसे आप इस प्रकार पूर्ण कर सकते हैं:
थाली तैयार करें: एक सुंदर थाली में राखी, अक्षत (बिना टूटे चावल), कुमकुम, दीपक, और मिठाइयाँ रखें।लाभ
क्या करें:
क्या न करें:
रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026) की कई कथाएं प्रचलित हैं, लेकिन भगवान कृष्ण और द्रौपदी की कथा सबसे प्रेरणादायक है। महाभारत काल में जब कृष्ण ने शिशुपाल का वध करने के लिए सुदर्शन चक्र चलाया, तो उनकी उंगली में चोट लग गई और खून बहने लगा। तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया। कृष्ण ने इस धागे का मान रखा और द्रौपदी को वचन दिया कि वे हर संकट में उसकी रक्षा करेंगे। चीरहरण के समय कृष्ण ने इसी वचन को निभाते हुए द्रौपदी की लाज बचाई थी।
रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026) हमारे रिश्तों की डोर को और भी मजबूत करने का दिन है। यह त्योहार हमें बताता है कि चाहे वक्त कितना भी बदल जाए, भाई-बहन का प्यार कभी कम नहीं होता। 28 अगस्त को जब आप राखी बांधें, तो उस धागे के साथ अपनी सारी दुआएं और खुशियां भी अपने भाई की कलाई पर सजा दें।
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1. रक्षाबंधन 2026 (Raksha Bandhan 2026) में कब है?
रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
2. क्या राखी केवल सगे भाई को ही बांधी जा सकती है?
नहीं, रक्षाबंधन प्रेम और सुरक्षा का त्योहार है। आप अपने चचेरे भाई, धर्म भाई या किसी भी ऐसे व्यक्ति को राखी बांध सकती हैं जिसे आप भाई मानती हों।
3. भद्रा काल में राखी क्यों नहीं बांधते?
भद्रा को शनि देव की बहन माना गया है, जो स्वभाव से उग्र हैं। भद्रा काल में किए गए मांगलिक कार्य सफल नहीं होते, इसलिए इस समय को टाला जाता है।
4. राखी बांधते समय भाई का मुंह किस दिशा में होना चाहिए?
राखी बांधते समय भाई का मुंह हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। यह दिशाएं शुभ ऊर्जा का स्रोत मानी जाती हैं।
Neha Jain is a festival writer with 7+ years’ experience explaining Indian rituals, traditions, and their cultural meaning, making complex customs accessible and engaging for today’s modern readers.