सावन की रंगत जब अपने चरम पर होती है, चारों तरफ पेड़ों पर नई कोपलें फूटती हैं और धरती हरी चुनरी ओढ़ लेती है, तब मन भक्ति और कृतज्ञता से भर जाता है। यह समय प्रकृति के अद्भुत रूप को नमन करने और अपने पितरों का आशीर्वाद पाने का है— 'हरियाली अमावस्या'। यह एक कैलेंडर की तारीख से कहीं अधिक है, यह हमारे जीवन में नई ऊर्जा और हरियाली भरने का एक आध्यात्मिक निमंत्रण है।
कल्पना कीजिए, सावन की फुहारें गिर रही हैं और आप एक छोटा सा पौधा रोप रहे हैं—यह अहसास ही कितना सुकून देने वाला है। साल में हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) 12 अगस्त को आ रही है। आइए, इस लेख के जरिए जानते हैं कि यह दिन हमारे पर्यावरण और हमारे भाग्य दोनों को कैसे बदल सकता है।
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हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को 'हरियाली अमावस्या' कहा जाता है। यह पर्व प्रकृति की हरियाली और खुशहाली को समर्पित है। भारत के कई हिस्सों, विशेषकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल में इस दिन बड़े मेलों का आयोजन होता है और लोग उत्सव मनाते हैं। यह दिन महादेव की भक्ति और पूर्वजों (पितरों) की शांति के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

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साल में हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) अगस्त के मध्य में आ रही है। इस दिन का समय नीचे दिया गया है:
पर्व की तिथि: 12 अगस्त 2026, बुधवारक्या करें:
क्या न करें:
एक पौराणिक कथा के अनुसार, हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) एक राजा के घर में उनकी बहू ने चोरी से कुछ मिठाई खा ली और उसका दोष चूहे पर लगा दिया। बेगुनाह चूहे को सजा मिली, जिससे वह बहुत दुखी हुआ। बाद में चूहे ने गणेश जी से न्याय की गुहार लगाई। राजा को जब सच्चाई का पता चला, तो उन्होंने प्रायश्चित के लिए सावन अमावस्या पर 'हरियाली व्रत' और 'गौ-पूजा' का विधान किया। तब से यह माना जाने लगा कि जो भी इस दिन प्रकृति और जीवों की सेवा करता है, उसके घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती।
हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) हमें यह याद दिलाने आती है कि हमारा अस्तित्व इस प्रकृति से ही है। 12 अगस्त को जब आप महादेव की पूजा करें और अपने पितरों को याद करें, तो एक पौधा लगाकर धरती माँ को भी अपना उपहार दें। आपकी एक छोटी सी कोशिश आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हर भरा भविष्य सुनिश्चित कर सकती है। सावन की यह अमावस्या आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की हरियाली लेकर आए!
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1. हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) में कब है?
हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) 12 अगस्त, बुधवार को मनाई जाएगी।
2. पितृ शांति के लिए इस दिन क्या करना चाहिए?
इस दिन जल में काले तिल डालकर पितरों को तर्पण दें और ब्राह्मणों को भोजन कराएं या दान दें।
3. हरियाली अमावस्या 2026 (Hariyali Amavasya 2026) पर कौन सा पौधा लगाना सबसे शुभ है?
तुलसी, नीम, पीपल, बरगद या आंवले का पौधा लगाना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है।
4. क्या इस दिन व्रत रखना जरूरी है?
अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो लोग पितृ दोष या मानसिक शांति चाहते हैं, उनके लिए व्रत रखना बहुत लाभकारी होता है।
5. हरियाली अमावस्या को 'खेती का त्योहार' क्यों कहते हैं?
क्योंकि इस समय तक किसान अपनी बुवाई पूरी कर चुके होते हैं और खेतों में हरियाली देख ईश्वर के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
Neha Jain is a festival writer with 7+ years’ experience explaining Indian rituals, traditions, and their cultural meaning, making complex customs accessible and engaging for today’s modern readers.