हिंदू धर्म में पंचांग की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहा जाता है। संस्कृत के शब्द “एकादश” से बना यह नाम सीधे-सीधे “ग्यारह” का संकेत देता है। यह पवित्र तिथि हर महीने दो बार आती है—एक बार शुक्ल पक्ष में और एक बार कृष्ण पक्ष में। सनातन धर्म में इसका विशेष आध्यात्मिक महत्व है, क्योंकि यह दिन पूरी तरह भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं और श्रद्धा के साथ एकादशी व्रत का पालन करते हैं।
हिंदू धर्म में कई प्रकार के व्रत और उपवास प्रचलित हैं, लेकिन एकादशी व्रत को सबसे प्राचीन और प्रभावशाली माना जाता है। मान्यता है कि एकादशी के दिन विष्णु भगवान की पूजा करने से न केवल पापों का क्षय होता है, बल्कि मोक्ष का मार्ग भी सरल बनता है। इस तिथि पर उपवास रखने से मन शांत होता है, ऊर्जा सकारात्मक रहती है और व्यक्ति आध्यात्मिक रूप से मजबूत महसूस करता है।
हर एकादशी का अपना विशेष महत्व और कथा होती है, इसलिए हर माह में आने वाली एकादशी अलग-अलग नामों से जानी जाती है। खासकर वैष्णव परंपरा में इस दिन को एक उत्सव की तरह मनाया जाता है—पूजन, व्रत और भक्ति के माध्यम से इसे अत्यंत पवित्र अवसर माना जाता है।
अगर आप भी इस साल एकादशी का व्रत रखने की सोच रहे हैं, तो 2026 में आने वाली सभी एकादशी तिथियों को पहले से नोट कर लेना बेहद ज़रूरी है। इससे आप सही दिन पर व्रत, पूजा और सभी नियमों का पालन बिना किसी भ्रम के कर पाएंगे।
| तिथि (Date) | दिन (Day) | एकादशी व्रत नाम |
| 14 जनवरी | बुधवार | षटतिला एकादशी |
| 29 जनवरी | गुरुवार | जया एकादशी |
| 13 फरवरी | शुक्रवार | विजया एकादशी |
| 27 फरवरी | शुक्रवार | आमलकी एकादशी |
| 15 मार्च | रविवार | पापमोचिनी एकादशी |
| 29 मार्च | रविवार | कामदा एकादशी |
| 13 अप्रैल | सोमवार | वरुथिनी एकादशी |
| 27 अप्रैल | सोमवार | मोहिनी एकादशी |
| 13 मई | बुधवार | अपरा एकादशी |
| 27 मई | बुधवार | पद्मिनी एकादशी |
| 11 जून | गुरुवार | परम एकादशी |
| 25 जून | गुरुवार | निर्जला एकादशी |
| 10 जुलाई | शुक्रवार | योगिनी एकादशी |
| 25 जुलाई | शनिवार | देवशयनी एकादशी |
| 9 अगस्त | रविवार | कामिका एकादशी |
| 23 अगस्त | रविवार | श्रावण पुत्रदा एकादशी |
| 7 सितम्बर | सोमवार | अजा एकादशी |
| 22 सितम्बर | मंगलवार | परिवर्तिनी एकादशी |
| 6 अक्टूबर | मंगलवार | इन्दिरा एकादशी |
| 22 अक्टूबर | गुरुवार | पापांकुशा एकादशी |
| 5 नवम्बर | गुरुवार | रमा एकादशी |
| 20 नवम्बर | शुक्रवार | देवुत्थान एकादशी |
| 4 दिसम्बर | शुक्रवार | उत्पन्ना एकादशी |
| 20 दिसम्बर | रविवार | मोक्षदा एकादशी (वैकुण्ठ एकादशी) |
सनातन धर्म में एकादशी व्रत को जीवन के दुखों से मुक्ति और मोक्ष प्राप्ति का एक सिद्ध मार्ग माना गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति ईमानदारी, श्रद्धा और भक्ति के साथ एकादशी का व्रत करता है, उसके जीवन से बाधाएँ दूर होती हैं और उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है। इस पवित्र व्रत की तैयारी दशमी तिथि से ही शुरू हो जाती है, क्योंकि इसी दिन से मन और आचरण को शुद्ध रखने का संकल्प लिया जाता है।
2026 में आने वाली सभी एकादशियों का पालन यदि आप नियमपूर्वक और पूरे विश्वास से करते हैं, तो यह न सिर्फ आध्यात्मिक प्रगति देगा, बल्कि आपके जीवन में शांति, सफलता और सुख-समृद्धि भी लाएगा। एकादशी व्रत मन, शरीर और आत्मा—तीनों को शुद्ध करने का एक अत्यंत सरल और प्रभावी मार्ग है। भगवान विष्णु की कृपा हमेशा आपके जीवन में बनी रहे।