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February 18, 2026 Blog

Vastu Tips For Stairs: घर में सीढ़ियों के नीचे क्या न रखें और कैसे करें सही उपयोग

BY : Raghav Kapoor – Vastu Consultant & Architectural Advisor

Vastu Tips For Stairs: घर की सीढ़ियां सिर्फ ऊपर-नीचे जाने का जरिया नहीं होतीं, बल्कि ऊर्जा के प्रवाह से भी जुड़ी मानी जाती हैं। अक्सर हम सीढ़ियों के नीचे की जगह को खाली कोना समझकर वहां कोई भी सामान रख देते हैं, लेकिन वास्तु मान्यताओं में इस स्थान का खास महत्व बताया गया है। 

कहा जाता है कि अगर इस जगह का सही उपयोग किया जाए तो घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनी रहती है, लेकिन लापरवाही से रखी गई कुछ चीजें नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती हैं। इसलिए यह जानना जरूरी है कि घर में सीढ़ियों के नीचे क्या न रखें और किन बातों का ध्यान रखें, ताकि घर का माहौल संतुलित और खुशहाल बना रहे।

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) के अनुसार घर का हर कोना और हर दिशा अपनी एक खास ऊर्जा रखती है। अगर इन नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए तो घर में सकारात्मकता, सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। इसी तरह सीढ़ियों के नीचे की जगह को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। 

कई लोग सुविधा के लिए वहां अलग-अलग सामान रख देते हैं, लेकिन वास्तु मान्यता (Vastu Tips For home) के मुताबिक कुछ वस्तुएं यहां रखना अशुभ माना जाता है। अनजाने में की गई ऐसी गलतियां घर की आर्थिक स्थिति और खुशहाली पर असर डाल सकती हैं, इसलिए इस स्थान का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए।

सीढ़ियों के नीचे टॉयलेट न बनवाये (Do not build a Toilet under the Stairs)

वास्तु शास्त्र (vastu Tips For Stairs) में सीढ़ियों के नीचे की जगह को सामान्य स्थान नहीं माना जाता, बल्कि इसे ऊर्जा के प्रवाह से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र बताया गया है। इसी कारण यह सलाह दी जाती है कि इस स्थान पर भूलकर भी टॉयलेट का निर्माण न कराया जाए। 

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार शौचालय को घर का ऐसा हिस्सा माना जाता है जहां से नकारात्मक ऊर्जा अधिक मात्रा में उत्पन्न होती है। यदि इसे सीढ़ियों के नीचे बना दिया जाए, तो कहा जाता है कि यह नकारात्मक प्रभाव पूरे घर में फैल सकता है।

मान्यता है कि ऐसा करने से घर में वास्तु दोष (Vastu Dosh) उत्पन्न हो सकता है, जिसका असर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आपसी संबंधों पर पड़ सकता है। कई लोग यह भी मानते हैं कि इससे आर्थिक परेशानियां और अनावश्यक बाधाएं बढ़ सकती हैं। 

इसलिए घर बनवाते समय या बदलाव करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि सीढ़ियों के नीचे का उपयोग सोच-समझकर किया जाए और वहां ऐसी कोई संरचना न बनाई जाए जो नकारात्मकता (Negative Energy) को बढ़ावा दे। सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए इस स्थान को साफ, खुला और हल्के उपयोग में रखना अधिक उचित माना जाता है।

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सीढ़ियों के नीचे कूड़ेदान न  रखे (Do not keep Dustbins under the Stairs)

वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में घर के हर हिस्से को ऊर्जा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना गया है, और सीढ़ियों के नीचे की जगह भी इससे अलग नहीं है। मान्यता है कि इस स्थान पर कूड़ेदान या कचरा रखना शुभ नहीं होता। ऐसा कहा जाता है कि जहां गंदगी या बेकार वस्तुएं जमा होती हैं, वहां नकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय हो जाती है। यदि सीढ़ियों के नीचे कूड़ेदान रखा जाए, तो यह नकारात्मक प्रभाव पूरे घर के वातावरण को प्रभावित कर सकता है।

पारंपरिक विश्वासों के अनुसार, इससे घर में वास्तु दोष (Vastu Dosh) उत्पन्न होने की आशंका रहती है, जो परिवार के सदस्यों के जीवन में छोटी-बड़ी परेशानियों का कारण बन सकता है। मानसिक तनाव, आपसी मतभेद और अनचाही रुकावटें बढ़ सकती हैं। कई लोग यह भी मानते हैं कि ऐसी व्यवस्था आर्थिक स्थिति पर भी असर डाल सकती है, जिससे धन की बचत में कठिनाई या अचानक खर्च बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

इसीलिए सलाह दी जाती है कि सीढ़ियों के नीचे (vastu Tips For Stairs) की जगह को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखा जाए। वहां कचरा जमा करने के बजाय हल्का और सकारात्मक उपयोग करना बेहतर माना जाता है, ताकि घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।


सीढ़ियों के नीचे मंदिर न बनवाये (Do not build a Temple under the Stairs)

वास्तु मान्यताओं (Vastu Tips for Home Stairs) के अनुसार सीढ़ियों के नीचे मंदिर बनवाना उचित नहीं माना जाता। कहा जाता है कि यह स्थान दबाव और आवाजाही से जुड़ा होता है, जहां लोगों का लगातार आना-जाना रहता है। ऐसे में पूजा का स्थान वहां बनाना शास्त्रों के (Vastu tips for home Stairs) अनुसार सम्मानजनक नहीं माना जाता।

मान्यता है कि मंदिर हमेशा घर के शांत, स्वच्छ और ऊर्जावान हिस्से में होना चाहिए, जहां ध्यान और भक्ति में कोई बाधा न आए। सीढ़ियों के नीचे बना मंदिर न तो खुला माहौल देता है और न ही पर्याप्त सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने देता है। कुछ लोगों का विश्वास है कि इससे पूजा का पूरा फल नहीं मिलता और घर में मानसिक अशांति बढ़ सकती है।

इसलिए कहा जाता है कि भगवान की स्थापना हमेशा ऐसी जगह करें जहां पवित्रता, रोशनी और शांति बनी रहे, ताकि घर में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक सकारात्मकता कायम रह सके।


सीढ़ियों के नीचे पढ़ाई की जगह न बनवाये  (Do not build a Study area under the Stairs)

सीढ़ियों के नीचे पढ़ाई की जगह बनाना सही नहीं माना जाता। वहां स्टडी टेबल रखने से बच्चे का ध्यान भटक सकता है और पढ़ाई में एकाग्रता बनाना मुश्किल हो सकता है। ऐसी जगह अक्सर दबाव और असहजता का एहसास कराती है, जिससे बच्चा पूरी तरह फोकस नहीं कर पाता। बेहतर होगा कि पढ़ने के लिए खुली, शांत और सकारात्मक ऊर्जा वाली जगह चुनी जाए, जहां बच्चा आराम से बैठकर मन लगाकर पढ़ सके।

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सीढ़ियों के नीचे की जगह को खाली छोड़ना (Leaving the space under the Stairs Empty)

वास्तु मान्यताओं के अनुसार सीढ़ियों के नीचे (Vastu Tips For Stairs) का स्थान ऊर्जा के प्रवाह से जुड़ा होता है। इस कारण कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जहां तक संभव हो, इस हिस्से को ज्यादा भरा हुआ न रखें। जब यह जगह खुली और साफ रहती है, तो घर में हल्कापन और संतुलन महसूस होता है। बेवजह सामान भर देने से न केवल जगह अव्यवस्थित दिखती है, बल्कि मानसिक रूप से भी बोझ का एहसास हो सकता है।

खाली स्थान घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को सहज बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही, सफाई बनाए रखना भी आसान रहता है। अगर आप इस जगह को खुला रखते हैं, तो घर का इंटीरियर भी ज्यादा सुसंगठित और आकर्षक नजर आता है। इसलिए कोशिश करें कि यहां अनावश्यक वस्तुएं जमा न हों और यह हिस्सा साफ-सुथरा बना रहे।

क्या रख सकते है सीढ़ियों के नीचे  (What can you keep under the Stairs?)

यदि सीढ़ियों के नीचे की जगह को पूरी तरह खाली छोड़ना संभव न हो, तो इसे व्यवस्थित तरीके से उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, इसे छोटे स्टोर एरिया के रूप में तैयार किया जा सकता है, जहां केवल जरूरी और कम उपयोग में आने वाला सामान रखा जाए। ध्यान रखें कि सामान सलीके से रखा हो और अव्यवस्था न फैले।

इसके अलावा, जूते रखने का रैक भी यहां लगाया जा सकता है, खासकर यदि घर में प्रवेश द्वार के पास सीढ़ियां हों। लेकिन यह जरूरी है कि जूतों को ढके हुए कैबिनेट में रखा जाए ताकि गंदगी और दुर्गंध पूरे घर में न फैले। सही डिजाइन और साफ-सफाई के साथ यह जगह उपयोगी भी बन सकती है और देखने में भी व्यवस्थित लगेगी।

सीढ़ियों के नीचे पालतू जानवरों के बैठने की जगह (Pet Sitting area under the Stairs)

सीढ़ियों के नीचे पालतू जानवरों के बैठने या सोने की जगह बनाना उचित नहीं माना जाता। यह स्थान अक्सर बंद, दबाव भरा और ऊर्जा के लिहाज से संतुलित नहीं होता, जिससे पालतू जानवर असहज महसूस कर सकते हैं। ऐसी जगह पर रहने से उनके व्यवहार में चिड़चिड़ापन आ सकता है या वे तनावग्रस्त हो सकते हैं। लंबे समय तक वहां रखने से उनकी सेहत पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए बेहतर है कि उनके लिए खुली, हवादार और आरामदायक जगह चुनी जाए, जहां वे सुरक्षित और शांत महसूस करें।

छोटे पौधे लगाने से इंटीरियर में निखार (Planting small plants can enhance the interior)

सीढ़ियों के नीचे की जगह को सजाने के लिए छोटे इनडोर पौधे एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। हरियाली न केवल घर की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि वातावरण को भी ताजगी देती है। आप ऐसे पौधे चुन सकते हैं जिन्हें कम धूप और कम देखभाल की जरूरत हो।

पौधों की मौजूदगी घर में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करती है और खाली जगह को जीवंत बना देती है। सही गमले और हल्की सजावट के साथ यह कोना आपके घर का आकर्षक हिस्सा बन सकता है। ध्यान रखें कि पौधों की नियमित देखभाल और सफाई जरूरी है, ताकि जगह साफ और संतुलित दिखाई दे।

इन तीनों तरीकों से आप सीढ़ियों के नीचे की जगह का सही उपयोग कर सकते हैं और घर में सुकून व सुंदरता दोनों बनाए रख सकते हैं।

निष्कर्ष (conclusion)

वास्तु शास्त्र के ये नियम (Vastu Tips Home Stairs) हमें यह समझाते हैं कि घर का हर कोना महत्वपूर्ण होता है, खासकर सीढ़ियों के नीचे की जगह। अगर आप जानते हैं कि घर में सीढ़ियों के नीचे क्या न रखें, तो आप कई संभावित परेशानियों से बच सकते हैं। इस स्थान को साफ, व्यवस्थित और हल्के उपयोग में रखना ही बेहतर माना जाता है। छोटी-सी सावधानी और सही योजना आपके घर में शांति, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकती है।

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Author: Raghav Kapoor – Vastu Consultant & Architectural Advisor

Raghav Kapoor, with 10+ years of expertise, blends traditional Vastu Shastra and modern architecture to create harmonious living and working spaces that enhance prosperity, balance, and overall well-being.