Griha Pravesh Muhurat: नए घर में कदम रखना तभी सच-मुच शुभ माना जाता है, जब उसकी तिथि और समय पूरी तरह अनुकूल हों। साल 2026 में गृह प्रवेश के लिए पंचांग के आधार पर कुछ खास दिन बताए गए हैं, जिनमें फरवरी की 6, 11 और 19 तारीख, मई की 4 तारीख और नवंबर की 11 तारीख विशेष रूप से शुभ मानी जाती हैं।
गृह प्रवेश की सही तिथि (Griha Pravesh Shubh Tithi) चुनते समय तिथि, नक्षत्र और वार जैसे पंचांग तत्वों पर ध्यान देना जरूरी होता है, क्योंकि यही घर में शांति, समृद्धि और स्थायित्व को प्रभावित करते हैं। बेहतर परिणामों के लिए राहु काल में गृह प्रवेश से बचना चाहिए, परिवार की कुंडली के अनुसार अनुकूलता की जांच करनी चाहिए और शुभ वातावरण के लिए प्रातः लगभग 5:30 बजे से पूजा एवं प्रवेश की शुरुआत करना उचित माना जाता है। ऐसा करने से नए घर में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी सद्भाव, प्रगति और दीर्घकालिक सुख का वास होता है।गृह प्रवेश वह पावन संस्कार है, जब कोई व्यक्ति या परिवार पहली बार अपने नए घर में कदम रखता है। इसे केवल एक रस्म नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सकारात्मक शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस संस्कार का उद्देश्य नए घर में सुख, शांति, समृद्धि और शुभ ऊर्जा का वास सुनिश्चित करना होता है।
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, नए घर में रहने से पहले विधिवत पूजा, हवन और देवी-देवताओं का आह्वान किया जाता है, जिसे गृह प्रवेश पूजा (griha Pravesh Puja) कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस पूजा से घर में मौजूद नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं, वास्तु संबंधी दोष शांत होते हैं और परिवार के जीवन में खुशहाली व सौभाग्य का आगमन होता है।
2026 में गृह प्रवेश (Griha Pravesh Muhurat 2026) के लिए शुभ दिनों का सही चयन आपके नए घर की शुरुआत को और भी मंगलमय बना सकता है। उचित मुहूर्त में गृह प्रवेश करने से घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास माना जाता है। इसलिए नए घर में कदम रखने से पहले शुभ तिथियों का ध्यानपूर्वक चयन करें, ताकि 2026 में आपके जीवन की यह नई शुरुआत सुख और स्थिरता लेकर आए।
2026 में गृह प्रवेश के लिए कुछ नक्षत्र विशेष रूप से शुभ माने गए हैं, जो नए घर में सुख-शांति और उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं। इन नक्षत्रों में किया गया गृह प्रवेश सकारात्मक ऊर्जा और स्थायित्व लेकर आता है।
चित्रा नक्षत्र में गृह प्रवेश करने से घर में उत्साह, रचनात्मकता और प्रगति बनी रहती है।
रोहिणी नक्षत्र समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए यह नए घर की मजबूत नींव रखने के लिए उत्तम है।
मृगशीर्ष नक्षत्र विकास, सुख और पारिवारिक खुशहाली को बढ़ावा देता है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र धन, शांति और पारिवारिक संतुलन प्रदान करने वाला माना जाता है।
रेवती नक्षत्र गृहस्थ जीवन में सामंजस्य, संतोष और प्रचुरता का संकेत देता है।
इन शुभ नक्षत्रों में गृह प्रवेश करने से नए घर में सकारात्मक माहौल और दीर्घकालिक सुख की कामना की जाती है।
यह भी पढ़ें - Griha Pravesh Tips : गृह प्रवेश से पहले जान लें ये शुभ नियम, घर में आएगी खुशहाली
जनवरी 2026 के दौरान गृह प्रवेश के लिए कोई भी अनुकूल मुहूर्त निर्धारित नहीं है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस महीने ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती, इसलिए इस अवधि में गृह प्रवेश को टालना ही बेहतर समझा जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार फरवरी 2026 गृह प्रवेश के लिए एक अनुकूल महीना माना जाता है। यह समय माघ और फाल्गुन मास के अंतर्गत आता है, जिन्हें नए कार्यों की शुरुआत और नए घर में प्रवेश के लिए शुभ माना गया है। मौसम भी इस दौरान सुहावना रहता है, जिससे गृह प्रवेश (Griha Pravesh Auspicious Date) जैसे पारिवारिक आयोजन सहज और सुखद बन जाते हैं।
फरवरी 2026 में गृह प्रवेश के लिए कुछ विशेष तिथियां हैं, जहां तिथि और नक्षत्र का संयोग घर में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का संकेत देता है।
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
शुभ मुहूर्त समय |
|
4 फरवरी 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
रोहिणी |
सुबह 05:30 से 11:00 |
|
6 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
सप्तमी |
मृगशिरा |
सुबह 05:30 से 11:30 |
|
11 फरवरी 2026 |
बुधवार |
द्वादशी |
उत्तरा फाल्गुनी |
सुबह 06:00 से 12:00 |
|
19 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
पंचमी |
रेवती |
सुबह 05:30 से 10:45 |
|
20 फरवरी 2026 |
शुक्रवार |
षष्ठी |
रेवती |
सुबह 05:30 से 11:15 |
|
21 फरवरी 2026 |
शनिवार |
सप्तमी |
अश्विनी |
सुबह 06:00 से 12:00 |
|
25 फरवरी 2026 |
बुधवार |
एकादशी |
मृगशिरा |
सुबह 05:30 से 11:00 |
|
26 फरवरी 2026 |
गुरुवार |
द्वादशी |
रोहिणी |
सुबह 05:45 से 11:30 |
इन तिथियों पर गृह प्रवेश करने से घर में सुख-शांति, स्थायित्व और शुभता बनी रहती है। बेहतर परिणामों के लिए राहुकाल से बचते हुए और पारिवारिक कुंडली के अनुसार समय का चयन करना शुभ माना जाता है।
मार्च 2026 नए घर में प्रवेश के लिए एक अनुकूल और सकारात्मक माह माना जाता है। यह समय फाल्गुन से चैत्र मास की ओर बढ़ने का संकेत देता है, जो परिवर्तन, नई शुरुआत और उन्नति का प्रतीक है। इसी अवधि में होली और उगादी जैसे शुभ पर्व भी आते हैं, जिससे इस महीने की आध्यात्मिक ऊर्जा और अधिक प्रभावशाली हो जाती है। ऐसे में मार्च में किया गया गृह प्रवेश घर में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
मार्च 2026 में गृह प्रवेश (Griha Pravesh Muhurat 2026) के लिए चयनित शुभ तिथियां नीचे दी गई हैं, जहां तिथि और नक्षत्र का संतुलन गृह प्रवेश को मंगलमय बनाता है।
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
शुभ मुहूर्त समय |
|
4 मार्च 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
उत्तरा फाल्गुनी |
सुबह 05:30 से 11:15 |
|
5 मार्च 2026 |
गुरुवार |
षष्ठी |
चित्रा |
सुबह 06:00 से 12:00 |
|
6 मार्च 2026 |
शुक्रवार |
सप्तमी |
अनुराधा |
सुबह 05:30 से 11:30 |
|
9 मार्च 2026 |
सोमवार |
दशमी |
उत्तरा आषाढ़ |
सुबह 06:00 से 12:15 |
|
13 मार्च 2026 |
शुक्रवार |
चतुर्दशी |
रेवती |
सुबह 05:30 से 10:30 |
|
14 मार्च 2026 |
शनिवार |
पूर्णिमा |
रोहिणी |
सुबह 06:00 से 12:00 |
इन शुभ तिथियों पर गृह प्रवेश करने से नए घर में सकारात्मक ऊर्जा, पारिवारिक सामंजस्य और स्थायित्व का संचार होता है। बेहतर फल के लिए राहुकाल से बचें और संभव हो तो परिवार की कुंडली के अनुसार समय का चयन करें।
अप्रैल 2026 नए घर में प्रवेश के लिए एक अत्यंत अनुकूल महीना माना जाता है। यह समय चैत्र और वैशाख जैसे पावन महीनों के अंतर्गत आता है, जिन्हें नई शुरुआत, शुभ कार्य और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। वसंत ऋतु की ताजगी और नववर्ष का उत्साह इस महीने को गृह प्रवेश (Griha Pravesh Muhurat) जैसे मांगलिक संस्कार के लिए और भी खास बना देता है। माना जाता है कि इस दौरान किया गया गृह प्रवेश घर में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आता है।
अप्रैल 2026 में गृह प्रवेश के लिए एक विशेष शुभ मुहूर्त उपलब्ध है:
इस शुभ समय में गृह प्रवेश करने से नए घर में सकारात्मक वातावरण, स्थिरता और पारिवारिक खुशहाली बनी रहने की मान्यता है।
मई 2026 का महीना नए घर में प्रवेश के लिए अनुकूल माना गया है। यह समय हिंदू पंचांग के वैशाख और ज्येष्ठ महीनों के अंतर्गत आता है, जिन्हें नई शुरुआत, उन्नति और गृहस्थ जीवन की स्थिरता से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि इन महीनों में किया गया गृह प्रवेश घर में सुख-समृद्धि, आपसी तालमेल और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।
मई 2026 में गृह प्रवेश के लिए उपलब्ध शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
मुहूर्त समय |
|
4 मई 2026 |
सोमवार |
पंचमी |
अनुराधा |
प्रातः 5:30 से 11:15 बजे तक |
|
8 मई 2026 |
शुक्रवार |
नवमी |
उत्तरा आषाढ़ |
प्रातः 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
13 मई 2026 |
बुधवार |
चतुर्दशी |
उत्तरा भाद्रपद |
प्रातः 5:30 से 10:45 बजे तक |

नीचे जून 2026 के शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त उसी फॉर्मेट में दिए गए हैं, जैसा आपने पहले चाहा था
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
मुहूर्त समय |
|
24 जून 2026 |
बुधवार |
षष्ठी |
चित्रा |
सुबह 5:30 से 11:30 बजे तक |
|
26 जून 2026 |
शुक्रवार |
अष्टमी |
अनुराधा |
प्रातः 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
27 जून 2026 |
शनिवार |
नवमी |
उत्तरा आषाढ़ |
प्रातः 5:30 से 11:00 बजे तक |
नीचे जुलाई 2026 के शुभ गृह प्रवेश मुहूर्त दिए गए हैं—
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
मुहूर्त समय |
|
1 जुलाई 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
उत्तरा आषाढ़ |
सुबह 5:30 से 11:15 बजे तक |
|
2 जुलाई 2026 |
गुरुवार |
षष्ठी |
उत्तरा भाद्रपद |
प्रातः 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
6 जुलाई 2026 |
सोमवार |
दशमी |
रेवती |
प्रातः 5:30 से 10:45 बजे तक |
हिंदू पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वर्ष 2026 के अगस्त, सितंबर और अक्टूबर महीनों में गृह प्रवेश के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। इन महीनों में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति गृह प्रवेश (Griha Pravesh Muhurat) जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल नहीं मानी जाती।
ऐसे समय में नए घर में प्रवेश करने से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा या अस्थिरता न आए। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गृह प्रवेश के लिए वही समय चुनना श्रेष्ठ होता है जब पंचांग पूरी तरह अनुकूल हो, जिससे घर में शांति, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
इसलिए यदि आपकी योजना इन महीनों में गृह प्रवेश (Griha Pravesh Muhurat ) की थी, तो बेहतर होगा कि आप किसी आगामी शुभ मुहूर्त का इंतजार करें और अनुकूल समय में ही यह पावन संस्कार संपन्न करें।
नवंबर 2026 का महीना गृह प्रवेश के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह समय हिंदू पंचांग के कार्तिक और मार्गशीर्ष मास में आता है, जो पवित्रता, नई शुरुआत और शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। दीपावली के बाद की सकारात्मक और उत्सवपूर्ण ऊर्जा इस महीने को और भी खास बना देती है। सही मुहूर्त में किया गया गृह प्रवेश घर में सुख, शांति और समृद्धि के द्वार खोलता है।
नवंबर 2026 में गृह प्रवेश के लिए उपलब्ध शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं—
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
मुहूर्त समय |
|
11 नवंबर 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
अनुराधा |
प्रातः 5:30 से 11:00 बजे तक |
|
14 नवंबर 2026 |
शनिवार |
अष्टमी |
उत्तरा आषाढ़ |
प्रातः 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
20 नवंबर 2026 |
शुक्रवार |
चतुर्दशी |
रेवती |
सुबह 5:30 से 10:30 बजे तक |
|
21 नवंबर 2026 |
शनिवार |
पूर्णिमा |
रोहिणी |
सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
25 नवंबर 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
मृगशिरा |
प्रातः 5:30 से 11:15 बजे तक |
|
26 नवंबर 2026 |
गुरुवार |
षष्ठी |
रोहिणी |
सुबह 5:45 से 11:30 बजे तक |
दिसंबर 2026 का महीना नए घर में प्रवेश के लिए शुभ संकेत लेकर आता है। यह समय मार्गशीर्ष और पौष मास के अंतर्गत आता है, जिन्हें आध्यात्मिक दृष्टि से पवित्र और फलदायी माना जाता है। वर्ष के अंत में किया गया गृह प्रवेश न केवल एक नई शुरुआत का प्रतीक होता है, बल्कि घर में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और ईश्वरीय कृपा का भी आह्वान करता है। यदि आप दिसंबर में अपने नए आशियाने में कदम रखने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए शुभ मुहूर्त आपके लिए उपयुक्त रहेंगे।
|
तारीख |
दिन |
तिथि |
नक्षत्र |
मुहूर्त समय |
|
2 दिसंबर 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
रेवती |
प्रातः 5:30 से 11:00 बजे तक |
|
3 दिसंबर 2026 |
गुरुवार |
षष्ठी |
रोहिणी |
सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
4 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
सप्तमी |
मृगशिरा |
सुबह 5:30 से 11:15 बजे तक |
|
11 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
चतुर्दशी |
उत्तरा फाल्गुनी |
प्रातः 5:30 से 10:45 बजे तक |
|
12 दिसंबर 2026 |
शनिवार |
पूर्णिमा |
रोहिणी |
सुबह 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
18 दिसंबर 2026 |
शुक्रवार |
षष्ठी |
अनुराधा |
सुबह 5:30 से 11:15 बजे तक |
|
19 दिसंबर 2026 |
शनिवार |
सप्तमी |
उत्तरा आषाढ़ |
प्रातः 6:00 से दोपहर 12:00 बजे तक |
|
30 दिसंबर 2026 |
बुधवार |
पंचमी |
रेवती |
प्रातः 5:30 से 11:00 बजे तक |
गृह प्रवेश मुहूर्त (Griha Pravesh Muhurat 2026) का सही चयन नए घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा की मजबूत नींव रखता है। शुभ तिथि, नक्षत्र और समय में किया गया गृह प्रवेश न केवल वास्तु दोषों को शांत करता है, बल्कि परिवार के जीवन में समृद्धि, स्थिरता और खुशहाली भी लाता है। इसलिए नए घर में प्रवेश से पहले पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उचित मुहूर्त का चयन करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।
यह भी पढ़ें - Mandir Direction As Per vastu: वास्तु के अनुसार मंदिर की दिशा क्या हो, भूलकर भी ना करे इन जगहों पर मंदिर की स्थापना