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February 9, 2026 Blog

Vivah Muhurat 2026: साल 2026 में जनवरी से दिसंबर तक कौन कौन से है विवाह के शुभ मुहूर्त

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Vivah Muhurat 2026: नए वर्ष की शुरुआत होते ही अधिकतर लोग आने वाले महीनों में विवाह और अन्य मांगलिक संस्कारों की तैयारी में जुट जाते हैं। विवाह संस्कार को वेदों में पंद्रहवां संस्कार बताया गया है, जो मनुष्य को धर्म, कर्तव्य और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह केवल सामाजिक रिश्ता नहीं, बल्कि दो आत्माओं का आध्यात्मिक मिलन है, जहां दो व्यक्ति प्रेम, विश्वास और सम्मान के साथ जीवन की नई यात्रा शुरू करते हैं। हिंदू विवाह की परंपराओं में अग्नि के समक्ष लिए गए सात वचन और कन्यादान जैसे पवित्र अनुष्ठान इस बंधन को और भी दिव्य बना देते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले मुहूर्त देखना बेहद जरूरी माना गया है। मान्यता है कि सही समय पर किए गए कार्य सहजता से पूर्ण होते हैं और सकारात्मक फल देते हैं, जबकि अशुभ या बिना मुहूर्त (Vivah shubh Muhurat 2026) के किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना बढ़ जाती है। शास्त्रों में विवाह को पवित्र बंधन कहा गया है, इसलिए इसे शुभ तिथि और उचित समय में संपन्न करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

विवाह से पहले कुंडली मिलान और विवाह योग्य तिथियों का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल के कुछ महीने विवाह के लिए खास तौर पर अनुकूल माने जाते हैं, वहीं कुछ समय ऐसे भी होते हैं जब विवाह करना वर्जित माना जाता है। जब वर-वधू का रिश्ता तय हो जाता है, तब दोनों परिवार मिलकर शुभ तिथि और सही मुहूर्त की तलाश शुरू करते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में विवाह के लिए कई शुभ अवसर उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं जनवरी से दिसंबर 2026 तक विवाह के लिए कौन-कौन से दिन शुभ मुहूर्त (Best Muhurat for Marriage 2026) लेकर आ रहे हैं।

विवाह मुहूर्त 2026 का महत्व (The importance of Vivah Muhurat 2026)

विवाह हिंदू धर्म में केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र संगम है। इसे जीवन का वह महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, जहां से व्यक्ति नई जिम्मेदारियों और कर्तव्यों की ओर बढ़ता है। अग्नि को साक्षी मानकर लिए गए सात फेरे दांपत्य जीवन की मजबूती का प्रतीक होते हैं। कन्यादान की परंपरा में माता-पिता अपनी पुत्री को वर को सौंपते हैं, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वधू को लक्ष्मी स्वरूप और वर को विष्णु स्वरूप माना जाता है, इसलिए विवाह एक दिव्य और मंगलकारी बंधन कहलाता है। इस पवित्र संबंध की शुरुआत शुभ मुहूर्त में करना सुख-समृद्धि और आपसी सामंजस्य के लिए लाभकारी होता है।

शुभ विवाह तिथियों का महत्व क्या है? (What is the importance of Vivah Shubh Dates)

भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक परंपराओं के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहां विवाह समारोह को बड़े उत्साह, श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। शादी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कई पवित्र रीति-रिवाजों का संगम होती है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण परंपरा है—शुभ मुहूर्त (Vivah Shubh Muhurat 2026) का चयन। मान्यता है कि सही समय पर किया गया विवाह जीवन में सुख, शांति और स्थिरता लाता है। इसलिए परिवार विवाह की तिथि तय करने से पहले पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं का विशेष ध्यान रखते हैं।


जनवरी 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (January 2026 Vivah Muhurat)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल नहीं होती, तब विवाह जैसे पवित्र और शुभ संस्कार को करना उचित नहीं माना जाता। ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि अशुभ ग्रह स्थिति में किया गया विवाह भविष्य में बाधाओं का कारण बन सकता है। वर्ष 2026 में कुछ ऐसे महीने भी हैं, जब नक्षत्रों और ग्रहों का संयोग विवाह के लिए अनुकूल नहीं बन रहा है। इसी कारण इन महीनों में विवाह के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। ऐसे समय में विवाह की योजना बनाने से पहले पंचांग और ज्योतिषीय सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

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फरवरी 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (February 2026 Vivah Muhurat)

फरवरी का महीना ठंडी मौसम, खुशनुमा माहौल और नए रिश्तों की शुरुआत के लिए बेहद खास माना जाता है। अगर आप फरवरी 2026 (Vivah Muhurat 2026) में विवाह का विचार कर रहे हैं, तो सही शुभ मुहूर्त चुनना आपके वैवाहिक जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और मजबूती प्रदान कर सकता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस महीने कुल 12 शुभ विवाह तिथियां उपलब्ध हैं।

ध्यान देने योग्य है कि होलाष्टक के दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। वर्ष 2026 में होलाष्टक 25 फरवरी से 3 मार्च तक रहेगा, इसलिए इस अवधि से पहले विवाह संपन्न करना शुभ रहेगा।

नीचे फरवरी 2026 के विवाह मुहूर्त को सरल और अलग प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है:

तारीख दिन शुभ समय (मुहूर्त) नक्षत्र
5 फरवरी 2026 गुरुवार सुबह 07:08 से अगले दिन 07:07 तक उत्तर फाल्गुनी, हस्त
6 फरवरी 2026 शुक्रवार सुबह 07:07 से रात 11:37 तक हस्त
8 फरवरी 2026 रविवार रात 12:08 से सुबह 05:02 तक स्वाती
10 फरवरी 2026 मंगलवार सुबह 07:55 से रात 01:42 तक अनुराधा
12 फरवरी 2026 गुरुवार रात 08:20 से सुबह 03:06 तक मूल
14 फरवरी 2026 शनिवार शाम 06:16 से सुबह 03:18 तक उत्तराषाढ़ा
19 फरवरी 2026 गुरुवार रात 08:52 से सुबह 06:56 तक उत्तर भाद्रपद
20 फरवरी 2026 शुक्रवार सुबह 06:56 से रात 01:51 तक उत्तर भाद्रपद, रेवती
21 फरवरी 2026 शनिवार दोपहर 01:00 से 01:22 तक रेवती
24 फरवरी 2026 मंगलवार सुबह 04:26 से अगले दिन 06:51 तक रोहिणी
25 फरवरी 2026 बुधवार रात 01:28 से सुबह 06:50 तक मृगशिरा
26 फरवरी 2026 गुरुवार सुबह 06:50 से दोपहर 12:11 तक मृगशिरा


मार्च 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (March 2026 Vivah Muhurat)

मार्च का महीना नई शुरुआत, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस समय विवाह जैसे पवित्र संस्कार को संपन्न करना शुभ और फलदायी माना जाता है। यदि आप मार्च 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके वैवाहिक जीवन को सुख, स्थिरता और समृद्धि प्रदान कर सकता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च 2026 में 8 तिथियों पर कुल 9 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि होलाष्टक 25 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक रहेगा, इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए होलाष्टक समाप्त होने के बाद के मुहूर्त अधिक उपयुक्त रहेंगे।

नीचे मार्च 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त सरल और स्पष्ट तालिका में दिए गए हैं:

तारीख दिन शुभ विवाह मुहूर्त नक्षत्र
2 मार्च 2026 सोमवार दोपहर 01:46 से शाम 05:55 तक मघा
2 मार्च 2026 सोमवार सुबह 05:28 से अगले दिन 06:47 तक मघा
3 मार्च 2026 मंगलवार सुबह 06:47 से 07:31 तक पूर्व फाल्गुनी, मघा
4 मार्च 2026 बुधवार सुबह 07:39 से 08:52 तक उत्तर फाल्गुनी
7 मार्च 2026 शनिवार सुबह 11:15 से अगले दिन 06:43 तक स्वाति
8 मार्च 2026 रविवार सुबह 06:43 से 07:04 तक स्वाति
9 मार्च 2026 सोमवार शाम 04:11 से रात 11:27 तक अनुराधा
11 मार्च 2026 बुधवार सुबह 04:41 से अगले दिन 06:39 तक मूल
12 मार्च 2026 गुरुवार सुबह 06:39 से 09:59 तक मूल

अप्रैल 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (April 2026 Vivah Muhurat)

अप्रैल का महीना वसंत ऋतु की ताजगी और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस समय विवाह जैसे पवित्र संस्कार को संपन्न करना विशेष रूप से शुभ फलदायी होता है। यदि आप अप्रैल 2026 में विवाह की योजना (Vivah Muhurat 2026) बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके दांपत्य जीवन को सुख और स्थिरता प्रदान कर सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल 2026 में 8 तिथियों पर कुल 9 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। इस महीने की 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल की तिथियां विवाह के लिए विशेष रूप से अनुकूल मानी गई हैं।
नीचे अप्रैल 2026 के विवाह मुहूर्त संक्षिप्त और स्पष्ट तालिका में दिए गए हैं:

तारीख दिन शुभ विवाह समय नक्षत्र
15 अप्रैल 2026 बुधवार दोपहर 03:22 से रात 10:31 तक उत्तर भाद्रपद
20 अप्रैल 2026 सोमवार सुबह 06:02 से शाम 05:49 तक रोहिणी
20 अप्रैल 2026 सोमवार सुबह 04:14 से अगले दिन 06:01 तक मृगशिरा
21 अप्रैल 2026 मंगलवार सुबह 06:01 से दोपहर 12:31 तक मृगशिरा
25 अप्रैल 2026 शनिवार रात 02:10 से अगले दिन 05:57 तक मघा
26 अप्रैल 2026 रविवार सुबह 05:57 से रात 08:27 तक मघा
27 अप्रैल 2026 सोमवार रात 09:18 से 09:36 तक उत्तर फाल्गुनी, पूर्व फाल्गुनी
28 अप्रैल 2026 मंगलवार रात 09:04 से अगले दिन 05:55 तक उत्तर फाल्गुनी, हस्त
29 अप्रैल 2026 बुधवार सुबह 05:55 से रात 08:52 तक हस्त

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मई 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (May 2026 Vivah Muhurat)

मई का महीना प्रेम, उत्साह और नए रिश्तों की शुरुआत के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। गर्मियों की शुरुआत के साथ यह समय विवाह जैसे पावन संस्कार को संपन्न करने के लिए शुभ अवसर प्रदान करता है। यदि आप मई 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो इस माह के शुभ मुहूर्त आपके वैवाहिक जीवन को सुख और स्थिरता देने में सहायक हो सकते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार मई 2026 में विवाह के लिए 8 शुभ तिथियां (Vivah Shubh Dates ) उपलब्ध हैं। इस महीने की 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई की तिथियां विवाह के लिए विशेष रूप से अनुकूल मानी गई हैं।
नीचे मई 2026 के विवाह मुहूर्त संक्षिप्त और सरल तालिका में दिए गए हैं:

तारीख दिन शुभ विवाह समय नक्षत्र
1 मई 2026 शुक्रवार सुबह 10:00 से रात 09:13 तक स्वाती
3 मई 2026 रविवार सुबह 07:10 से रात 10:28 तक अनुराधा
5 मई 2026 मंगलवार शाम 07:39 से अगले दिन 05:51 तक मूल
6 मई 2026 बुधवार सुबह 05:51 से दोपहर 03:54 तक मूल
7 मई 2026 गुरुवार शाम 06:46 से अगले दिन 05:49 तक उत्तराषाढ़ा
8 मई 2026 शुक्रवार सुबह 05:49 से दोपहर 12:21 तक उत्तराषाढ़ा
13 मई 2026 बुधवार रात 08:55 से अगले दिन 05:46 तक उत्तर भाद्रपद, रेवती
14 मई 2026 गुरुवार सुबह 05:46 से शाम 04:59 तक रेवती

जून 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (June 2026 Vivah Muhurat)

जून का महीना प्रकृति की हरियाली और नई शुरुआत की ऊर्जा से भरा होता है, इसलिए इस समय विवाह जैसे पावन संस्कार को संपन्न करना शुभ माना जाता है। अगर आप जून 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके वैवाहिक जीवन को सुख, स्थिरता और समृद्धि देने में सहायक हो सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार जून 2026 में विवाह के लिए 8 शुभ तिथियां उपलब्ध हैं। इस महीने की 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 और 29 जून की तिथियां विवाह के लिए अनुकूल मानी गई हैं।
नीचे जून 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त सरल और स्पष्ट रूप में दिए गए हैं:

तारीख दिन शुभ विवाह समय नक्षत्र
21 जून 2026 रविवार सुबह 09:31 से 11:21 तक उत्तर फाल्गुनी
22 जून 2026 सोमवार सुबह 10:31 से अगले दिन 05:42 तक हस्त
23 जून 2026 मंगलवार सुबह 05:42 से 10:13 तक हस्त
24 जून 2026 बुधवार दोपहर 01:59 से अगले दिन 05:43 तक स्वाती
25 जून 2026 गुरुवार सुबह 05:43 से 07:08 तक स्वाती
26 जून 2026 शुक्रवार शाम 07:16 से अगले दिन 05:43 तक अनुराधा
27 जून 2026 शनिवार सुबह 05:43 से रात 10:11 तक अनुराधा
29 जून 2026 सोमवार शाम 04:16 से अगले दिन 04:03 तक मूल

जुलाई 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (July 2026 Vivah Shubh Muhurat )

जुलाई का महीना ऊर्जा, उत्साह और नए संकल्पों का प्रतीक माना जाता है। इस समय विवाह (Vivah muhurat) का बंधन जीवन में स्थिरता और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। यदि आप जुलाई 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग के अनुसार इस महीने कुछ चुनिंदा लेकिन शुभ तिथियां उपलब्ध हैं, जो वैवाहिक जीवन की मजबूत शुरुआत के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
हिंदू कैलेंडर के अनुसार जुलाई 2026 में विवाह के लिए 5 शुभ तिथियां हैं। इस महीने की 1, 6, 7, 11 और 12 जुलाई को विवाह संस्कार संपन्न करना शुभ फलदायी माना गया है।
नीचे जुलाई 2026 के विवाह शुभ मुहूर्त सरल रूप में दिए गए हैं:

तारीख दिन शुभ विवाह समय नक्षत्र
1 जुलाई 2026 बुधवार सुबह 06:51 से दोपहर 04:04 तक उत्तराषाढ़ा
6 जुलाई 2026 सोमवार रात 01:41 से अगले दिन सुबह 05:47 तक उत्तराभाद्रपद
7 जुलाई 2026 मंगलवार सुबह 05:47 से दोपहर 02:31 तक उत्तराभाद्रपद
11 जुलाई 2026 शनिवार रात 12:05 से अगले दिन सुबह 05:49 तक रोहिणी
12 जुलाई 2026 रविवार सुबह 05:49 से रात 10:29 तक रोहिणी, मृगशिरा

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अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2026 विवाह शुभ मुहूर्त 

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार विवाह जैसे पवित्र संस्कार के लिए ग्रहों और नक्षत्रों का अनुकूल होना बेहद आवश्यक माना जाता है। जब आकाशीय स्थितियां अनुकूल न हों, तो इस शुभ कार्य को करने से बचने की सलाह दी जाती है।
वर्ष 2026 में अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के दौरान ग्रह–नक्षत्रों की स्थिति विवाह के लिए अनुकूल नहीं बन रही है। इसी कारण इन तीनों महीनों में विवाह के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस अवधि में शादी करने की बजाय उचित समय की प्रतीक्षा करना अधिक लाभकारी माना जाता है।
ऐसा विश्वास है कि जब विवाह सही मुहूर्त (Vivah Muhurat 2026) में संपन्न होता है, तो दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और समृद्धि बनी रहती है। इसलिए बेहतर यही है कि ग्रहों की स्थिति अनुकूल होने पर ही विवाह की तिथि तय की जाए, ताकि आने वाला वैवाहिक जीवन मंगलमय और सफल हो सके।

नवंबर 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (November 2026 Vivah Shubh Muhurat)

नवंबर का महीना शादियों के लिए बेहद खास माना जाता है। ठंडी मौसम की शुरुआत, हल्की गुलाबी धूप और उत्सव जैसा माहौल इस समय को विवाह के लिए और भी सुंदर बना देता है। यही वजह है कि कई जोड़े अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए नवंबर का चयन करते हैं। यदि आप नवंबर 2026 में विवाह की योजना बना रहे हैं, तो इस महीने के शुभ मुहूर्त आपके विवाह को मंगलमय बना सकते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार, नवंबर 2026 में कुल 4 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। इनमें 21, 24, 25 और 26 नवंबर की तिथियां विवाह के लिए विशेष रूप से शुभ मानी गई हैं। सही मुहूर्त में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है। नीचे नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat) का पूरा विवरण दिया गया है।

तिथि दिन शुभ विवाह समय नक्षत्र
21 नवंबर 2026 शनिवार सुबह 06:44 बजे से 22 नवंबर रात 12:08 बजे तक रेवती
24 नवंबर 2026 मंगलवार रात 11:25 बजे से 25 नवंबर सुबह 06:47 बजे तक रोहिणी
25 नवंबर 2026 बुधवार सुबह 06:47 बजे से 26 नवंबर सुबह 06:48 बजे तक रोहिणी, मृगशिरा
26 नवंबर 2026 गुरुवार सुबह 06:48 बजे से शाम 05:47 बजे तक मृगशिरा


दिसंबर 2026 विवाह शुभ मुहूर्त (December 2026 Vivah Muhurat)

दिसंबर का महीना सर्दियों की हल्की ठंड, उत्सवों की रौनक और नए जीवन की शुरुआत का एहसास लेकर आता है। यह समय रिश्तों को नाम देने और जीवनसाथी के साथ एक नई यात्रा शुरू करने के लिए बेहद खास माना जाता है। अगर आप दिसंबर 2026 में विवाह करने की योजना बना रहे हैं, तो सही शुभ मुहूर्त का चयन आपके वैवाहिक जीवन को सुखद और मंगलमय बनाने में सहायक हो सकता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2026 में विवाह के लिए 2, 3, 4, 5 और 6 तारीखें शुभ मानी गई हैं। इन तिथियों पर उपलब्ध शुभ योग और नक्षत्र विवाह संस्कार के लिए अनुकूल माने जाते हैं। नीचे दिए गए मुहूर्त समय (Vivah Muhurat ) को देखकर आप अपने खास दिन की योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं।

तिथि दिन शुभ विवाह समय नक्षत्र
2 दिसंबर 2026 बुधवार सुबह 10:32 बजे से 3 दिसंबर सुबह 06:53 बजे तक उत्तर फाल्गुनी
3 दिसंबर 2026 गुरुवार सुबह 06:53 बजे से 10:53 बजे तक उत्तर फाल्गुनी, हस्त
3 दिसंबर 2026 गुरुवार रात 11:03 बजे से 4 दिसंबर सुबह 06:53 बजे तक
4 दिसंबर 2026 शुक्रवार सुबह 06:53 बजे से 10:22 बजे तक हस्त
5 दिसंबर 2026 शनिवार सुबह 11:48 बजे से 6 दिसंबर सुबह 06:55 बजे तक स्वाति
6 दिसंबर 2026 रविवार सुबह 06:55 बजे से 07:42 बजे तक स्वाति


ध्यान रखें: विवाह की अंतिम तिथि तय करने से पहले वर–वधू की कुंडली मिलान और स्थानीय पंचांग की जांच अवश्य करें, ताकि विवाह जीवन सुखद और मंगलमय बना रहे।

साल 2026 के अबूझ मुहूर्त (Abhujh Muhurat 2026)

ज्योतिष में कुछ तिथियां ऐसी मानी गई हैं, जिन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इन खास दिनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विवाह या किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती। माना जाता है कि इन तिथियों पर ग्रहों की स्थिति स्वयं ही इतनी शुभ होती है कि बिना किसी बाधा के मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं।
साल भर में ऐसे केवल पाँच ही अबूझ मुहूर्त आते हैं, जिन्हें सिद्ध मुहूर्त (Vivah Muhurat) भी कहा जाता है। विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए ये दिन विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।
साल 2026 के प्रमुख अबूझ विवाह मुहूर्त इस प्रकार हैं—

  • बसंत पंचमी: 23 जनवरी 2026 — विद्या और शुभ शुरुआत का प्रतीक दिन
  • फुलेरा दूज: 19 फरवरी 2026 — बिना मुहूर्त विवाह के लिए प्रसिद्ध
  • अक्षय तृतीया: 19 अप्रैल 2026 — स्थायी फल देने वाला अत्यंत शुभ दिन
  • देवउठनी एकादशी: 30 सितंबर 2026 — भगवान विष्णु के जागरण के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत
  • विजयादशमी (दशहरा): 20 अक्टूबर 2026 — विजय और मंगल कार्यों का प्रतीक


इन दिनों में विवाह करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है और ऐसा विश्वास है कि इससे दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और समृद्धि बनी रहती है। इसलिए बहुत से लोग अबूझ मुहूर्त को विवाह के लिए सर्वोत्तम विकल्प मानते हैं।

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2026 में विवाह के लिए शुभ नक्षत्र (Auspicious Nakshatra for Marriage in 2026) 

वैदिक ज्योतिष के अनुसार विवाह की तिथि तय करते समय नक्षत्रों की भूमिका सबसे अहम होती है। कुछ नक्षत्र विशेष रूप से विवाह के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं, जैसे—रोहिणी, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त और स्वाति।
साल 2026 में जो विवाह तिथियां (Best Dates For Marriage 2026) इन नक्षत्रों, तिथियों और ग्रहों की अनुकूल स्थिति के साथ आएंगी, वे दांपत्य जीवन के लिए श्रेष्ठ मानी जाएंगी। यदि वर-वधू की कुंडली के अनुसार मुहूर्त का चयन किया जाए, तो आपसी समझ, प्रेम और सौभाग्य में और भी वृद्धि होती है।

विवाह के लिए मुहूर्त क्यों आवश्यक है (Why is Muhurat necessary for marriage?)

हिंदू मान्यता के अनुसार विवाह सात जन्मों का पवित्र बंधन है। शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह दंपति के जीवन में— आपसी प्रेम और विश्वास बढ़ाता है, आर्थिक और पारिवारिक स्थिरता देता है, कलह और बाधाओं को कम करता है, संतान सुख और समृद्धि प्रदान करता है। यद्यपि विवाह बिना मुहूर्त (Vivah Muhurat) के भी संभव है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र सही समय के चयन की सलाह देता है ताकि भविष्य में अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके।

मुहूर्त का अर्थ और प्रभाव (The meaning and influence of Muhurat)

मुहूर्त वह समय होता है जब ग्रह-नक्षत्रों की ऊर्जा सकारात्मक रूप में कार्य करती है। इस अवधि में शुरू किया गया कार्य शुभ फल देता है। विवाह यदि सही मुहूर्त में संपन्न हो तो दांपत्य जीवन में संतुलन, प्रेम, धैर्य और आध्यात्मिक जुड़ाव बना रहता है।


निष्कर्ष (Conclusion)

साल 2026 में विवाह की योजना बना रहे लोगों के लिए शुभ मुहूर्तों की सही जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है। वैदिक परंपरा में शुभ तिथि और अनुकूल ग्रह-नक्षत्रों में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और समृद्धि लाने वाला माना गया है। इस लेख में बताए गए मासिक विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat ) और अबूझ मुहूर्त आपको सही समय चुनने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। अंततः, कुंडली मिलान और पारिवारिक परामर्श के साथ शुभ मुहूर्त में विवाह करना एक मंगलमय और सफल वैवाहिक जीवन की मजबूत शुरुआत साबित हो सकता है।