Vivah Muhurat 2026: नए वर्ष की शुरुआत होते ही अधिकतर लोग आने वाले महीनों में विवाह और अन्य मांगलिक संस्कारों की तैयारी में जुट जाते हैं। विवाह संस्कार को वेदों में पंद्रहवां संस्कार बताया गया है, जो मनुष्य को धर्म, कर्तव्य और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह केवल सामाजिक रिश्ता नहीं, बल्कि दो आत्माओं का आध्यात्मिक मिलन है, जहां दो व्यक्ति प्रेम, विश्वास और सम्मान के साथ जीवन की नई यात्रा शुरू करते हैं। हिंदू विवाह की परंपराओं में अग्नि के समक्ष लिए गए सात वचन और कन्यादान जैसे पवित्र अनुष्ठान इस बंधन को और भी दिव्य बना देते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार किसी भी शुभ कार्य से पहले मुहूर्त देखना बेहद जरूरी माना गया है। मान्यता है कि सही समय पर किए गए कार्य सहजता से पूर्ण होते हैं और सकारात्मक फल देते हैं, जबकि अशुभ या बिना मुहूर्त (Vivah shubh Muhurat 2026) के किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना बढ़ जाती है। शास्त्रों में विवाह को पवित्र बंधन कहा गया है, इसलिए इसे शुभ तिथि और उचित समय में संपन्न करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
विवाह से पहले कुंडली मिलान और विवाह योग्य तिथियों का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार साल के कुछ महीने विवाह के लिए खास तौर पर अनुकूल माने जाते हैं, वहीं कुछ समय ऐसे भी होते हैं जब विवाह करना वर्जित माना जाता है। जब वर-वधू का रिश्ता तय हो जाता है, तब दोनों परिवार मिलकर शुभ तिथि और सही मुहूर्त की तलाश शुरू करते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार वर्ष 2026 में विवाह के लिए कई शुभ अवसर उपलब्ध हैं। आइए जानते हैं जनवरी से दिसंबर 2026 तक विवाह के लिए कौन-कौन से दिन शुभ मुहूर्त (Best Muhurat for Marriage 2026) लेकर आ रहे हैं।
विवाह हिंदू धर्म में केवल दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का पवित्र संगम है। इसे जीवन का वह महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, जहां से व्यक्ति नई जिम्मेदारियों और कर्तव्यों की ओर बढ़ता है। अग्नि को साक्षी मानकर लिए गए सात फेरे दांपत्य जीवन की मजबूती का प्रतीक होते हैं। कन्यादान की परंपरा में माता-पिता अपनी पुत्री को वर को सौंपते हैं, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार वधू को लक्ष्मी स्वरूप और वर को विष्णु स्वरूप माना जाता है, इसलिए विवाह एक दिव्य और मंगलकारी बंधन कहलाता है। इस पवित्र संबंध की शुरुआत शुभ मुहूर्त में करना सुख-समृद्धि और आपसी सामंजस्य के लिए लाभकारी होता है।
भारत अपनी सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक परंपराओं के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यहां विवाह समारोह को बड़े उत्साह, श्रद्धा और विधि-विधान के साथ मनाया जाता है। शादी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि कई पवित्र रीति-रिवाजों का संगम होती है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण परंपरा है—शुभ मुहूर्त (Vivah Shubh Muhurat 2026) का चयन। मान्यता है कि सही समय पर किया गया विवाह जीवन में सुख, शांति और स्थिरता लाता है। इसलिए परिवार विवाह की तिथि तय करने से पहले पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं का विशेष ध्यान रखते हैं।

फरवरी का महीना ठंडी मौसम, खुशनुमा माहौल और नए रिश्तों की शुरुआत के लिए बेहद खास माना जाता है। अगर आप फरवरी 2026 (Vivah Muhurat 2026) में विवाह का विचार कर रहे हैं, तो सही शुभ मुहूर्त चुनना आपके वैवाहिक जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और मजबूती प्रदान कर सकता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस महीने कुल 12 शुभ विवाह तिथियां उपलब्ध हैं।
ध्यान देने योग्य है कि होलाष्टक के दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। वर्ष 2026 में होलाष्टक 25 फरवरी से 3 मार्च तक रहेगा, इसलिए इस अवधि से पहले विवाह संपन्न करना शुभ रहेगा।
नीचे फरवरी 2026 के विवाह मुहूर्त को सरल और अलग प्रारूप में प्रस्तुत किया गया है:
| तारीख | दिन | शुभ समय (मुहूर्त) | नक्षत्र |
| 5 फरवरी 2026 | गुरुवार | सुबह 07:08 से अगले दिन 07:07 तक | उत्तर फाल्गुनी, हस्त |
| 6 फरवरी 2026 | शुक्रवार | सुबह 07:07 से रात 11:37 तक | हस्त |
| 8 फरवरी 2026 | रविवार | रात 12:08 से सुबह 05:02 तक | स्वाती |
| 10 फरवरी 2026 | मंगलवार | सुबह 07:55 से रात 01:42 तक | अनुराधा |
| 12 फरवरी 2026 | गुरुवार | रात 08:20 से सुबह 03:06 तक | मूल |
| 14 फरवरी 2026 | शनिवार | शाम 06:16 से सुबह 03:18 तक | उत्तराषाढ़ा |
| 19 फरवरी 2026 | गुरुवार | रात 08:52 से सुबह 06:56 तक | उत्तर भाद्रपद |
| 20 फरवरी 2026 | शुक्रवार | सुबह 06:56 से रात 01:51 तक | उत्तर भाद्रपद, रेवती |
| 21 फरवरी 2026 | शनिवार | दोपहर 01:00 से 01:22 तक | रेवती |
| 24 फरवरी 2026 | मंगलवार | सुबह 04:26 से अगले दिन 06:51 तक | रोहिणी |
| 25 फरवरी 2026 | बुधवार | रात 01:28 से सुबह 06:50 तक | मृगशिरा |
| 26 फरवरी 2026 | गुरुवार | सुबह 06:50 से दोपहर 12:11 तक | मृगशिरा |
मार्च का महीना नई शुरुआत, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस समय विवाह जैसे पवित्र संस्कार को संपन्न करना शुभ और फलदायी माना जाता है। यदि आप मार्च 2026 में शादी की योजना बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके वैवाहिक जीवन को सुख, स्थिरता और समृद्धि प्रदान कर सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार मार्च 2026 में 8 तिथियों पर कुल 9 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि होलाष्टक 25 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक रहेगा, इस दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए होलाष्टक समाप्त होने के बाद के मुहूर्त अधिक उपयुक्त रहेंगे।
नीचे मार्च 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त सरल और स्पष्ट तालिका में दिए गए हैं:
| तारीख | दिन | शुभ विवाह मुहूर्त | नक्षत्र |
| 2 मार्च 2026 | सोमवार | दोपहर 01:46 से शाम 05:55 तक | मघा |
| 2 मार्च 2026 | सोमवार | सुबह 05:28 से अगले दिन 06:47 तक | मघा |
| 3 मार्च 2026 | मंगलवार | सुबह 06:47 से 07:31 तक | पूर्व फाल्गुनी, मघा |
| 4 मार्च 2026 | बुधवार | सुबह 07:39 से 08:52 तक | उत्तर फाल्गुनी |
| 7 मार्च 2026 | शनिवार | सुबह 11:15 से अगले दिन 06:43 तक | स्वाति |
| 8 मार्च 2026 | रविवार | सुबह 06:43 से 07:04 तक | स्वाति |
| 9 मार्च 2026 | सोमवार | शाम 04:11 से रात 11:27 तक | अनुराधा |
| 11 मार्च 2026 | बुधवार | सुबह 04:41 से अगले दिन 06:39 तक | मूल |
| 12 मार्च 2026 | गुरुवार | सुबह 06:39 से 09:59 तक | मूल |
अप्रैल का महीना वसंत ऋतु की ताजगी और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस समय विवाह जैसे पवित्र संस्कार को संपन्न करना विशेष रूप से शुभ फलदायी होता है। यदि आप अप्रैल 2026 में विवाह की योजना (Vivah Muhurat 2026) बना रहे हैं, तो सही मुहूर्त का चयन आपके दांपत्य जीवन को सुख और स्थिरता प्रदान कर सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार अप्रैल 2026 में 8 तिथियों पर कुल 9 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। इस महीने की 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल की तिथियां विवाह के लिए विशेष रूप से अनुकूल मानी गई हैं।
नीचे अप्रैल 2026 के विवाह मुहूर्त संक्षिप्त और स्पष्ट तालिका में दिए गए हैं:
| तारीख | दिन | शुभ विवाह समय | नक्षत्र |
| 15 अप्रैल 2026 | बुधवार | दोपहर 03:22 से रात 10:31 तक | उत्तर भाद्रपद |
| 20 अप्रैल 2026 | सोमवार | सुबह 06:02 से शाम 05:49 तक | रोहिणी |
| 20 अप्रैल 2026 | सोमवार | सुबह 04:14 से अगले दिन 06:01 तक | मृगशिरा |
| 21 अप्रैल 2026 | मंगलवार | सुबह 06:01 से दोपहर 12:31 तक | मृगशिरा |
| 25 अप्रैल 2026 | शनिवार | रात 02:10 से अगले दिन 05:57 तक | मघा |
| 26 अप्रैल 2026 | रविवार | सुबह 05:57 से रात 08:27 तक | मघा |
| 27 अप्रैल 2026 | सोमवार | रात 09:18 से 09:36 तक | उत्तर फाल्गुनी, पूर्व फाल्गुनी |
| 28 अप्रैल 2026 | मंगलवार | रात 09:04 से अगले दिन 05:55 तक | उत्तर फाल्गुनी, हस्त |
| 29 अप्रैल 2026 | बुधवार | सुबह 05:55 से रात 08:52 तक | हस्त |
| तारीख | दिन | शुभ विवाह समय | नक्षत्र |
| 1 मई 2026 | शुक्रवार | सुबह 10:00 से रात 09:13 तक | स्वाती |
| 3 मई 2026 | रविवार | सुबह 07:10 से रात 10:28 तक | अनुराधा |
| 5 मई 2026 | मंगलवार | शाम 07:39 से अगले दिन 05:51 तक | मूल |
| 6 मई 2026 | बुधवार | सुबह 05:51 से दोपहर 03:54 तक | मूल |
| 7 मई 2026 | गुरुवार | शाम 06:46 से अगले दिन 05:49 तक | उत्तराषाढ़ा |
| 8 मई 2026 | शुक्रवार | सुबह 05:49 से दोपहर 12:21 तक | उत्तराषाढ़ा |
| 13 मई 2026 | बुधवार | रात 08:55 से अगले दिन 05:46 तक | उत्तर भाद्रपद, रेवती |
| 14 मई 2026 | गुरुवार | सुबह 05:46 से शाम 04:59 तक | रेवती |
| तारीख | दिन | शुभ विवाह समय | नक्षत्र |
| 21 जून 2026 | रविवार | सुबह 09:31 से 11:21 तक | उत्तर फाल्गुनी |
| 22 जून 2026 | सोमवार | सुबह 10:31 से अगले दिन 05:42 तक | हस्त |
| 23 जून 2026 | मंगलवार | सुबह 05:42 से 10:13 तक | हस्त |
| 24 जून 2026 | बुधवार | दोपहर 01:59 से अगले दिन 05:43 तक | स्वाती |
| 25 जून 2026 | गुरुवार | सुबह 05:43 से 07:08 तक | स्वाती |
| 26 जून 2026 | शुक्रवार | शाम 07:16 से अगले दिन 05:43 तक | अनुराधा |
| 27 जून 2026 | शनिवार | सुबह 05:43 से रात 10:11 तक | अनुराधा |
| 29 जून 2026 | सोमवार | शाम 04:16 से अगले दिन 04:03 तक | मूल |
| तारीख | दिन | शुभ विवाह समय | नक्षत्र |
| 1 जुलाई 2026 | बुधवार | सुबह 06:51 से दोपहर 04:04 तक | उत्तराषाढ़ा |
| 6 जुलाई 2026 | सोमवार | रात 01:41 से अगले दिन सुबह 05:47 तक | उत्तराभाद्रपद |
| 7 जुलाई 2026 | मंगलवार | सुबह 05:47 से दोपहर 02:31 तक | उत्तराभाद्रपद |
| 11 जुलाई 2026 | शनिवार | रात 12:05 से अगले दिन सुबह 05:49 तक | रोहिणी |
| 12 जुलाई 2026 | रविवार | सुबह 05:49 से रात 10:29 तक | रोहिणी, मृगशिरा |
नवंबर का महीना शादियों के लिए बेहद खास माना जाता है। ठंडी मौसम की शुरुआत, हल्की गुलाबी धूप और उत्सव जैसा माहौल इस समय को विवाह के लिए और भी सुंदर बना देता है। यही वजह है कि कई जोड़े अपने नए जीवन की शुरुआत के लिए नवंबर का चयन करते हैं। यदि आप नवंबर 2026 में विवाह की योजना बना रहे हैं, तो इस महीने के शुभ मुहूर्त आपके विवाह को मंगलमय बना सकते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, नवंबर 2026 में कुल 4 शुभ विवाह मुहूर्त उपलब्ध हैं। इनमें 21, 24, 25 और 26 नवंबर की तिथियां विवाह के लिए विशेष रूप से शुभ मानी गई हैं। सही मुहूर्त में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और सकारात्मकता लाने वाला माना जाता है। नीचे नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat) का पूरा विवरण दिया गया है।
| तिथि | दिन | शुभ विवाह समय | नक्षत्र |
| 21 नवंबर 2026 | शनिवार | सुबह 06:44 बजे से 22 नवंबर रात 12:08 बजे तक | रेवती |
| 24 नवंबर 2026 | मंगलवार | रात 11:25 बजे से 25 नवंबर सुबह 06:47 बजे तक | रोहिणी |
| 25 नवंबर 2026 | बुधवार | सुबह 06:47 बजे से 26 नवंबर सुबह 06:48 बजे तक | रोहिणी, मृगशिरा |
| 26 नवंबर 2026 | गुरुवार | सुबह 06:48 बजे से शाम 05:47 बजे तक | मृगशिरा |
दिसंबर का महीना सर्दियों की हल्की ठंड, उत्सवों की रौनक और नए जीवन की शुरुआत का एहसास लेकर आता है। यह समय रिश्तों को नाम देने और जीवनसाथी के साथ एक नई यात्रा शुरू करने के लिए बेहद खास माना जाता है। अगर आप दिसंबर 2026 में विवाह करने की योजना बना रहे हैं, तो सही शुभ मुहूर्त का चयन आपके वैवाहिक जीवन को सुखद और मंगलमय बनाने में सहायक हो सकता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिसंबर 2026 में विवाह के लिए 2, 3, 4, 5 और 6 तारीखें शुभ मानी गई हैं। इन तिथियों पर उपलब्ध शुभ योग और नक्षत्र विवाह संस्कार के लिए अनुकूल माने जाते हैं। नीचे दिए गए मुहूर्त समय (Vivah Muhurat ) को देखकर आप अपने खास दिन की योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं।
| तिथि | दिन | शुभ विवाह समय | नक्षत्र |
| 2 दिसंबर 2026 | बुधवार | सुबह 10:32 बजे से 3 दिसंबर सुबह 06:53 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी |
| 3 दिसंबर 2026 | गुरुवार | सुबह 06:53 बजे से 10:53 बजे तक | उत्तर फाल्गुनी, हस्त |
| 3 दिसंबर 2026 | गुरुवार | रात 11:03 बजे से 4 दिसंबर सुबह 06:53 बजे तक | — |
| 4 दिसंबर 2026 | शुक्रवार | सुबह 06:53 बजे से 10:22 बजे तक | हस्त |
| 5 दिसंबर 2026 | शनिवार | सुबह 11:48 बजे से 6 दिसंबर सुबह 06:55 बजे तक | स्वाति |
| 6 दिसंबर 2026 | रविवार | सुबह 06:55 बजे से 07:42 बजे तक | स्वाति |
ध्यान रखें: विवाह की अंतिम तिथि तय करने से पहले वर–वधू की कुंडली मिलान और स्थानीय पंचांग की जांच अवश्य करें, ताकि विवाह जीवन सुखद और मंगलमय बना रहे।
ज्योतिष में कुछ तिथियां ऐसी मानी गई हैं, जिन्हें अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। इन खास दिनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विवाह या किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती। माना जाता है कि इन तिथियों पर ग्रहों की स्थिति स्वयं ही इतनी शुभ होती है कि बिना किसी बाधा के मांगलिक कार्य संपन्न हो सकते हैं।
साल भर में ऐसे केवल पाँच ही अबूझ मुहूर्त आते हैं, जिन्हें सिद्ध मुहूर्त (Vivah Muhurat) भी कहा जाता है। विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कार के लिए ये दिन विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं।
साल 2026 के प्रमुख अबूझ विवाह मुहूर्त इस प्रकार हैं—
इन दिनों में विवाह करना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है और ऐसा विश्वास है कि इससे दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और समृद्धि बनी रहती है। इसलिए बहुत से लोग अबूझ मुहूर्त को विवाह के लिए सर्वोत्तम विकल्प मानते हैं।
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वैदिक ज्योतिष के अनुसार विवाह की तिथि तय करते समय नक्षत्रों की भूमिका सबसे अहम होती है। कुछ नक्षत्र विशेष रूप से विवाह के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं, जैसे—रोहिणी, मघा, उत्तराफाल्गुनी, हस्त और स्वाति।
साल 2026 में जो विवाह तिथियां (Best Dates For Marriage 2026) इन नक्षत्रों, तिथियों और ग्रहों की अनुकूल स्थिति के साथ आएंगी, वे दांपत्य जीवन के लिए श्रेष्ठ मानी जाएंगी। यदि वर-वधू की कुंडली के अनुसार मुहूर्त का चयन किया जाए, तो आपसी समझ, प्रेम और सौभाग्य में और भी वृद्धि होती है।
हिंदू मान्यता के अनुसार विवाह सात जन्मों का पवित्र बंधन है। शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह दंपति के जीवन में— आपसी प्रेम और विश्वास बढ़ाता है, आर्थिक और पारिवारिक स्थिरता देता है, कलह और बाधाओं को कम करता है, संतान सुख और समृद्धि प्रदान करता है। यद्यपि विवाह बिना मुहूर्त (Vivah Muhurat) के भी संभव है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र सही समय के चयन की सलाह देता है ताकि भविष्य में अनावश्यक परेशानियों से बचा जा सके।
मुहूर्त वह समय होता है जब ग्रह-नक्षत्रों की ऊर्जा सकारात्मक रूप में कार्य करती है। इस अवधि में शुरू किया गया कार्य शुभ फल देता है। विवाह यदि सही मुहूर्त में संपन्न हो तो दांपत्य जीवन में संतुलन, प्रेम, धैर्य और आध्यात्मिक जुड़ाव बना रहता है।
साल 2026 में विवाह की योजना बना रहे लोगों के लिए शुभ मुहूर्तों की सही जानकारी होना बेहद महत्वपूर्ण है। वैदिक परंपरा में शुभ तिथि और अनुकूल ग्रह-नक्षत्रों में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, स्थिरता और समृद्धि लाने वाला माना गया है। इस लेख में बताए गए मासिक विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat ) और अबूझ मुहूर्त आपको सही समय चुनने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। अंततः, कुंडली मिलान और पारिवारिक परामर्श के साथ शुभ मुहूर्त में विवाह करना एक मंगलमय और सफल वैवाहिक जीवन की मजबूत शुरुआत साबित हो सकता है।