कई बीमारियों का रामबाण इलाज है शहद

By: Amit Khare

प्राकृतिक औषधियों में शहद को काफी ऊँचा दर्जा प्राप्त है। भारत में शहद का इस्तेमाल प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। कई बीमारियों का इलाज करने के लिए शहद का इस्तेमाल घरेलू नुस्खों में रूप में किया जाता है। कई गुणों से भरपूर शहद में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, सोडियम आदि जैसे तत्व पाए जाते हैं। शहद एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट भी है। प्राकृतिक शहद अब मेडिकल साइंस का भी एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। कई बीमारियों के उपचार हेतु बनने वाली दवाइयों में प्रचुर मात्रा में शहद का इस्तेमाल होता है। आइये जानते हैं शहद के आयुर्वेदिक फायदों के बारे में-

1) पाचन क्रिया- यदि आप कब्ज, पेट फूलने और गैस जैसी बीमारियों से शिकार हैं तो शहद एक लाभकारी औषधि है। गुनगुने पानी में शहद की कुछ बूंदों के साथ नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा तो कम होता ही है साथ ही साथ शरीर के विषैले पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं। शहद में प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पर्याप्त मात्रा में मौजूद होते हैं जो पाचन क्रिया में मदद करते हैं।

2) अस्थमा- अस्थमा से पीड़ित लोगों के फेंफडों की स्वास नलियों में सूजन आ जाती है जिसके कारण उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। शहद को हल्के गर्म पानी में डालकर उसे सूंघने से सांस लेने में आसानी होती है। इसके अलावा काली मिर्च और शहद को गर्म पानी (पीने योग्य) में मिलाकर उसका सेवन करें। तुलसी के पत्तों, काली मिर्च और शहद को भिगोकर खाने से भी अस्थमा में आराम मिलता है।

3) इन्फेक्शन और एलर्जी- शहद किसी भी प्रकार के इन्फेक्शन से बचने में मदद करता है। शहद में मौजूद औषधीय गुण एलर्जी से लड़ने में सहायक होते हैं। यह गले में होने वाले इन्फेक्शन्स से आपको दूर रखता है।

4) दांत का दर्द- दांतों में दर्द होने पर रुई के फाहे को शहद में भिगोकर दर्द वाले स्थान पर लगायें। गुनगुने पानी में शहद और दालचीनी मिलाकर कुल्ला करने से आप साँसों की बदबू से छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा यदि आपके मसूड़ों में दर्द से तो उनपर शहद लगाने से दर्द में राहत मिलती है और मसूड़े स्वास्थ्य रहते हैं।

5) जुकाम- शहद, अदरक और तुलसी के पत्तों के रस को बराबर मात्रा में मिलाकर चाटने से जुकाम दूर होता है।

6) खून के लिये- गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ती है। यह खून में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है जिसके खून की कमी में लाभ होता है। रेड ब्लड सेल्स का मुख्य काम शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुँचाना होता है। ऑक्सीजन की कमी के चलते थकान और सांस फूलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शहद का इस्तेमाल रक्त की ऑक्सीजन पहुँचाने की क्षमता को बढ़ा देता है।

7) घाव- घाव पर शहद लगाने से जीवाणुओं का फैलाव रुकता है। चोट आदि पर शहद लगाने से उसके सड़ने एवं गलने की संभावना कम होती है। शहद को घाव पर सीधे लगाने के बजाय पट्टी या रुई में लगाकर लगायें।

8) त्वचा- शहद एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर है। यह त्वचा के रूखेपन और खुजली जैसी समस्याओं को दूर करता है। त्वचा में जलन आदि होने पर भी शहद का इस्तेमाल लाभकारी होता है। रात को सोते वक़्त मुहासों पर शहद और दालचीनी का चूर्ण मिलाकर लगाने से मुहांसे ठीक हो जाते हैं। होंठ पर शहद लगाने से वह नर्म और मुलायम रहते हैं। चेहरे की झुर्रियों, दाग-धब्बों आदि को खत्म करने के लिए हल्दी, शहद और गुलाबजल के लेप को चेहरे पर लगायें और सूखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें।

9) ऊर्जा और स्फूर्ति- शहद उर्जा का एक अच्छा स्रोत है। यह शरीर को कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोस प्रदान करता है जो आपको ऊर्जा देते हैं। शहद का सेवन आपको सुन्दर, सुडौल और स्फूर्तिवान बनाता है।

10) मधुमेह- आवलें के रस में शहद मिलाकर उसका सेवन करने से सुगर नियंत्रित रहती है और मधुमेह के स्तर में कमी आती है।

11) आँख- आँखों में नियमित रूप से शहद की एक-दो बूंद डालने से आँखों की रोशनी बढ़ती है।

12) आर्थराइटिस- अगर आप जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं तो दालचीनी पाउडर में शहद मिलाकर मसाज करने से दर्द में राहत मिलती है।