April 26, 2019 Blog

रोहिणी नक्षत्र में जन्मे हैं तो ऐसा होगा व्यक्तित्व और भविष्यफल

BY : STARZSPEAK

रोहिणी नक्षत्र में पैदा होने वाले व्यक्ति अक्सर ही दूसरों में गलतियां ढूंढते रहते हैं. इस नक्षत्र के लोग ऐसा कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देते जिसमें वो सामने वाले व्यक्ति की त्रुटियों पर चर्चा न करें. रोहिणी नक्षत्र के लोग शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं और इसलिए कभी भी छोटे छोटे मौसम में बदलाव के साथ ही उन्हें कोई न कोई रोग हो जाता है. 
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातक सुन्दर और मीठा बोलने वाले होते हैं. आपको घर और कार्य क्षेत्र में व्यवस्थित रहना अच्छा लगता है. आपको गंदगी पसंद नहीं है और आप साफ सफाई ही पसंद करते हैं. घर का सामान भी आप सुव्यवस्थित ढंग से रखना ही बेहतर समझते हैं. स्वभाव से कोमल और सौन्दर्य के प्रति लगाव आपके प्रमुख गुणों में से एक है. रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चन्द्रमां है इसलिए इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक स्त्रियों पर विशेष आसक्ति रखते हैं.
रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक कई बार बहुत ही कोमल और विनम्र स्वभाव दीखते हैं लेकिन कई बार वह बेहद कठोर और अभद्र भी हो जाते हैं. अपने प्रियजनों की मदद के लिए वो सदा तत्पर रहतें हैं और कठिन से कठिन परिस्तिथियों में भी पीछे नहीं हटते. अगर आपको कोई कष्ट पहुंचाता है तो आप उग्र रूप ले लेते हैं और किसी को भी अपने ऊपर हावी नहीं होने देते.

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आप दिमाग की कम और दिल की अधिक सुनते हैं. आप न तो योजनाबद्ध तरीके से चलते हैं और न ही बहुत लम्बे समय तक एक ही राह पर चलना पसंद करते हैं. अपने इसी दृष्टिकोण और व्यक्तित्व के कारण आप जीवन में अनेको बार कठिनाईयों का सामना करते हैं. आप मानवता में विश्वास रखते हैं लेकिन अत्यधिक संवेदनशील होने के कारण आप चोट पहुंचाने वालों को कभी क्षमा नहीं करते. स्वतंत्र सोच और धैर्य की कमी के कारण आप अपने जीवन में कई बार बार निराशा का सामना करते हैं.
सभी प्रकार के कार्यों में भाग्य आजमाने की इच्छा आपके लिए संकट की स्तिथि पैदा कर सकती है. दूसरों पर आंखे बंद कर के विश्वास कर लेना भी आपके स्वभाव में है लेकिन व्यवसायिक क्षेत्र में यह आपको काफी नुकसान पहुंचा सकता है. 18 से 36 वर्ष का समय आपके लिए सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य के लिए संघर्ष लाने वाला होगा लेकिन 36 से 50 वर्ष तक का समय आपके लिए अच्छा और शुभ होगा.

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पिता की उपेक्षा माता या मात्र पक्ष से आपका अधिक स्नेह या प्यार मिलता है. आपके वैवाहिक जीवन में भी उतार चढ़ाव बना रहेगा.
रोहिणी नक्षत्र में जन्म लेने वाली महिलाएं दुबली पतली लेकिन विशेष रूप से आकर्षक होती हैं. सदा अपने से बड़ों और माता पिता की आज्ञा का पालन करने वाली होती हैं. वो अपने रहने और खाने पीने में हमेशा सावधानी और सतर्कता बरतती हैं. पति के साथ सहमति बनाए रखना इन महिलाओं का स्वभाव होता है इसलिए उनके वैवाहिक सम्बन्ध भी मधुर ही होते हैं. आपकी संतान पुत्र और पुत्री दोनों ही होते हैं. आप एक धनवान और ऐश्वर्यशाली जीवन बिताते हैं.
स्वभाव संकेत : विशाल आंखें
संभावित रोग: मुंह, गले, जीभ और गर्दन से सम्बंधित रोग
विशेषताएं 
प्रथम चरण : इस चरण का स्वामी मंगल हैं. रोहिणी नक्षत्र के पहले चरण में जन्म होने की वजह से जातक सौभाग्यशाली होगा. चन्द्रमा और मंगल की मित्रता के कारण धन और ख्याति का योग भी रहेगा. चन्द्रमा और मंगल की दशा अन्तर्दशा में जातक की उन्नत्ति होगी. लग्नेश शुक्र की दशा उन्नति में अहम सहायक होगी.
द्वितीय चरण : इस चरण का स्वामी शुक्र है. रोहिणी नक्षत्र के दूसरे चरण में जन्म होने की वजह से जातक को कुछ न कुछ पीड़ा बनी रहेगी. शुक्र की दशा अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी.
तृतीय चरण : इस चरण का स्वामी बुध है. रोहिणी नक्षत्र के तीसरे चरण में जन्म होने की वजह से जातक डरपोक और भावुक होगा. चन्द्र और बुध की दशा अशुभ लेकिन लग्नेश शुक्र की दशा अन्तर्दशा में जातक की अच्छी उन्नत्ति होगी.
चतुर्थ चरण : इस चरण का स्वामी चन्द्र हैं. रोहिणी नक्षत्र के चौथे चरण में जन्म होने की वजह से जातक सत्यवादीऔर सौन्दर्य प्रेमी होगा. चन्द्रमा की दशा से शुभ फल मिलेगा और शुक्र की दशा अन्तर्दशा में जातक की विशेष उन्नत्ति होगी.

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