सनातन संस्कृति में किसी भी नवीन उद्यम, व्यापारिक सौदे, यात्रा या धार्मिक कार्य का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में करने का विधान अत्यंत प्राचीन है। लोक जीवन में यह आस्था रही है कि यदि कोई कार्य सकारात्मक और शुभ समय में प्रारंभ किया जाए तो उसमें आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और अपेक्षित सफलता प्राप्त होती है। इसी मंगल कामना के साथ दैनिक जीवन में आज का चौघड़िया (Aaj Ka Choghadiya) का विचार किया जाता है।
आज 2 नवंबर 2026, दिन सोमवार है। सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देव की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। आज के दिन कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में कौन सा कालखंड आपके व्यक्तिगत, व्यावसायिक व मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा और किस समय नए कार्यों से बचना चाहिए, आइए स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर विस्तार से जानते हैं।
यदि आप भी अपने दिन को सफल और शुभ बनाना चाहते हैं, तो आज का चौघड़िया 2 नवंबर 2026 (Aaj Ka Choghadiya 2 November 2026) का यह समय विभाजन आपके लिए अत्यंत उपयोगी रहेगा। आइए जानते हैं कोलकाता के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Shubh Choghadiya Muhurat), दिन व रात के समय और इसके नियम।
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चौघड़िया वैदिक पंचांग और मुहूर्त विज्ञान पर आधारित समय विभाजन की एक अत्यंत लोकप्रिय और सुगम प्रणाली है। दैनिक जीवन में जब किसी व्यक्ति के पास किसी ज्योतिषी से विस्तृत लग्न, नक्षत्र अथवा योग आधारित व्यक्तिगत मुहूर्त निकलवाने का समय नहीं होता, तब तात्कालिक और आवश्यक कार्यों के संपादन के लिए चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Muhurat) की सहायता ली जाती है।
शाब्दिक दृष्टि से 'चौघड़िया' दो शब्दों के मेल से बना है: 'चौ' का अर्थ चार और 'घड़िया' का अर्थ घटी होता है। प्राचीन भारतीय काल गणना में एक घटी 24 मिनट की होती है। इस आधार पर चार घटी का संयुक्त मान 96 मिनट यानी करीब डेढ़ घंटे (1.5 घंटे) का बनता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार एक संपूर्ण अहोरात्र (24 घंटे) को दो प्रमुख भागों में विभक्त किया जाता है:
दिन का चौघड़िया (Din Ka Choghadiya): स्थानीय सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक का समय (8 मुहूर्त खंड)।
रात का चौघड़िया (Raat Ka Choghadiya): स्थानीय सूर्यास्त से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक का समय (8 मुहूर्त खंड)।
इस प्रकार पूरे चौबीस घंटे के भीतर कुल 16 चौघड़िया कालखंड बनते हैं।
कोलकाता के स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार आज का चौघड़िया मुहूर्त कोलकाता (Kolkata Choghadiya Today) का विवरण नीचे दिया गया है:
दिनांक: 2 नवंबर 2026।
दिन (वार): सोमवार (Monday)।
स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल, भारत।
स्थानीय सूर्योदय: प्रातः 05:41 AM।
स्थानीय सूर्यास्त: सायं 04:58 PM।
अगले दिन सूर्योदय (3 नवंबर): प्रातः 05:42 AM।
दिन का चौघड़िया (Daytime Choghadiya Timings - Kolkata):

अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 05:41 AM से प्रातः 07:05 AM तक।
काल (अशुभ): प्रातः 07:05 AM से प्रातः 08:30 AM तक।
शुभ (उत्तम): प्रातः 08:30 AM से प्रातः 09:54 AM तक।
रोग (अशुभ): प्रातः 09:54 AM से पूर्वाह्न 11:19 AM तक।
उद्वेग (अशुभ): पूर्वाह्न 11:19 AM से दोपहर 12:44 PM तक।
चर (सामान्य/अनुकूल): दोपहर 12:44 PM से दोपहर 02:08 PM तक।
लाभ (उन्नति): दोपहर 02:08 PM से अपराह्न 03:33 PM तक।
अमृत (सर्वोत्तम): अपराह्न 03:33 PM से सायं 04:58 PM तक।
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रात का चौघड़िया (Nighttime Choghadiya Timings - Kolkata):

चर (सामान्य): सायं 04:58 PM से सायं 06:33 PM तक।
रोग (अशुभ): सायं 06:33 PM से रात्रि 08:09 PM तक।
काल (अशुभ): रात्रि 08:09 PM से रात्रि 09:44 PM तक।
लाभ (शुभ): रात्रि 09:44 PM से रात्रि 11:20 PM तक।
उद्वेग (अशुभ): रात्रि 11:20 PM से देर रात 12:55 AM (3 नवंबर) तक।
शुभ (उत्तम): देर रात 12:55 AM से तड़के 02:31 AM तक।
अमृत (सर्वोत्तम): तड़के 02:31 AM से प्रातः 04:06 AM तक।
चर (सामान्य): प्रातः 04:06 AM से प्रातः 05:42 AM तक।
वैदिक ज्योतिष में सात मूल चौघड़िया बताए गए हैं। इनमें से चार को शुभ और तीन को अशुभ माना गया है:
अमृत (Amrit): इसके स्वामी चंद्र देव हैं। इसे समस्त मुहूर्तों में सर्वाधिक पावन और फलदायी माना जाता है। नवीन संकल्प, दीर्घकालिक निवेश और सभी मांगलिक कार्यों के लिए यह सर्वोत्तम है।
शुभ (Shubh): इसके अधिपति देवगुरु बृहस्पति हैं। विद्यारंभ, धार्मिक अनुष्ठान, विवाह चर्चा और पूजन हेतु यह समय अत्यंत उत्तम माना गया है।
लाभ (Labh): इसके स्वामी बुध ग्रह हैं। व्यापार का उद्घाटन, वित्तीय लेन-देन, नए सौदे और नया बहीखाता आरंभ करने के लिए यह सबसे अधिक फलदायी माना गया है।
चर (Char): इसके स्वामी शुक्र ग्रह हैं। चर का अर्थ चलायमान होना है। इसलिए यात्रा आरंभ करने, वाहन चलाने अथवा स्थानांतरण के लिए यह अनुकूल माना जाता है।
रोग (Rog): इसके स्वामी मंगल ग्रह हैं। यह समय संघर्ष, वाद-विवाद और रुकावटों से जुड़ा माना जाता है। अतः इसमें मांगलिक कार्य आरंभ करने से बचा जाता है।
काल (Kaal): इसके अधिपति शनि देव हैं। इस अवधि में जोखिम भरे कार्य या बड़े धन का लेन-देन टालने की लोक मान्यता है।
उद्वेग (Udveg): इसके स्वामी सूर्य देव हैं। यह मन में उद्विग्नता यानी अशांति उत्पन्न करता है। सामान्य शुभ कार्यों में इसे त्याज्य माना जाता है, हालांकि सरकारी कार्यों में इसका उपयोग देखा जाता है।
सनातन धर्म में समय को केवल घड़ी की सुइयों के रूप में नहीं, बल्कि ऊर्जा और चेतना के सतत प्रवाह के रूप में देखा गया है। मान्यता है कि सौरमंडल के विभिन्न ग्रहों की रश्मियां पृथ्वी के वातावरण को निरंतर प्रभावित करती हैं। शुभ चौघड़िया मुहूर्त (Shubh Choghadiya Muhurat) देखने का मुख्य उद्देश्य समय की सकारात्मक ऊर्जा का लाभ उठाना और प्रतिकूल प्रभावों से बचना है।
धार्मिक परंपरा में यह विश्वास है कि शुभ चौघड़िया समय में किया गया कार्य व्यक्ति को मानसिक संबल और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं को वैज्ञानिक सत्य के बजाय एक गहरी सांस्कृतिक और पारंपरिक आस्था के रूप में स्वीकार किया जाता है।
यदि आप आज कोलकाता में कोई महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने की योजना बना रहे हैं, तो शुभ चौघड़िया समय (Shubh Choghadiya Timings) के अनुसार निम्नलिखित कालखंड सर्वाधिक अनुकूल हैं:
प्रातः अमृत चौघड़िया: प्रातः 05:41 AM से 07:05 AM तक (दिन की शुरुआत और पूजा-पाठ के लिए सर्वोत्तम)।
पूर्वाह्न शुभ चौघड़िया: प्रातः 08:30 AM से 09:54 AM तक (धार्मिक कार्य, अनुबंध और नए संकल्प हेतु)।
दोपहर चर चौघड़िया: दोपहर 12:44 PM से 02:08 PM तक (यात्रा, आवागमन और वाहन के उपयोग हेतु)।
अपराह्न लाभ चौघड़िया: दोपहर 02:08 PM से 03:33 PM तक (व्यापार, खरीदारी व आर्थिक लेन-देन हेतु)।
सायंकालीन अमृत चौघड़िया: दोपहर 03:33 PM से सायं 04:58 PM तक (संध्या पूर्व के सभी मांगलिक कार्यों हेतु उत्तम)।
चौघड़िया की गणना पूरी तरह से स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होती है:
दिन के मान की गणना: सबसे पहले उस स्थान के सूर्योदय और सूर्यास्त का सटीक समय ज्ञात किया जाता है। आज कोलकाता में सूर्योदय 05:41 AM तथा सूर्यास्त 04:58 PM पर है। दिन का कुल मान 677 मिनट हुआ।
आठ बराबर भागों में विभाजन: इस कुल समय को 8 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है। इस प्रकार कोलकाता में दिन के प्रत्येक चौघड़िया की अवधि लगभग 84.62 मिनट निकलती है।
वार का स्वामी और चक्र: सोमवार के अधिपति चंद्र देव हैं। चंद्र देव का चौघड़िया 'अमृत' होता है, इसलिए सोमवार के दिन का पहला चौघड़िया सदैव अमृत से आरंभ होता है। इसके उपरांत क्रमशः काल, शुभ, रोग, उद्वेग, चर, लाभ और पुनः अमृत आता है।
रात के मान की गणना: सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय तक के कुल समय (764 मिनट) को 8 से भाग देकर रात के चौघड़िया (प्रत्येक 95.5 मिनट) निकाले जाते हैं। सोमवार की रात का प्रथम चौघड़िया चर से शुरू होता है।
भारतीय जनमानस में दैनिक क्रियाकलापों के संपादन हेतु चौघड़िया देखने की सुदृढ़ परंपरा रही है:
यात्रा और प्रस्थान: किसी तीर्थयात्रा, व्यापारिक यात्रा या पारिवारिक सफर पर निकलते समय चर या अमृत चौघड़िया का चुनाव उत्तम माना जाता है।
व्यापार और प्रतिष्ठान: नई दुकान का उद्घाटन, पहली बिक्री या व्यापारिक अनुबंधों पर हस्ताक्षर लाभ चौघड़िया में करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
पूजा-पाठ और संकल्प: घर में रुद्राभिषेक, शिव आराधना, सत्यनारायण कथा या गृह प्रवेश का संकल्प अमृत और शुभ चौघड़िया में लिया जाता है।
महत्वपूर्ण खरीदारी: भूमि, भवन, स्वर्ण आभूषण या वाहन की डिलीवरी लेने के लिए शुभ, लाभ अथवा चर चौघड़िया को वरीयता दी जाती है।
आज का चौघड़िया (Aaj Ka Choghadiya) हमारे दैनिक जीवन को सकारात्मक दिशा और आत्मिक अनुशासन देने का एक पारंपरिक माध्यम है। यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हर नगर के भौगोलिक अक्षांश और देशांतर के अनुसार बदलता रहता है। जो समय कोलकाता के लिए मान्य है, वह दिल्ली, मुंबई या जयपुर में कुछ मिनटों के अंतर पर होगा। किसी भी शुभ कार्य को अंतिम रूप देने से पूर्व अपने नगर के स्थानीय सूर्योदय समय के अनुसार ही सटीक आज का चौघड़िया 2026 (Aaj Ka Choghadiya 2026) मुहूर्त की पुष्टि करें।
Q1: आज 2 नवंबर 2026 को कोलकाता में अमृत चौघड़िया का समय क्या है?
आज दिन में दो बार अमृत चौघड़िया रहेगा: पहला प्रातः 05:41 AM से 07:05 AM तक और दूसरा दोपहर 03:33 PM से सायं 04:58 PM तक।
Q2: सोमवार के दिन का पहला चौघड़िया कौन सा होता है?
सोमवार के अधिपति चंद्र देव हैं, इसलिए इस दिन का पहला चौघड़िया सदैव 'अमृत' होता है, जो सभी शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
Q3: क्या शुभ चौघड़िया के समय राहुकाल का विचार करना भी आवश्यक है?
हाँ, लोक परंपरा के अनुसार यदि किसी शुभ चौघड़िया की अवधि में राहुकाल उपस्थित हो, तो उस कालखंड में नए और मांगलिक कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।
Q4: व्यापारिक कार्यों के लिए कौन सा चौघड़िया श्रेष्ठ माना जाता है?
व्यापार के शुभारंभ, वित्तीय सौदों और नए बहीखाते की शुरुआत के लिए बुध ग्रह का 'लाभ' चौघड़िया सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
Q5: क्या पूरे देश में चौघड़िया का समय एक समान रहता है?
नहीं, चौघड़िया की गणना स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होती है, इसलिए अलग-अलग शहरों के चौघड़िया समय में कुछ मिनटों का अंतर अवश्य रहता है।
Dr. Sandeep Ahuja, an Ayurvedic doctor with 14 years’ experience, blends holistic health, astrology, and Ayurveda, sharing wellness practices that restore mind-body balance and spiritual harmony.