लाल किताब बताएगी मंगल ग्रह जो बलशाली बनाने के अचूक उपाय


शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि मंगल ग्रह हमारे जीवन को कई तरह से प्रभावित करता है। यदि मंगल ख़राब हो जाए तो हमें अपने जीवन में कई तरह की विपत्तियों का सामना करना पड़ता है। यहाँ तक कि रक्त का खराब होना भी इसके विपरीत प्रभाव का परिणाम माना जाता है। मांस खाने, भाइयों से झगड़ा करने, अत्यधिक क्रोध करने आदि से मंगल ख़राब होता है। आइये जानते हैं लाल किताब की मदद से मंगल को कैसे बलशाली बनाया जा सकता है।

लाल किताब के अनुसार, कुंडली के अलग-अलग भावों में मौजूद कमजोर मंगल को मजबूत करने के लिए अलग-अलग उपाय उपलब्ध हैं।

1) प्रथम भाव- यदि आप रक्त संबंधी रोगों से परेशान रहते हैं तो इसका अर्थ है कि आपकी जन्मकुंडली के प्रथम भाव में मंगल की स्थिति कमजोर है। इसका उपाय करने के लिए घर की उत्तरी दीवार पर सूर्य और चन्द्र की तस्वीरों को लगायें। ऐसा करने से प्रथम भाव में स्थित मंगल बलशाली बनेगा।

2) द्वितीय भाव- कुंडली के द्वितीय भाव में विराजमान मंगल को मजबूत बनाने के लिए किसी नदी में मसूर की दाल को प्रवाहित करें। अगर किसी मृत हिरण की खाल का मिल पाना संभव हो तो उसे अपने घर में लाकर रखें। अपने भाइयों और मित्रों से मधुर सम्बन्ध बनायें रखें। इसके अलावा शराब आदि का सेवन करने से बचें।

3) तीसरा भाव- तीसरे भाव के मंगल को बलशाली बनाने के लिए अपने बाएं हाथ की उंगली में चाँदी की अंगूठी धारण करें। इसके अलावा यदि आप मंगल को मजबूत बनाना चाहते हैं तो घर में हाथी के दांत से बनी किसी वस्तु को स्थापित करें। पड़ोसियों से झगड़ा करने से बचें। एवं अति आवश्यक न होने तक किसी जरुरी कागज आदि पर दस्तख़त न करें।

4) चौथा भाव- चौथे घर के मंगल का उपाय करने के लिए लगभग चार किलो चावल को दूध से धोकर किसी पवित्र नदी में बहायें। इसके अलावा दक्षिण की ओर मुख करने वाले मकान में रहने से बचें। बुरे आदमियों की संगत भी मंगल को प्रभावित कर सकती है। इसलिए ऐसे लोगों से दूर रहने का प्रयास करें।

5) पांचवां भाव- यदि इस भाव में मौजूद मंगल को मजबूत बनाना है तो मांस-मदिरा के सेवन से सख्त दूर रहें। इसके अलावा घर में नीम का पौधा लगायें। पिता की सलाह का सम्मान करें।    

6) छठा भाव- छठे भाव के मंगल को बल देने के लिए कन्याओं का सम्मान करें एवं घर में कन्या भोज करवाएं। इसके अलावा आप उन्हें कोई भेंट भी दे सकते हैं। चावल का दान भी करने से भी मंगल मजबूत होता है।

7) सातवां भाव- सातवें घर में यदि मंगल कमजोर है तो वह आपकी शादीशुदा ज़िन्दगी में दखल दे सकता है। पत्नी से अपने सम्बन्ध मधुर बनाने का प्रयास करें। अपनी बहन या बुआ द्वारा दी गयी भेंट को घर में रखने से बचें। घर के आसपास यदि खाली कुआं है तो उसे मिटटी से भरवा दें।

8) आठवां भाव- आठवें भाव के मंगल को बलशाली बनाने के लिए अपनी पत्नी और मित्र से सम्बन्ध अच्छे बनायें रखें। कुत्तों को तंदूरी रोटी खिलाएं। विधवा स्त्रियों का सम्मान करें। सोने, चांदी और ताबें से बनी अंगूठी को ग्रहण करें।

9) नवम भाव- अपने भाई का साथ न छोड़ें। पिता का सम्मान करें। मंगल के बुरे प्रभाव से बचने के लिए अपनी जेब में हमेशा लाल रंग का रूमाल रखें। हर मंगलवार को हनुमान जी की आराधना करें एवं उन्हें वस्त्र चढ़ाएं।

10) दशम भाव- दशम भाव के मंगल को मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा और सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। किसी मीठी वस्तु का सेवन करें। जादू-टोने आदि से दूर रहें।  

11) ग्यारहवां भाव- इस भाव के मंगल को बल देने के लिए हनुमान जी की नियमित पूजा करें। काले और सफ़ेद रंग के कुत्ते को पालकर उनका पालन-पोषण करें। अपने गुरु का अपमान न करें।

12) बारहवां भाव- बारहवें भाव के मंगल को बलशाली बनाने हेतु अपने घर में कोई भी धारदार हथियार न रखें। यदि कोई ऐसी चीज घर में मौजूद है तो उसे तत्काल बाहर फ़ेंक दें। बुरी संगत से बचें एवं अपने शत्रुओं से बचने के लिए हर फैसला सोच-समझकर लें। अपने धर्म का अपमान करने से बचें। किसी को पैसे  उधार न दें।