Desktop Special Offer Mobile Special Offer

मां कैला देवी आरती (maa kela devi aarti)

मां कैला देवी आरती

Starzspeak :

मां कैला देवी: स्वरूप एवं धार्मिक महत्व

सनातन धर्म में मां कैला देवी जी को शक्ति के अवतार और महाशक्ति के रूप में पूजा जाता है। राजस्थान के करौली जिले में कालीसिल नदी के तट पर स्थित मां कैला देवी का ऐतिहासिक मंदिर प्रसिद्ध सिद्धपीठों में से एक है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां कैला देवी वही देवी (योगमाया) हैं जिन्होंने द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय कंस के हाथों से छूटकर आकाश में प्रकट होकर उसके विनाश की भविष्यवाणी की थी।

मां कैला देवी को 'केला मैया' और 'कैला रानी' के नाम से भी जाना जाता है। वे सिंह पर सवार हैं और उनके साथ मां चामुंडा देवी की प्रतिमा भी विराजित है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहाँ विशाल लक्की मेले (कैला देवी मेला) का आयोजन होता है, जहाँ लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन हेतु आते हैं। मां कैला देवी की सच्चे मन से पूजा और आरती करने से समस्त भय दूर होते हैं, शत्रुओं का नाश होता है, और घर में सुख-समृद्धि व वैभव का आगमन होता है।

aarti-detail

॥ मां कैला देवी जी की आरती ॥

ॐ जय कैला रानी, मैया जय कैला रानी ।

भक्त जनों के दुख हर्ता, त्रिभुवन कल्याणी ॥

ॐ जय कैला रानी...॥

कालीसिल के तीर बिराजे, मंदिर अति भारी ।

सोहत छत्र विशाल सिर, शोभा अति प्यारी ॥

ॐ जय कैला रानी...॥

सिंह सवारी सोहै मैया, गल में बनमाला ।

शीश मुकुट कानन कुंडल, कर में खप्पर भाला ॥

ॐ जय कैला रानी...॥

लकी मेला भरे थारे द्वारे, उमड़े जन भारी ।

लाँगुरिया गुण गावे थारे, नाचे नर-नारी ॥

ॐ जय कैला रानी...॥

दुष्ट दलन भय हारिणि मैया, सब सुख की दाता ।

जो जन शरण तिहारी आवे, सो फल पा जाता ॥

ॐ जय कैला रानी...॥

रिद्धि-सिद्धि के दाता तुम हो, तुम ही हो जगदम्बा ।

दुखियों के संकट काटो, हे मैया जगदम्बा ॥

ॐ जय कैला रानी...॥

जो जन कैला देवी की आरती, प्रेम सहित गावे ।

कहत दास यह मैया थारो, सो सुख-संपत्ति पावे ॥

ॐ जय कैला रानी, मैया जय कैला रानी ।

भक्त जनों के दुख हर्ता, त्रिभुवन कल्याणी ॥