कटास राज मंदिर'  - युधिष्ठिर ने यहीं पूछे थे यक्ष प्रश्‍न

कटास राज शिव मंदिर जो कि अब पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में स्थित है। यह मंदिर पाकिस्तान पंजाब प्रान्त के उत्तरी भाग में चकवाल जिले में पोठोहार के पठारी क्षेत्र में नमक कोह पर्वत शृंखला में स्थित शिव मंदिर है।


कहते है कि कटास मंदिर वाली जगह पर महाभारत काल में एक कुंड था। जहाँ पर पांडव पानी की तलाश में पहुंचे थे लेकिन उनको ये कदापि नहीं मालूम था इस कुंड पर एक यक्ष का राज है। जब नकुल, सहदेव, अर्जुन और भीम ने पानी पीने की कोशिश की तो यक्ष ने उन सब को रोक कर कहा की आप इस पानी को नहीं पी सकते है अगर आप ने मेरे 100 सवालों के जवाब दिए बिना पानी पीने की कोशिश की तो मैं आप को बेहोश कर दूँगा। इस बात पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया और यक्ष ने उनको बेहोश कर दिया। युधिस्टर अपने सभी भाईयों को ढूंढ़ते ढूंढते वहां पहुंच गए। सभी को बेहोश देख कर युधिस्टर आश्चर्यचकित रह गए उसके बाद जैसे ही वो कुंड से पानी लेने गए तो यक्ष ने उनको भी आवाज़ दी और पानी लेने के लिए अपनी शर्त बताई।


यक्ष की शर्त सुनकर युधिस्टर ने उसके सारे 100 सवालों का जवाब देने की बात कही और अपने भाईयों को ठीक करने के लिए यक्ष से वचन माँगा, जिस पर यक्ष ने कहा कि अगर वह उसके सभी सवालों के जवाब दे देता है तो वह उसके सभी भाईयों को ठीक कर देगा। यक्ष द्वारा पूछे गए सवालों में से कुछ सवालों के साथ में उनके जवाब भी नीचे लिख रहा हूँ।


यक्ष का पहला सवाल-मैं कौन हूँ?

युधिस्टर का जवाब- आप ना कोई शरीर, ना कोई इंद्री, ना मन, ना बूढी हो, आप एक चेतना हो। आप एक सर्वसाक्षी चेतना हो।


दूसरा सवाल- जीवन का उद्देश्य क्या है?

जवाब-जीवन का उद्देश्य उस चेतना को जानना है जो जीवन मृत्यु से आगे हो। कहने का तात्पर्य जीवन में मोक्ष को हासिल करना।


तीसरा सवाल-जन्म का कारण क्या है?

जवाब-जन्म का कारण है कि अधूरी वासनाओं, कामनाओं का रहना।  जिसके कारण आदमी इस संसार में आता जाता रहता है। जब तक उसको मोक्ष नहीं मिल जाता है।


चौथा सवाल- किसकी आज्ञा से उदय होता है?

जवाब-परमात्मा की आज्ञा से।


पाँचवा सवाल- मनुष्य का साथ कौन देता है?

जवाब- धैर्य ही मनुष्य का साथ देता है।


छठा सवाल-कौन सा शास्त्र है, जिसका अध्ययन करके मनुष्य बुद्धिमान बनता है?

जवाब-ऐसा कोई भी ऐसा शास्त्र नहीं है, महान लोगों की संगत से ही आदमी बुद्धिमान बनता है।


सातवाँ सवाल- धरती से भारी चीज क्या है?

जवाब- संतान को कोख़ में पालने वाली मां, धरती से भी बहुत भारी होती है।


आठवां सवाल- आकाश से भी ऊंचा कौन है?

जवाब- पिता।


नौवां सवाल- हवा से भी तेज़ चलने वाला कौन है?

जवाब-मन।


दसवाँ सवाल- घास से भी छोटी क्या चीज़ है?

जवाब- चिंता।


ऐसे और भी सवाल पूछे गए यक्ष के द्वारा युधिस्टर से, जिनका जवाब देकर उसने अपने भाईयों को जीवत करवाया था। जीवत होने पर उसके भाईयों ने उसे धर्मराज का नाम दिया था।  यह मंदिर पाकिस्तान के पर्यटन मंत्रालय के द्वारा ध्यान ना दे पाने के कारण इस मंदिर का पानी लगातार कम होता जा रहा है। इस पर वहां की कोर्ट ने नाराज़गी जताई है। जिसके बाद वहां के पर्यटन मंत्रालय ने ध्यान दे रहा है।


वैसे इस मंदिर को शिव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस मंदिर में शिव लिंग की स्थापना भगवान कृष्ण के हाथों से की गयी थी। चौथी शताब्दी में चीन से आए एक यात्री फाहियान ने भी अपनी किताब में इस मंदिर का काफी उल्लेख किया है। इस स्थान के हज़ारों साल पुराने होने की बात भी सामने आयी है।


इस स्थान के बारे में एक मान्यता ये भी है कि भगवान सही का एक आँसू इस स्थान पर गिरा था, जिसके कारण यहाँ पर अमृत कुंड बन गया था और दूसरा आँसू अजमेर राजस्थान में गिरा था। जहाँ पर पुष्करराज तीर्थ स्थान है।  इस स्थान को शिव जी का नेत्र भी कहा गया है।


पकिस्तान की इस मंदिर के दर्शनों के भारत के नागरिकों के लिए एक प्रोजेक्ट लेन की कोशिश में है अगर ऐसा होता है तो यह भारत के भक्तो के लिए बहुत बढ़िया अवसर होगा।