September 14, 2023 Blog

Diwali 2023 Date: किस दिन है दिवाली? यहां जानें 5 दिन के दीपोत्सव पर्व की महत्वपूर्ण तिथियां

BY : STARZSPEAK

Diwali 2023 Date: हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार को विशेष महत्व दिया जाता है। यह त्यौहार हर साल कार्तिक मास की अमावस्या के दिन आयोजित किया जाता है और पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। दिवाली के इस दिन पूरे देश को दीयों की रोशनी से सजाया जाता है। हिंदू धर्म में इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है और सुख-समृद्धि के देवता भगवान श्री गणेश की विशेष पूजा की जाती है। दिवाली के दिन ही भगवान श्री राम रावण पर विजय प्राप्त कर लंका से अयोध्या लौटे थे। अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया और यहीं से दिवाली का त्योहार शुरू हुआ। दिवाली - Diwali 2023 का यह त्यौहार पांच दिनों तक मनाया जाता है। आइए जानते हैं इस साल की दिवाली की तारीख और पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व की महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में...

दिवाली 2023 कब है ?

दिवाली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। इस वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 12 नवंबर 2023 को दोपहर 2:44 बजे से प्रारंभ हो रही है। यह अगले दिन सोमवार 13 नवंबर 2023 को दोपहर 2:56 बजे समाप्त होगी। हिंदू धर्म में पर्व और त्योहार उदया तिथि के आधार पर मनाए जाते हैं, लेकिन दिवाली के दिन रात्रि में प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा करना शुभ होता है, इसलिए दिवाली 12 नवंबर 2023 - Diwali 2023 को मनाई जाएगी।

दिवाली 2023 पर पूजा शुभ मुहूर्त 
दिवाली पूजा का शुभ समय 12 नवंबर को शाम 5:40 बजे से शाम 7:36 बजे तक है. जबकि लक्ष्मी पूजा के लिए महानिशीथ काल मुहूर्त रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक है। Diwali 2023 शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने से जीवन में अपार सुख-समृद्धि आएगी।

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diwali 2023
दिवाली 2023 पर पूजा शुभ मुहूर्त 

दिवाली पूजा का शुभ समय 12 नवंबर को शाम 5:40 बजे से शाम 7:36 बजे तक है. जबकि लक्ष्मी पूजा के लिए महानिशीथ काल मुहूर्त रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक है। Diwali 2023 शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने से जीवन में अपार सुख-समृद्धि आएगी।

दिवाली कैलेंडर 2023
  • धनतेरस - 10 नवंबर
  • नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली) - 12 नवंबर
  • दिवाली - 12 नवंबर
  • गोवर्धन पूजा - 14 नवंबर
  • भाई दूज - 14 नवंबर
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन विधि
  • दिवाली पर शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की पूजा विधि पूर्वक की जाती है। 
  • इस दिन सबसे पहले कलश पर तिलक लगाकर पूजा आरम्भ करें। 
  • इसके बाद अपने हाथ में फूल और चावल लेकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का ध्यान करें। 
  • ध्यान के पश्चात गणेश जी और मां लक्ष्मी की प्रतिमा पर फूल और अक्षत अर्पण करें। 
  • फिर दोनों प्रतिमाओं को चौकी से उठाकर एक थाली में रखें और दूध, दही, शहद, तुलसी और गंगाजल के मिश्रण से स्नान कराएं। 
  • इसके बाद स्वच्छ जल से स्नान कराकर वापस चौकी पर विराजित कर दें। 
  • स्नान कराने के उपरांत लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमा को टीका लगाएं। माता लक्ष्मी और गणेश जी को हार पहनाएं। 
  • इसके बाद लक्ष्मी गणेश जी के सामने बताशे, मिठाइयां फल, पैसे और सोने के आभूषण रखें। 
  • फिर पूरा परिवार मिलकर गणेश जी और लक्ष्मी माता की कथा सुनें और फिर मां लक्ष्मी की आरती उतारें।
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