मांगलिक चिन्ह का हमारे जीवन में उपयोग और उनके प्रभाव !

मांगलिक चिन्ह का हमारे जीवन में उपयोग और उनके प्रभाव !

लेखक: सोनू शर्मा


हमारे दैनिक जीवन में मांगलिक चिन्ह किसी ना किसी रूप में उपयोग होते है और अत्यधिक प्रभाव डालते है, लेकिन इनके प्रभाव से अंजान होने के कारण हम इनका प्रयोग सही स्थान पर नहीं करते ।

१) स्वास्तिक - स्वास्तिक चिन्ह सूर्य का प्रतीक है, इसका उपयोग मुख्य दरवाज़े के दोनों तरफ लगाकर किया जाता है ।

 

२) ॐ चिन्ह - मन को एकाग्र करने के लिए ॐ का स्मरण किया जाता है और मन की शांति के लिए ॐ का उच्चारण किया जाता है । पढ़ने वाले बच्चों को अपनी मेमोरी बढ़ानी हो तो पहले ॐ का उच्चारण करे फिर पढ़ाई करना शुरू करें ।

 

३) मंगल कलश - मंगल कलश का प्रयोग विजिटिंग कार्ड पर, विवाह के आमंत्रण पत्र पर और घर के मुख्य द्धार के दोनों ओर किया जाता है । घर के अंदर जब कोई पूजा या धार्मिक कार्य हो तो मंगल कलश पूजन कक्ष के चारो कोनों में लगाया जाता हैं । तांबे का कलश, आम के पत्ते, जल, नारियल ओर पुष्प को मिलकर मंगल कलश का निर्माण होता हैं ।

 

४) जुड़वा मछली - जुड़वा मछली का उपयोग घर के मुख्य द्धार पर, बैठने के कमरे में एक्वेरियम के रूप में किया जाता हैं । शुभ कार्यो में जुड़वा मछली के चित्र को बनाने की भी परंपरा हैं ।

 

५) पंचागुल चिन्ह - गृह प्रवेश में घर के मुख्य द्धार पर पंचागुल को लगाया जाता हैं । इसकी स्थापना से सुख समृद्धि प्राप्त होती हैं, विवाह के समय हल्दी और चावल के पंचागुल लगाने की परंपरा हैं ।

 

६) सुमेरु यन्त्र - इस यन्त्र को गले में धारण करने से दुख दूर होते हैं, यह तांबे का, सोने का और चांदी का हो सकता हैं, तांबे का सुमेरु यन्त्र शुभ माना जाता हैं ।