अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन भी 4 अंक पर रहा अटल ...क्या है पूरी कहानी देखिए यहां|

By: Deepika

अपने हर काम और फैसले पर अटल रहने वाले आज  इस दुनिया में अटल जी नही रहे। अटल बिहारी वाजपेयी यह एक ऐसी शख्सियत है जिन्हें देश-विदेश के बच्चे –बच्चे जानते है। हर कोई उनके जीवन के उसूलों और उनके किरदार के कायल है। अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 में हुआ था और उनका निधन गुरूवार 16 अगस्त 2018 में हुआ। ज्योतिष के हिसाब से अटल जी के जन्म तारीख और मरण तारीख के अंको को जोड़ने से 8 अंक आता है। और इस अंक के हिसाब से अटल बिहारी जी के आखिरी पल बेहद ही कष्टकारी रहे थे।

            वहीं उनके जीवन की शुरूआत से लेकर राजनीतिक जीवन के अंकों पर एक बार नज़र डाले तो 4 अंक उनके जीवन में बेहद ही अहम भूमिका प्रदान करता है। उनके जीवन के हर फैसले और कार्य में 4 अंक ने बार-बार अपना उपस्थिति दर्ज कराई। चलिए बताते है आपकों किस प्रकरा से 4 अंक की क्या उपयोगिता रही।

  1. अटल बिहारी वाजपेयी जी  का जन्म दिसंबर के चौथे हफ्ते में और रात के चौथे प्रहर में ही हुआ था।
  2. अटल बिहारी जी अपने घर में भाई-बहन में चौथे नम्बर पर थे, यानि की वे अपने माता-पिता की चौथीं संतान थी।
  3. जब चुनाव के रिजल्टों के बाद राष्ट्रपति ने फैक्स संदेश के द्वारा तारख 10-3-1998 को बुलाया। इस दिन अटल जी राष्ट्रपति से मिलें। इस दिन की तारीख का योग करने पर (10+3+1+9+9+8=40=4) आता है।
  4. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने 19-3-1998 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण की ।और इन तारीखों का योग करने पर  भी 4 अंक प्राप्त होता है।
  5. बिजेपी और सहयोगी दलों का नेशनल एंजेडा 13 दलों द्वारा ही स्वीकार किया गया , इसका योग भी 4 अंक प्राप्त करता है।
  6. विश्वास मत पर वोट भी 28-3-1998 की तारीख को गिरे, इन अंको  योग भी 4 प्राप्त होता है।
  7. सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि विश्वास मत के पक्ष में 274 वोटों की प्राप्ति हुई जिसका योग भी 4 अंक ही प्राप्त होता है।
  8. और तो और अटल बिहारी वाजपेयी जी की जीत भी 13 वोटों से हुई जिसका योग भी 4 अंक प्राप्त होता है।
  9. उस दौरान 4 राजनैतिक पार्टियों के किसी भी सदस्यों ने मतदान नही किया और वे चार पार्टियां जनता पार्टी, बीजेपी, अकाली दल, और नेशनल कांफ्रेस ये है।
  10. अटल बिहारी वाजपेयी जी के मंत्रिमंडल में चार ही महिलाएं मंत्री बनी थी, जिनमें सुषमा स्वराज, मेनका गांधी, वसुंधरा राजे और उमा भारती शामिल रही।
  11. और यह बात भी काफी आश्चर्यजनक थी कि अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार 13 दिन बाद गिरी थी, यानि कि 4 अंकों प्राप्ति से उनका नुकसान भी हुआ था।
  12. अटल जी देश के 13 प्रधानमंत्री बने थे, और इन अंकों का योग भी 4 अंक आता है।

और खबरों के अनुसार ऐसे कयास भी लगाए जा रहे है कि अटल बिहरी वाजपेयी का पार्थिव शरीर को आज शाम 4 बजे ही पंचतत्व में विलीन किया जाएगा। यदि ऐसा सभंव होता है कि आज शाम 4 बजे ही उनका दाह संस्कार होता है तो जनम घड़ी से लेकर पंचतत्व में विलीन की भी घड़ी में 4 अंक की प्राप्ति होगी। तो इससे बिल्कुल स्पष्ट होता है कि अटल बिहारी वाजपेयी का 4 अंक से बेहद ही गहरा नाता रहा है।