पुष्कर में अघोर शिव विवाह |

By: Deepika

‘अघोरी’ यह शब्द सुनते ही हम ज्यादातर भूत-पिशाच से जुड़ी बातें और घटनाएं सोचने लग जाते है। कुछ अफवाहों के कारण इनको डरावने समझते हैं। कहते है कि जब आधी रात का बाद का समय होता है, या यह कहें कि घोर अंधकार का समय होता उस वक्त अघोरी तांत्रिक श्मशान में जाकर तंत्र-क्रियाएं करते हैं। श्मशान में घोर साधना करते है। लेकिन वास्तव में अघोरी सिर्फ अपनी वेशभुषा के कारण डरावने लगते है। अघोर एक विधा होती है जो डरावनी नही होती है, बल्कि वह डर से विपरीत होती है।

स्पष्ट रूप से अघोर का अर्थ है- अ+घोर, यानि जो घोर(डरावना) नहीं हो, जो सरल हो, जिसमें कोई भी भेदभाव नहीं हो। लेकिन यह भी सच है कि सरल बनना बेहद ही कठिन है। सरल बनने के लिए अघोरी को कठिन साधना करनी पड़ती है।

अघोरी साधु शैवा संप्रदाय से संबंधित होते है, अथार्त वे शिव भगवान के पूजक और साधक होते है। अघोरियों का मानना होता है कि एकमात्र शिव ही ऐसी शक्ति है जो दुनिया को नियंत्रित करती है और निर्माण का अन्तिम रास्ता शिव ही हैं।


चलिए आपकों बताते है कि पुष्कर में अघोर शिव विवाह की क्या अहमियत होती है। 23 अगस्त को सावन की महाशिवरात्रि आने वाली है। इस महाशिवरात्रि का एक विशेष महत्व होता है। इस दिन शिवजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। और इस दिन अघोरियों के लिए भी बेहद ही ख़ास होता है। और इस महाशिवरात्रि में पुष्कर में अघोरी बड़े ही धूम-धाम से शिव का विवाह भी करेंगे।

राजस्थान के अजमेर जिलें में पुष्कर स्थित है। पूरे विश्व भर में सिर्फ एक ही बह्रा का मन्दिर होने से पुष्कर बेहद ही चर्चित स्थान है। साथ ही पूरे विश्व भर में पुष्कर मेला, ऊंट मेला आदि काफी प्रचलित है, जिसमें दूर-दूर से लोग आते है और यहां के मेलों का आनन्द उठाते है।

पुष्कर कैसे पहुंचे-

पहले की बजाए आज पुष्कर पहुंचना काफी आसान हुआ है। पुष्कर सड़क, रेल और वायुमार्ग से पहुंचा जा सकता है। वायुयान से पुष्कर जाने पर जयपुर हवाई अड्डे पर उतरना होगा। वहां से टैक्सी या बस से आप पुष्कर पहुंच सकते हैं। घूंघरा (अजमेर), देवनगर (पुष्कर) इन दोनों स्थानों पर हैलीपैड बने हुए हैं। हैलीकॉप्टर से आने पर श्रद्धालु यहां उतर सकते हैं। यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अजमेर है।राजस्थान के कई जगहों से पुष्कर के लिए बस और टैक्सी भी चलती है। आम परिवार इस सुविधा का भी लाभ उठा सकते हैं।


पुष्कर में ठहरने का स्थान-

पुष्कर में ठहरने के लिए आज काफी सुख-सुविधाए हो गई है। यहां पर ठहरने के लिए हर तरह के बजट में कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। पुष्कर में धार्मिक जगह जो देखने के लिए पर्यटक स्थल है वहां भी बड़ी संख्या में टेंट लगाए जाते है, जिसमें काफी लग्जरी टेंट भी होते है, जिसका उपयोग वे लोग करते है जो सैलानी माहौल का पूरा आनंद उठाने के लिए टेंट में ठहरने का शौक रखते है। लेकिन ये लग्जरी टेंट आम तौर पर पर्यटन विभाग और निजी टूर ऑपरेटरों द्वारा लगाए जाते ।