कलर थेरेपी से रोगों का उपचार!

कलर थेरेपी से रोगों का उपचार!

लेखक: सोनू शर्मा

कलर थेरेपी से रोगों का उपचार !

रंगो का हमारे जीवन में बहुत महत्व है और हमारा शरीर सात रंगों ( लाल, पीला, नारंगी, हरा, नीला, आसमानी, बैंगनी) से मिलकर बना है, हमारे शरीर में जितने भी अंग है, हर अंग का अपना एक खास रंग होता है, यदि शरीर के उस भाग में उस रंग का संतुलन ठीक न हो तो शरीर में बीमारियाँ हो सकती है । उन रंगो की पूर्ति द्वारा हम रोगों का उपचार कर सकते है ।

लाल रंग की तासीर गर्म होती है, इसी कारण दर्द को ठीक करने में लाभदायक मन जाता है, यह हमारे शरीर के रक्त संचार को भी बढ़ाता है । लाल रंग आत्मविश्वास और प्यार को दर्शाता है, नकारात्मक विचारों को ख़त्म करता है । इस रंग को पसंद करने वाले लोग बहुत एनर्जेटिक, आकर्षित और महत्वाकांक्षी होते है। नींद न आना, कमजोरी, खून की कमी आदि रोगो के उपचार में इस रंग का उपयोग किया जाता है।

पीला रंग दिमाग को तेज करने में सहायक होता है, यह रंग विवेक और आत्मसम्मान को दर्शाता है, पेट और त्वचा से सम्बंधित रोगों को ठीक करने में ये रंग बहुत उपयोगी है। इस रंग को पसंद करने वाले लोग बहुत बुद्धिमान, रचनात्मक और कल्पनाशील होते है।

नारंगी रंग पाचन क्रिया को ठीक रखता है, शरीर को मजबूत बनाता है, फ़ेफ़डे के रोगों के उपचार में सहायक है , इस रंग को पसन्द करने वाले लोग साहसी और दृढ़ होते है ।

हरा रंग प्रकृति को दर्शाता है । आंखों को सुकून देता है,दिल की समस्या, हार्मोन को संतुलित करने में, त्वचा के रोग और हाई ब्लडप्रेशर के उपचार में इस रंग का प्रयोग किया जाता है । इस रंग को पसंद करने वाले लोग स्थिर और संतुलित स्वाभाव के होते है ।

नीला रंग पसंद करने वाले लोग सब चिंताओं से मुक्त रहते है और शांत स्वभाव के होते है, इस रंग की तासीर ठंडी होती है और ये ब्लड प्रशेर को संतुलित करता है, इसके अलावा अस्थमा, सिर दर्द, गुर्दो में इन्फेक्शन, फेफड़ो सर्दी - खांसी जैसे रोगों को ठीक करता है ।

आसमानी रंग मानसिक तनाव को दूर करने में बहुत सहायक है, आँखों से सम्बंधित रोगों के उपचार में भी बहुत लाभदायक है ।

बेंगनी रंग पसंद करने वाले लोग बहुत सुन्दर और सहनशील होते हैं। एक्रागता और स्मरण बढ़ाने के लिए इस रंग का प्रयोग किया जाता है ।