भारत में प्रचलित कुत्ते से जुड़े शुभ -अशुभ विचार!

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लेखिका : रजनीशा शर्मा

प्राचीन काल से ही भारत में छोटी से छोटी बात को भी बड़ी बारीकी से अध्ययन किया जाता रहा है इन्ही में से है एक ज्ञान शकुन अपशकुन का विचार कई जीवो से हम कयास लगाते है की भविष्य में क्या होगा | इन्ही में से एक जीव है श्वान अर्थात कुत्ता | आइये जानते है की भारत में  कुत्ते से जुड़े प्रचलित विचार क्या है -

* यदि आप आवश्यक कार्य से कहीं जा रहे है और आपको कुत्ता अपने मुँह में भोज्य पदार्थ लिए हुए मिल जाए तो इसका अर्थ है की आपको धन लाभ होने वाला है |

* यदि आपके घर में कुत्ता बैठ कर आकाश या किसी विशेष वस्तु को निहारे तो भी भविष्य में लाभ की स्थिति बनती है |

* यदि किसी बीमार व्यक्ति के सामने कुत्ता बार बार अपने शरीर के अंगो को चाटे तो मृत्यु के संकेत प्राप्त होते है |

* यात्रा पर प्रस्थान करते समय यदि कुत्ता आपके बायीं और साथ साथ चले तो यात्रा सफल सिद्ध होती है और लाभ ही लाभ होता है |

* यदि स्वप्नं में  कुत्ता लैट्रिन करता दिखे तो अवश्य ही धन लाभ होता है |

* कुत्तो का भौकना तो कभी भी अच्छा नहीं माना जाता यह किसी भारी विपत्ति का सूचक है |

* भोजन करते समय यदि कुत्ता सामने आ जाए और पूँछ या सर बार बार हिलाये तो भोजन त्याग देना चाहिए उस भोजन से स्वास्थ्य क्षय होने की संभावना रहती है |

* यदि सोते समय कुत्ता आपकी चारपाई के नीचे बैठ जाए तो रोग होने की संभावना होती है |

* पेड़ के नीचे कुत्ते के भौकने से अच्छी वर्षा  के संकेत मिलते  है|

*  यदि कुत्ता गुर्राता हुआ पीछे चले तो हानि होती है |

* यदि घर से निकलते समय कुत्ता आपका जूता लेकर भागे तो धन हानि होती है |

* यदि भोजन करते समय कुत्ता द्वार पर बैठ जाए तो उसे थाली से भोजन अवश्य देना चाहिए घर में सुख शान्ति बनी रहती है |