जन्माष्टमी में कभी न करे ये गलतियां|

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By: Deepika

द्वापर युग में रासलीला रचाने वाले श्री कृष्ण भगवान परम नारायण विष्णु भगवान के अवतार है। जन्माष्टमी का त्यौहार इसलिए ही मनाया जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु श्रीकृष्ण के रूप में धरती पर अवतरित हुए थे। भगवान कृष्ण के जन्म के बाद ही पूरी दुनिया में हर वर्ष जन्माष्टमी का पर्व बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाने लगा।

इस साल की जन्माष्टमी आने वाली है, तो इस बार भी सभी लोग अभी से जन्माष्टमी की तैयारियों में जुट गये है। ऐसा कहा जाता है कि प्रत्येक जन्माष्टमी पर भगवान नारायण स्वंय छोटे बाल के रूप में धरती पर आते है और अपने भक्तों को आशीर्वाद देकर जाते है। तो दोस्तों भगवान श्री कृष्ण की कृपा पाने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए जन्माष्टमी के दिन कुछ गलतियां भूलकर भी ना करनी चाहिए। इन गलतियों करने पर आपकी किस्मत के खुले ताले भी बन्द हो सकते है तो चलिए बताते है कि वे कौनसी गलतियां है जो जन्माष्टमी के दिन नही करनी चाहिए।


  1. जन्माष्टमी के दिन कृष्ण की मूर्ति की पूजा की जाती है, चाहे लडडू गोपाल के रूप में या फिर राधा-कृष्ण के रूप में। परन्तु शास्त्रों के अनुसार घर में मूर्ति पूजा को वर्जित माना गया है। इसलिए इस दिन ख़ासकर घर में मूर्ति पूजा से बचें और मन्दिर जाकर विधि-विधान से श्री कृष्ण भगवान की पूजा  करें।
  2. अगर आप किसी कारणवश मन्दिर में नहीं जा सकते है और आप घर में भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति रखना चाहते है तो जन्माष्टमी के दिन ही लडडू गोपाल या राधा- कृष्ण  मूर्ति की विधि-विधान और मंत्रों के साथ आगमन कराएं। भगवान की स्थापना किसी ज्ञानी बाह्मण के हाथों ही कराएं ताकि वह नियमों से भगवान की स्थापना करें।
  3. यदि आप इस दिन लड्डू गोपाल को हमेशा के लिए अपने घर लाना चाहते है तो ध्यान रहें कि लड्डू गोपाल की सेवा अपने बच्चे की तरह करनी होगी। जो आप खाएंगे, पिएंगे उसी का ही लड्डू गोपाल का भोग अवश्य लगेगा। साथ ही वक्त पर सुलाना, उठाना, नहलाना आदि सब का ध्यान रखना आवश्यक है।
  4. यदि आपके घर में पहले से ही लड्डू गोपाल रखे हुए है तो जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को पंचामृत जिसमें दूध,दही,घी,शहद,शक्कर से मिलकर बनाया गया पदार्थ से, अवश्य स्नान कराना है औऱ स्नान के बाद नये वस्त्र पहनाकर उनको सज़ाना चाहिए।
  5. जन्माष्टमी के दिन यदि आप किसी भी मिष्ठान या किसी भी चीज़ का भगवान को भोग लगाते है तो भोग लगाने से पहले आपकों उस भोग में तुलसी पत्र अवश्य डालने होगें अन्यथा आपका भगवान कृष्ण को भोग लगाना निरर्थक होगा।
  6. भगवान श्री कृष्ण की पूजा में जूट का इस्तेमाल कदापि ना करें। चाहे भगवान के वस्त्र के रूप में , या स्वंय के वस्त्र के रूप में और आसन आदि किसी भी चीज़ में जूट का उपयोग फलदायी नही है। यदि आप जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा बिना सिले कपड़े पहनकर या पूरे शरीर पर एक ही वस्त्र धारण करते है तो वह सबसे उत्तम होगा।  
  7. जन्माष्टमी के दिन पूजा में मुरझाए फूल और खराब फलों का उपयोग बिल्कुल भी ना करें ऐसा करने से मां लक्ष्मी रूष्ट होती है।
  8. जन्माष्टमी के दिन अपने माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लेना चाहिए और इस दिन घर में गलती से भी झगड़ा ना करे और ना होने देवें। इस दिन परिवार के सभी सदस्यों को मौन व्रत करना चाहिए। इससे एनर्जी के साथ एक अद्भुत शक्ति जिसे ईश्वरीय शक्ति भी कहा जाता है, प्राप्त होती है।