कामाख्या मंदिर है बेहद रहस्मयी, इसका सच जानकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे!

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लेखक: सोनू शर्मा


गुवहाटी से 8 किमी दूर नीलाचल पर्वत पर एक ऐसा अद्धभुत मंदिर है जिसे लोग कामाख्या मंदिर के नाम से जानते है, कहा जाता है की इस मंदिर में बहुत से राज़ दफ़न हैं|

कामाख्या मंदिर से जुडी एक ऐसी कहानी है की इस जगह पर सती देवी का योनि भाग गिरा था और इसी जगह सती देवी भगवान शिव के साथ आया करती थी । कहा जाता है की भगवान शिव से क्रोधित होकर सतीदेवी ने तांडव किया था और भगवान शिव को नष्ट करने की धमकी दी थी । इसी बात से क्रोधित होकर विष्णु जी ने सती के टुकड़े कर दिए थे और उनके शरीर का एक टुकड़ा यानि उनका योनि भाग इस स्थान परगिरा था।

ऐसी मान्यता है की कामाख्या देवी की पूजा करने से व्यक्ति को मुक्ति मिलती है और यहाँ पूजा करने से व्यक्ति की मन्नते पूरी होती है । हमारी संस्कृति में जब औरते पीरियड्स से होती है तब उन्हें बहुत अशुद्ध माना जाता है लेकिन  कामाख्या मंदिर में हर वर्ष एक मेला लगता है जिसमे यहां का पानी 3 दिन के लिए लाल हो जाता है और लोग यह मानते है की कामाख्या देवी के मासिक धर्म की वजह से ये पानी लाल हो जाता है । श्रद्धालु यहाँ 3 दिन बाद आकर मासिक धर्म से गीले हुए वस्त्रों को प्रसाद के रूप में ले जाते है । यहाँ की मान्यता के अनुसार कामाख्या देवी तभी प्रसन्न होती है जब पशुओं की बलि दी जाए और  भंडारा कराया जाए।