श्मशान घाट के समीप से जब भी गुज़रे ज़रूर रखें इन बातों का ख़याल, वर्ना हो सकता है अनिष्ट!

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लेखक: सोनू शर्मा


हिंदू धर्म में किसी भी व्यक्ति का अंतिम संस्कार श्मशान घाट में किया जाता है और उस जगह हर किसी को जाने नहीं दिया जाता, जैसे की स्त्रियों को श्मसान घाट जाने में मनाई होती है । ऐसी कुछ परिस्थितियाँहोती जिसमे श्मसान घाट जाना ठीक नहीं माना जाता है।

-    श्मशान घाट एक ऐसी जगह है जहा भूत-प्रेत रहते है इसीलिए सूर्य अस्त होने के बाद श्मशान घाट के पास से भी नहीं गुजरना चाहिए।  माना जाता है रात के समय नेगेटिव फोर्सेज या एनर्जी बहुत एक्टिव होती है और ये किसी भी इमोशनल या मेंटली वीक व्यक्ति पर जल्दी असर कर देती है और वो व्यक्ति इन नकारात्मक शक्तियों से  नहीं बच पाता और खुद पर  काबू नहीं कर पाता ।

-    ऐसा माना जाता है कि  नकारात्मक शक्तियाँ जल्दी महिलाओं को अपना निशाना बना लेती है इसी कारण महिलाओं को श्मशान में जाने की मनाही होती है । एक कारण यह भी है की अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले घर के सभी सदस्‍ययों को अपने बाल मुंडवाने पड़ते है और महिलाओं को इस प्रथा से दूर रखने के लिए भी उन्हें शमशान में नहीं ले जाया जाता । पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का मन बहुतकोमल होता है और वह बहुत इमोशनल होती है और अपने परिजन की अंतिम क्रिया देखकर वह अपने आप पर काबू नहीं रख पाती और इससे मरने वाले की आत्मा को शांति नहीं मिलती।

-    गर्भवती महिला को भी अंतिम संस्कार से दूर रखा जाता है ताकि उसके आने वाले बच्चे पर बुरा प्रभाव न पड़े ।