माथे पर तिलक लगाते समय क्यों करते हैं चावल का प्रयोग?

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लेखक: सोनू शर्मा


हिंदू  सभ्यता में माथे पर तिलक लगाना शुभ माना जाता है, कोई भी पूजा हो, त्यौहार हो, शादी हो या कोई भी शुभ कार्य हो उसमे तिलक लगाया जाता है। ज़्यादातर कुमकुम से ही तिलक लगाया जाताहै और उसके साथ चावल भी लगाया जाता है । जानते है तिलक के बाद चावल क्यों लगाया जाता हैं –

माथे पर अग्नि चक्र पर तिलक लगाया जाता है और यही से  शरीर में शक्ति का संचार होता है, यहाँ तिलक लगाने से व्यक्ति में कॉन्फिडेंस आता है और तिलक में चावल इसीलिए लगाया जाता है क्युकी चावल को शुद्धता का सूचक माना जाता है। कच्चे चावल का तिलक लगाने से सकारात्मक ऊर्जा अट्रैक्ट होती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है । ऐसा भी कहा जाता है की चावल का तिलक लगाने से समाज में व्यक्ति को सम्मान मिलता है और व्यक्ति का आकर्षण बढ़ता है और साथ ही यह व्यक्ति को रोगों से दूर रखता है तथा  व्यक्ति का मन भी खुशहाल और शांत रहता है। बहुत से लोगो का यह भी मानना है की कुमकुम और चावल का टिका लगाने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।



शायद आप यह नहीं जानते होंगे की कुमकुम और चावल का टिका लगाने से मन की उदासी दूर होती है और व्यक्ति खुश रहता है । हमे रोजाना घर से निकलने से पहले टिका जरूर लगाना चाहिए ताकि हम अच्छे कर्म करने का प्रयास करे, खुश रहे, हमारा आत्मविश्वास बड़े और हम दूसरो को भी खुशियाँ दे ।