जानिये उन्नत सूर्य पर्वत कैसे दिलाता है विश्व में प्रसिद्धि!

962.jpg

लेखिका : रजनीशा शर्मा

सामुद्रिक हस्तशास्त्र में हाथ पर बने पर्वतो का महत्व व्यक्ति के जीवन में उतना ही है जितना ग्रहो का | हथेली में जिस ग्रह का पर्वत सर्वाधिक विकसित होता है उस व्यक्ति के  जीवन  में उस ग्रह का प्रभाव भी सर्वाधिक रहता है | विज्ञान में इन्हे स्नायु कोशिकाओं का केंद्र माना जाता है जो मस्तिष्क से संबद्ध रहता है | आइये जानते है सूर्य पर्वत के विकसित ,अविकसित एवं सामान्य होने से व्यक्ति के जीवन में क्या प्रभाव पड़ता है -


अविकसित पर्वत  -

                              ह्रदय रेखा के ऊपर अनामिका ऊँगली के मूल में सूर्य का पर्वत माना गया है | यह पर्वत मनुष्य की सफलता का सूचक माना गया है | यदि यह पर्वत हथेली से अनुपस्थित हो तो व्यक्ति मंदबुद्धि एवं असफल होता है वह साधारण जीवन व्यतीत करने को बाध्य होता है | यदि सूर्य पर्वत शनि की ओर झुका हुआ हो तो व्यक्ति में तमोगुण अर्थात बुरे गुणों की अधिकता होती है | ऐसे व्यक्ति एकांतप्रिय एवं बात बात पर रोने वाले होते है | वे आलसी होते है | कोई भी कार्य पूर्ण करने में सक्षम नहीं होते और नए कार्य की ओर प्रेरित हो जाते है | यह मनुष्य के पतन का सूचक है | यदि सूर्य की ऊँगली छोटी एवं बेडौल हो तो व्यक्ति में सुर्योचित गुण अर्थात सूर्य से प्राप्त होने वाले अच्छे गुणों का आभाव होता है | इनका व्यवहार कटु होता है | इनमे प्रतिशोध की भावना प्रबल रहती है | शनि और सूर्य की निकटता व्यक्ति को दरिद्र बनाती है | अल्प विकसित सूर्य पर्वत कला एवं सौंदर्य प्रेमी तो बनाता है किन्तु व्यक्ति असफल ही रहता है |