आयुर्वेद में पेट से संबंधित समस्याओं से छुटकारा पाने का आसान और अचूक उपाय!

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लेखिका: शिक्षा सिंह 

आयुर्वेद भारत का प्राचीन विज्ञान है | इसके अचूक एवं आसान उपायों और उनके दीर्घकालिक फायदों को विश्व में सभी ने माना है | इसमें भारत की प्राचीन दुर्लभ जड़ी बूटियों का विस्तृत वर्णन है | रामायण काल में संजीवनी नामक जड़ी बूटी के प्रभाव को जाना एवं माना गया है | आज हम रोज के खाने में प्रयुक्त एक ऐसे खाद्य के बारे में जानेंगे जिसके सेवन से शर्करा एवं पाचन संबंधी कई समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है -

 

1 - गुड़ हमारे भोजन में प्रयुक्त होने वाला एक जरूरी खाद्य है | गुड़  का स्थान धीरे धीरे चीनी ने ले लिया है | जो शरीर के लिए गुड़ के समान उपयोगी एवं स्वास्थ्य वर्धक नहीं है | यदि आप रोज खाना खाने के बाद थोड़े से गुड़ सेवन करे तो गैस कई समस्या नहीं होती |

 

2 - गुड़ रक्त को शुद्ध कर मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखता है | दूध के साथ गुड़ का सेवन करने से पेट कई गर्मी से होने वाली समस्याएं नहीं होती |

 

3 - गुड़ में आयरन कई प्रचुर मात्रा पायी जाती है अतः यह शरीर में रक्ताल्पता रोग से लड़ने में सहायक सिद्ध होता है |

 

4 - गुड़ आपकी त्वचा को चमकदार बनाये रखता है | यह रक्त से अम्लीय प्रभाव को कम करता है |

 

5 - गुड़ सर्दियों में जुकाम एवं कफ से भी शरीर की रक्षा करता है |

 

6 - गुड़ शरीर की थकन को कम कर आप को फिर से तरो ताजा कर देता है | गुड़ भोजन को शीघ्र ही पचाने में सहायक होता है और शरीर को एनर्जी प्राप्त होती है |

 

7 - गुड़ शारीरिक  ताप को भी नियंत्रित करता है | गुड़ एंटी एलर्जिक होता है |

 

8 - गुड़ जोड़ो की तकलीफो को भी दूर  करने सहायक है यह शरीर के जोड़ो में होने वाली समस्याओं में लाभकारी सिद्ध होता हैं |गुड़ एवं  काळा टिल के लड्डू खाने से अस्थमा के रोगियों को लाभ पहुँचता है |

 

9 - गुड़ एवं घी के सेवन से कण के दर्द में लाभ होता है | गुड़ एवं सौंठ के सेवं से पीलिया के रोग में लाभ होता है | गुड़ एवं सरसो के तेल का एक साथ सेवं करने से स्वास रोग में लाभ होता है |