शनिदेव पर क्यों चढ़ाया जाता है तिल का तेल?

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लेखक: सोनू शर्मा

नव ग्रह में शनि भी एक ग्रह है, शनि को न्याय का देवता माना जाता है । शनि प्रत्येक व्यक्ति को इसी जन्म में उसके कर्मो के अनुसार फल प्रदान करते है जिससे वह अन्याय के मार्ग को न अपनाए । हर ग्रह के अपने अलग - अलग कारक होते है, शनि ग्रह को प्रसन्न करने के लिए तिल का तेल चढ़ाया जाता है । ज्योतिष की दृष्टि से देखे तो शनि की धातु सीसा होती है और हर शनिवार को शनि देव पर तिल का तेल चढ़ाया जाता है । देखा जाता है कि शनिदेव को शनिवार के दिन तेल चढ़ाया जाता है और इस दिन सरसों के तेल का ही दीपक भी जलाया जाता है, जानते है इन दोनों के बीच का संबंध क्या है?

ऐसी कथा प्रचलित है की शनिदेव को अपने शौर्य और बल का बहुत अभिमान था और उस समय हनुमान जी के शौर्य और बल की चर्चा चारो दिशाओं में विख्यात थी । घमंड में आकर शनि देव ने हनुमान जी को युद्ध के लिए ललकारा । उस समय हनुमान जी श्री राम जी की शक्ति में लीन थे क्योकि उस समय रामसेतु बनाने का कार्य चल रहा था ।

हनुमान जी ने शनिदेव को समझाने का बहुत प्रयास किया पर जब शनिदेव न माने तब क्रोधित होकर हनुमान जी ने शनिदेव को उठाकर शिला पर पटक दिया। ऐसा उन्होंने कई बार किया जिससे शनिदेव के शरीर पर जगह जगह घाव हो गए । शनिदेव के क्षमा मांगने पर हनुमान जी ने तिल का तेल घाव पर लगाया । तभी से शनिदेव को तिल का तेल चढ़ाने की परंपरा आरम्भ हो गई ।