भारत के ऐसे मंदिर जिनका निर्माण सिर्फ एक दिन में ही हुआ था!

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लेखिका: शिक्षा सिंह

भारत एक ऐसा देश है जहाँ पर लोग पूजा पाठ में बहुत विश्वास करते हैं। लोग अपनी शांति के लिए मंदिर जाते  हैं और वहां पर अपने अपने इष्ट देव की पूजा करते हैं। इनमे से कई मंदिर बहुत ही भव्य और विशाल होते है की उनकी सुंदरता हर किसी को लुभा लेती हैं। इनमे से कुछ मंदिर ऐसे है जिनके निर्माण के साथ अद्भुत कहानी जुडी हुई हैं। जी हां भारत के विशाल और भव्य मंदिरो में से कुछ मंदिर ऐसे है जिन्हे सिर्फ एक रात में बनाया गया था। यह मंदिर इतने बड़े और खूबसूरत तरीके से बनाये गए है की इस बात पर विश्वास करना आसान नहीं होता है की ऐसे मंदिर एक रात में बनाये जा सकते हैं। तो चलिए आज आपको बताते है ऐसे ही कुछ मंदिरो के बारे में : 

भोजेश्वर मंदिर, मध्य प्रदेश : यह मंदिर मध्य प्रदेश में स्थित शहर भोजपुर में हैं।  भोजपुर शहर के पास एक बहुत बड़ी पहाड़ी है जहा पर यह मंदिर बनाया गया हैं।  यह मंदिर भगवन शिव का मंदिर है और इस मंदिर की सबसे विशेष बात यह है की इसमें जो विशाल शिवलिंग स्थापित है वह पूरे विश्व में एक ऐसा शिवलिंग है जो एक ही पत्थर से बना है और यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग हैं। इस मंदिर के निर्माण के पीछे यह कहानी है की इस मंदिर को बस एक ही रात में बनाया गया था। ऐसा माना जाता है की इस मंदिर को सिर्फ एक ही रात में बनाना था लेकिन ऐसा न हो सका और मंदिर बनते बनते सुबह हो गयी थी। सुबह होने तक मंदिर की छत का काम पूरा नहीं हो सका था और इसलिए उस को ऐसे ही अधूरा छोड़ा गया था और आज तक इस मंदिर के काम को अधूरा ही रखा हुआ हैं।

गोविन्द देव जी मंदिर , वृन्दावन : वृन्दावन भगवान् कृष्णा की नगरी है और गोविन्द देव जी मंदिर वृन्दावन , उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। इस मंदिर के पीछे की कहानी कुछ ऐसे है की इस भव्य मंदिर को भी एक ही रात में बनाया गया था और माना जाता है की इसको भूतो और कुछ दिव्य शक्तियों ने मिल कर पूरी रात में पूरा कर दिया था।  इस मंदिर के बारे में भी यही कहा जाता है की अगर किसी पास से देखा जाए तो यह भी अधूरा लगता हैं। 

देवघर मंदिर , झारखंड :यह मंदिर देओगढ़ ,झारखंड में स्थित हैं।  इस मंदिर की भी यही कहानी है की इसको एक रात में बनाया गया और एक रात के बात जितना भी यह मंदिर बन पाया उसको वही छोड़ दिया गया और इसलिए यह मंदिर भी आज तक अधूरा ही हैं।  इस मंदिर का निर्माण शालिपी विश्वकर्मा ने किया था। मंदिर के अंदर ही देवी पार्वती का मंदिर भी हैं। 

यह थे ऐसे अदभुद  मंदिर जो एक रात में बनाये गए थे लेकिन अगर आप यहाँ होकर आएंगे तो आप विश्वास नहीं कर पाएंगे की यह मंदिर एक ही रात में बनाया गया था।