क्या आपका जन्म राक्षस गण में हुआ है?

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लेखक: सोनू शर्मा

ज्योतिष के अनुसार जो व्यक्ति जिस नक्षत्र में पैदा होता है उसी के अनुसार उस व्यक्ति का गण  होता है । व्यक्ति के गण के अनुसार उसके स्वभाव और चरित्र के बारे में जाना जा सकता है ।

  • व्यक्ति को तीन गणों में बांटा गया है; मनुष्य, देव और राक्षस गण।  जो व्यक्ति कृत्तिका, अश्लेषा, मघा, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, धनिष्ठा, शतभिषा नक्षत्र में जन्म लेते है वे राक्षण गण के होते है ।

  • बहुत से लोग राक्षस गण का नाम सुनते ही डर जाते है लेकिन शायद वो लोग राक्षस गण के लोगों की खूबियों के बारे में नहीं जानते । इस गण में पैदा हुए लोगों की खूबी यह होती है कि उनमे नेगेटिव वाइब्रेशन या नेगेटिव एनर्जी को पहचानने की क्षमता होती है या कहे तो उनकी सिक्स्थ सेंस बहुत स्ट्रांग होती है । इस गण में पैदा हुए लोग बहुत निडर, साहसी और इंडिपेंडेंट होते है और इनकी विल पावर भी बहुत स्ट्रांग होती है । राक्षस गण के लोग विपरीत परिस्थिति में भी नहीं घबराते और डट कर उसका मुकाबला करते है ।

  • शादी के लिए जब लड़के और लड़की की कुंडली मिलाई जाती है तब उसमे गणो का मिलान भी देखा जाता है, सुखद शादी शुदा जीवन के लिए गणो का मिलान बहुत आवशयक होता है । यदि लड़के और लड़की दोनों का गण एक है तो उनमे आपस में बहुत प्रेम होता है और उनका शादीशुदा जीवन बहुत सुखद होता है और यदि लड़के और लड़की का गण देव गण और राक्षस गण हो तो उनमे मतभेद बना रहता है ।