होरा शास्त्र से जानिए कौनसा कार्य किस शुभमुहूर्त में करे !

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लेखक: सोनू शर्मा

होरा शास्त्र से जानिए कौनसा कार्य किस शुभमुहूर्त में करे !

आमतौर पर अगर हम कोई भी विशेष कार्य या शुभ कार्य करते है तो हम उसे शुभ मुहूर्त में ही शुरू करते हैं। ज्योतिष शास्त्र मे होरा शास्त्र का जिक्र किया गया है, इसके हम जान सकते है की हमे कौनसा कार्य किस मुहूर्त या होरा में करना चाहिए । एक दिन में २४ घंटे होते है और एक होरा १ घंटे की होती है, यानि एक दिन में २४ होरा होती है, हर एक होरा अलग अलग ग्रहों से सम्बंधित होती है । जानते है कौनसी होरा में कौनसा काम करना चाहिए ताकि हमे अपने काम में सफलता प्राप्त हो सके ।

सूर्य की होरा - टेंडर भरना, सरकारी नौकरी शुरू करना, किसी उच्च अधिकारी से मिलना हो या अगर आपको मानिक रत्न धारण करना हो तो ये सब शुभ काम सूर्य की होरा में करने चाहिए ।

चंद्र की होरा - वैसे तो चंद्र की होरा सभी शुभ कार्यो के लिए अच्छी मानी जाती है, इसमें मोती रत्न धारण किया जाए तो ये सबसे अच्छा फल देता है |

मंगल की होरा - सट्टा लगाना, किसी को कर्ज देना, पुलिस या न्यायालय से रिलेटेड कोई काम हो तो ये सब कार्य मंगल की होरा में करने चाहिए ।

बुध की होरा - यदि आप नया बिज़नेस शुरू करना चाहते है जैसे की प्रकाशन कार्य या आपको अपने बच्चे की पढ़ाई शुरू करवानी हो तो ये काम बुध की होरा में करना चाहिए ।

गुरु की होरा - यदि आपको कोई विवाह से सम्बंधित काम करना हो या किसी हाई पोस्ट के अधिकारी से मिलना हो तो ये कार्य गुरु की होरा में करने से अच्छा फल मिलता है।

शुक्र की होरा - नवीन ज्वेलरी या कपडे खरीदने हो या पहनने हो, कोई यात्रा शुरू करनी हो तो शुक्र की होरा में करनी चाहिए ।

शनि की होरा - अपने मकान की नींव खुदवानी हो, नया घर बनाना शुरू करना हो तो शनि की होरा में करने से ये सब कार्य सफलता पूर्वक हो जायेंगे ।