आज है पीएम मोदी का जन्मदिन, जानिए कैसी है उनकी जन्मकुंडली|

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By: Deepika

चारों तरफ 2019 के चुनावों की चर्चा बनी हुई है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर देश-विदेशों में उत्सुकता बनी हुई है कि अगले साल प्रधानमंत्री का सिंहासन उनका ही रहेगा या फिर कोई और इसे छीन ले जाएगा। पीएम मोदी के 4 साल के कार्यकाल को देखते हुए यह कहना बिल्कुल सही होगा कि उनको हराने के लिए एड़ी से लेकर चोटी तक ज़ोर लगाया जा रहा है और साथ ही उनके विरोधियों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है।

और आज उनका जन्मदिन है और उनकी जन्मकुंडली क्या कह रही है? ग्रह-नक्षत्रों के हिसाब से क्या पीएम मोदी 2019 के चुनावों में जीत हासिल कर सकेंगें? चलिए बताते है आपकों।

पीएम मोदी की जन्मकुंडली-

मोदी की प्रचलित जन्म तारीख 17 सितम्बर 1950, और जन्म समय - 11 बजे और जन्म स्थान गुजरात के मेहसाणा में हुआ था। इस कुंडली के हिसाब से मोदी की जन्मकुंडली में राजयोग कई वर्षों तक बने हुए है। इस राज योग से 15 साल तक मुख्यमंत्री के पद  पर रहें और अब प्रधानमंत्री के पद पर आसीन है।और पिछले तीन -चार सालों में शुभ ग्रहों के चलते ही पीएम मोदी देश - विदेश में अपना प्रभुत्व स्थापित कर रहें है।

उनकी जन्मकुंडली में कई अच्छे योग बनें हुए है, जिसके बलबूते उन्हें अपार सफलता प्राप्त हो रही है।जैसे गजकेसरी योग, मूसल योग, केदार योग, रूचक योग, वोशि योग, भेरी योग, चंद्र -मंगल योग, नीच भंग योग, अमर योग, कालह योग, शंख योग तथा वरिष्ठ योग।  

इस साल की वर्ष कुंडली कहती है कि अगले एक वर्ष में उनको अपने राजनीतिक जीवन में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। चंद्र में शुक्र की विंशोत्तरी दशा सितंबर 2018 से मई 2020 तक रहेगी। सप्तमेश शुक्र वर्गोत्तम होकर सत्ता स्थान यानी दशम भाव में है, जो कि उनको 2019 के आम चुनावों के बाद केंद्र की सत्ता में वापस लेकर आएगा। लेकिन अन्तर्दशा नाथ शुक्र के द्वादश भाव का स्वामी यानि कि हानि का स्वामी होने के कारण बड़ा राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन में इस साल पहली बार उनके विरोधी उन पर हावी होते दिखेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी की वर्षकुंडली में वृषभ लग्न उदय हो रहा है, जहां अष्टम भाव में बैठे चंद्र और शनि उनको मानसिक कष्ट देने का योग बना रहे हैं। वृषभ लग्न की वर्ष कुंडली के दशम भाव को देख रहे गुरु, शनि और बुध उनको केंद्र की सत्ता में वापस आने का ज्योतिषीय संकेत तो दे रहे हैंलेकिन उनकी राजनीतिक पकड़ थोड़ी हाथ से निकली हुई रहेगी। और कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों में हार के योग भी बन रहें है।

इन दिनों मोदी की जन्मकुंडली में शनि की साढ़ेसाती दशा के प्रभाव में है जिस कारण उन्हें अपनी मंजिल पाने के लिए अधिक से अधिक कठिन परिश्रम करना पड़ रहा है। शनि के प्रभाव से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी मुश्किलों के बावजूद भी मंगल की मेहरबानी से मोदी का राजनीतिक सफर अगले पांच सालों तक फिर से सत्ता में बने रहने का संकेत दे रहा है।