आपकी कुंडली में नव ग्रह और शेयर मार्किट का सम्बन्ध!

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By: Sonu Sharma


ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति की कुंडली में पंचम, अष्टम तथा एकादश भाव से धन लाभ के बारे में जाना जाता है, वो धन जो व्यक्ति को किस्मत से मिलता है । यदि कुंडली में ये सब भाव मजबूत और शुभ न हो तो शेयर मार्किट में मुनाफा नहीं होता ।  राहु और चन्द्रमा का भी शेयर बाज़ार में लाभ और हानि का सम्बन्ध है तथा कुंडली में बृहस्पति और बुध की स्थिति शुभ हो तो शेयर बाज़ार में लगातार लाभ बना रहता है ।

-      यदि कुंडली में पंचम भाव और पंचम का स्वामी मजबूत हो तो व्यक्ति को बहुत धन लाभ होता है ।

-      बृहस्पति की स्थिति यदि मजबूत हो तो कमोडिटी इन्वेस्टमेंट में निवेश करना ज़्यादा फायदेमंद रहता है ।

-      यदि राहु बलवान हो तो व्यक्ति शेयर बाजार में बहुत पैसा कमाता है ।

-      कुंडली में धन भाव में राहु बैठा हो तो ऐसे व्यक्ति को कभी भी शेयर बाजार में निवेश नहीं करना चाहिए अन्यथा व्यक्ति कंगाल हो जाता है ।

-      अगर सूर्य राहु , चन्द्र राहु या गुरु राहु का योग हो तो ऐसे व्यक्ति को शेयर मार्किट में निवेश की कल्पना भी नहीं करनी चाहिए ।

-      यदि कुंडली में राहु केंद्र में स्थित हो तो शुरुवात में व्यक्ति शेयर बाजार में मुनाफा कमाता है लेकिन कुछ समय बाद वह सब गवा देता है ।

-      यदि कुंडली में बुध बलवान हो तो ऐसा व्यक्ति शेयर कंसलटेंट या शेयर ब्रोकर का व्यवसाय अपना सकता है, लेकिन वह खुद यदि निवेश करे तो वह फायदे में नहीं रहेगा ।­­­­

यदि हम अपने ग्रह के हिसाब से शेयर मार्किट में उसी क्षेत्र में निवेश करे जिसका सम्बन्ध उस ग्रह से हो तो हम सफल होंगे; सूर्य - म्यूच्यूअल फण्ड, चन्द्रमा - शीशा, दूध, मंगल - खनिज पदार्थ, बुध - आयात निर्यात ,बृहस्पति - पीले अनाज , शुक्र - सौैंदर्य प्रसाधन , शनि - काली वस्तुएं तथा  राहु और केतु - इलेक्ट्रॉनिक्स ।