क्या है ॐ ध्यान और उसके लाभ!

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By: Sonu Sharma

ॐ शब्द के ये ढाई अक्षर पूरे ब्रहमांड का सार है, माना जाता है कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड से हमेशा  ॐ की ध्वनि निकलती है । ॐ को प्रथम ध्वनि कहा जाता है, ब्रह्माण्ड के अस्तित्व में आने से पहले जो ध्वनि थी, वह थी ॐ की ध्वनि । ॐ शब्द तीन अक्षरों से मिलकर बना है अ, उ और म; अ का अर्थ है उत्पन्न होना, उ का अर्थ है विकास तथा म का अर्थ है मौन हो जाना ।

ॐ का उच्चारण  करने से हमारे शरीर मे कंपन शुरू हो जाती  है और इससे हमे बहुत से शारीरिक, मानसिक तथा आत्मिक लाभ मिलते हैं। "अ" शब्द के उच्चारण से शरीर के निचले हिस्से में कम्पन महसूस होती है, "उ" शब्द से शरीर के बीच के भाग में तथा "म" शब्द से शरीर के ऊपर के भाग में कम्पन होती है । शास्त्रों के अनुसार पूरे दिन में ऐसे कुछ घंटों का समय होता है जिसमे ॐ का जाप करना बहुत लाभकारी और फलदायी होता है, सुबह सूर्योदय के समय और रात में सोने से पहले इसका जाप करना लाभदायक होता है ।

ॐ का जाप करने के लिए पद्मासन या सुखासन में बैठ जाए, आँखे बंद कर ले और गहरी साँस छोड़ते हुए ॐ का उच्चारण करे। आपको अपने शरीर के मध्य में कम्पन महसूस होगी और ये कम्पन शरीर के ऊपरी भाग में आती हुई महसूस होगी और धीरे धीरे आप पूरे शरीर में ये कम्पन महसूस करेंगे । निरंतर इसका जाप करने से आपका मन शांत होगा, समरण -शक्ति तेज होगी, मन एकाग्र होगा, शरीर पर सकारात्मक प्रभाव होगा, बहुत से रोगों से छुटकारा मिलेगा जैसे की नींद ना आने की समस्या, पाचन तंत्र से सम्बंधित समस्या, हार्ट सम्बन्धी बीमारी इत्यादि ।

यदि आप अपनी भागदौड़ और चुनौती भरी ज़िन्दगी  में से रोजाना 15 मिनट निकालकर ॐ का उच्चारण करें तो आपको कुछ ही दिन में शारीरिक और मानसिक बदलाव महसूस होने लगेगा ।