बच्चों के यह नाम भूल कर भी मत रखिये !

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By: Sonu Sharma
 

हिन्दू संस्कृति में पुराने समय से नामकरण की परंपरा चली आ रही है, सोलह संस्कारों में से नामकरण भी एक संस्कार है । बच्चे के जन्म से पूर्व ही माता पिता अपने आने वाले बच्चे का नाम सोचने लगते है और बच्चे के जन्म के समय नक्षत्र और ग्रह की स्थिति के अनुसार  उसका नाम रखा जाता है। व्यक्ति को उसके नाम से जाना जाता है, उसी से उसकी पहचान होती है। हमारा नाम हमारे व्यक्तित्व को दर्शाता है, किसी का नाम सुनते ही लोग अपने मन में उस व्यक्ति के बारे में राय बना लेते है । जानते है ऐसे कुछ नाम जिन्हे सुनते ही नकारात्मकता आती है और जिन्हे भूल कर भी नहीं रखना चाहिए –

विभीषण - यह नाम बहुत लोकप्रिय है, रामायण में विभीषण एक महत्वपूर्ण किरदार था और इसका अर्थ है जिसे क्रोध न आता हो । विभीषण को घर का भेदी कहा जाता है इसलिए यहनाम रखने से बचना चाहिए ।

द्रौपदी - एक राजकुमारी होने के बावजूद भी द्रौपदी को अपने जीवन में बहुत संघर्ष करना पड़ा, उसका विवाह पांचों पांडवों से हुआ था और इसी कारण लोग यह नाम रखना अवॉयड करते है ।

मंदोदरी - मंदोदरी बहुत ही अच्छी और गुणवान स्त्री थी लेकिन क्युकी वह रावण की पत्नी थी इसलिए लोग इस नाम को शुभ नहीं मानते ।

सुग्रीव - सुग्रीव बहुत ही धार्मिक था लेकिन उसने भगवान राम से अपने भाई की मृत्यु करवाके राज्य हासिल किया था और इसी कारण लोग अपने बेटे का नाम सुग्रीव रखने में हिचकिचातेहै ।

नकुल - यह नाम  महाभारत में बहुत लोकप्रिय था, पांचों पांडवों में से एक पांडव का नाम “नकुल” था, लेकिन इस नाम का अर्थ है “नेवला” और "जिसका कोई कुल या परिवार नहीं" ।इसीलिए यह नाम नहीं रखना चाहिए ।

हमेशा अपने बच्चे का नाम रखने से पहले व्यक्ति को बहुत सोच विचार कर लेना चाहिए और उसके पश्चात ही नाम रखना चाहिए ।