भारत के आश्चर्यों में शामिल है ये मंदिर, एक साथ होते हैं 30 हज़ार नागों के दर्शन!

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By: Sonu Sharma

सावन का महीना इस महीने की 28 तारिक से शुरू होने वाला है, इस महीने में हिन्दू धर्म को मानने वाले लोग भगवान शिव की आराधना करते है । वैसे तो भारत में बहुत से शिव मंदिर है लेकिन आजहम आपको बताने जा रहे है एक ऐसे शिव मंदिर के बारे में जो बहुत ही खास है । शिव जी से जुड़े होने की वजह से नागों को बहुत पूजनीय माना जाता है, अक्सर देखा जाता है की शिव भगवान के हर मंदिर में  नाग देवता की छवि अवशय मिलती है । जानते है एक ऐसे मंदिर के बारे में जहाँ 1 या 2 नहीं, करीब 30 हज़ार नाग देखे जाते हैं और माना जाता है की इस मंदिर के दर्शन मात्र से ही भक्तो की मनोकामना पूरी होती है । केरल में अलप्पुझा जिले के हरीपद गांव में यह मंदिर स्थित है, इस मंदिर को श्रीनागराज मंदिर  तथा मन्नार टेंपल के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की ओर जाते हुए पेड़ों पर 30,000 से भी ज्याद  नाग देवता के चित्र दिखतें है।



पौराणिक कथा के अनुसार, क्षत्रियों के वध के पाप से मुक्त होने के लिए भगवान परशुराम ने इस मंदिर का निर्माण किया था, कहा जाता है की केरल का निर्माण भी परशुरामजी ने ही किया था । परशुरामजी की तपस्या और आस्था से प्रसन्न होकर नागराज ने उन्हें वरदान दिया कि वह उनपर अपनी कृपा बनाए रखेंगे, मंदिर में उपस्थित रहेंगे और भक्तों का उद्धार करेंगे । इस मंदिर में शंकर जी की पूजा की जाती है लेकिन नाग के रूप में, मंदिर में सर्पों के देवता राहू का स्थान भी है ।



माना जाता है की इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी हुई हर मनोकामना पूर्ण होती है, जिन को संतान नहीं हैं उनके लिए यहाँ उरुली कमजाहथाल नामक विशेष पूजा की जाती हैं । सावन के महीने में एक बार इस मंदिर में अवशय आना चाहिए ।