होने वाला बच्चा लड़का है या लड़की, इन लक्षणों से जान सकते हैं!

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लेखक: सोनू शर्मा


जब कोई स्त्री गर्भवती होती है तो उसके मन में ये उत्सुकता होती है कि आने वाला नन्हा मेहमान लड़का होगा या लड़की, यहाँ तक की घर के सभी लोग अपने अपने अंदाज से अनुमान लगाने लगते है । ऐसे कुछ लक्षण है जिनसे पुराने समय में बुजुर्ग लोग ये अंदाज़ लगाते थे कि गर्भ में लड़का है या लड़की है –

कहा जाता है की गर्भवती स्त्री का खट्टा खाने का बहुत मन करता है लेकिन शायद आप ये नहीं जानते होंगे की यदि खट्टा खाने का मन करे तो इससे लड़का होने की ज़्यादा सम्भावना होती है और मीठा खाने का मन करे तो लड़की की सम्भावना होती है। यदि महिला का मन  मिट्टी के बर्तन की टूटन  खाने का करे तो भी लड़का होने के चान्सेस ज़्यादा होते है । यदि प्रेग्नेंट महिला के चेहरे पर पिंपल निकलने लगे तो इससे से अंदाज़ लगता है की पेट में लड़का है । यदि महिला को लगातार लम्बे समय तक उल्टियां होती रहे तो समज लेना चाहिए की लड़का होने की प्रोबेबिलिटी ज़्यादाहै । वैसे तो गर्भावस्था में पांचवे महीने से हर महिला का पेट निकलने लग जाता है लेकिन यदि किसी महिला का पेट ज़्यादा निकल जाए तो ये लड़का होने का लक्षण है । गर्भावस्था में अक्सर मूत्रका रंग बदलना एक नार्मल बात है लेकिन अगर मूत्र का रंग बहुत गाढ़ा हो तो यह दर्शाता है की गर्भ में लड़का है।

यदि गर्भवती महिला की डिलीवरी का समय आ रहा है यानि नौवा महीना पूरा होने वाला है और बच्चे की ज़्यादा मूवमेंट नहीं है तो ये इस बात की निशानी है की पेट में लड़की है। प्रेगनेंसी में स्तन का साइज इनक्रीस होना स्वाभाविक प्रक्रिया है लेकिन अगर दाएं तरफ का स्तन का साइज ज़्यादा बड़े तो इसका मतलब की महिला के पेट में लड़का है ।