जानिए मस्तिष्क रेखा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य!

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लेखक: सोनू शर्मा

मस्तिष्क रेखा का विस्तृत वर्णन हम जान चुके है आज हम कुछ ऐसे तथ्य जानेंगे जो दोनों हाथो की मस्तिष्क रेखा से जुड़े होते है और हम पर गहरा असर डालते है -


1 - यदि बाए हाथ की मस्तिष्क रेखा नीचे की और मुड़ जाए और दाये हाथ की मस्तिष्क रेखा सीधी प्रारम्भ से हाथ के अंत तक जाए तो व्यक्ति परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने में सक्षम होता है | वह अपनी इच्छाओ और परिस्थिति में संतुलन बनाना सीख लेता है |


2 - यदि दोनों हाथो की मस्तिष्क रेखाएं एक समान हो तो व्यक्ति के जीवन में मानसिक समस्याएं नहीं आती और वह अपने मस्तिष्क पर अधिक बोझ भी नहीं डालता |


3 - बाए हाथ की मस्तिष्क रेखा दो भागो में बंटकर एक नीचे की और जाए और दूसरी सीधी जाए तथा दाये हाथ की मस्तिष्क  रेखा सीधी हो तो व्यक्ति व्यवहारिक एवं कल्पनाशील दोनों ही स्वभाव वाला होता है | यदि बाए हाथ की मस्तिष्क रेखा बंटकर एक रेखा ऊपर की ओर जाये तो व्यक्ति माता का अनुयायी होता है | यदि दोनों ही हाथो में रेखा ऐसी ही हो तो व्यक्ति माता के गुणग्राही होता है |


4 - यदि बाए हाथ की मस्तिष्क रेखा बहुत हल्की एवं दाये हाथ की मस्तिष्क रेखा गहरी एवं स्पष्ट हो तो व्यक्ति अपनी स्वयं की बुद्धि एवं विवेक से सफलता प्राप्त करता है | ऐसे व्यक्ति अति महत्वाकांक्षी होते है


5 - यदि व्यक्ति के दाये हाथ की मस्तिष्क रेखा क्षीण एवं कमजोर हो तो वह संतोषी स्वभाव का होता है | चौड़ी मस्तिष्क रेखा वाले अधिक शारीरिक श्रम करने वाले होते है | मानसिक श्रम करने वाले व्यक्ति पतली ,गहरी एवं स्पष्ट मस्तिष्क रेखा के स्वामी होते है |


6 - वर्गाकार हाथ   में यदि मस्तिष्क रेखा मुड़ी हुई हो तो व्यक्ति कल्पनाशील एवं  तार्किक दोनों ही गुण रखता है |

7 - यदि किसी व्यक्ति के हाथ में दोहरी मस्तिष्क रेखा हो तो व्यक्ति बुद्धिमान एवं चतुर होता है किन्तु दोहरी मस्तिष्क रेखा व्यक्ति को अवगुणी भी बना देती है | ऐसा व्यक्ति दयालु ,बुद्धिमान होने के साथ साथ कूटनीतिज्ञ एवं स्वार्थी भी होता है | ऐसी मस्तिष्क रेखा वाले व्यक्ति को धन सम्पदा की कोई कमी नहीं होती |

8 - जंजीरनुमा मस्तिष्क रेखा व्यक्ति को कम बुद्धि वाला एवं मानसिक रोगी बना देती है | यदि ऐसी मस्तिष्क रेखा जीवन रेखा से दूर हो तो व्यक्ति के मानसिक रोग का इलाज असम्भव हो जाता है और वह स्वयं एवं दूसरो के लिए घातक एवं दुखदायी सिद्ध होता है |

9 - यदि जंजीरनुमा मस्तिष्क रेखा नीचे की और मुड़ जाए तो ऐसे व्यक्ति मानसिक दुर्बलता के कारण आत्महत्या तक कर लेते है |

10 - यदि प्रारम्भ में गुरु पर्वत के नीचे मस्तिष्क रेखा जंजीरनुमा हो और बाद में स्पष्ट एवं गहरी हो तो व्यक्ति का प्राम्भिक जीवन मानसिक अवसाद युक्त होता है किन्तु बाद में वह दृण व्यक्तित्व का स्वामी बन जाता है | यदि शनि पर्वत पर द्वीप का चिह्न हो तो व्यक्ति सिर दर्द एवं चिंता से ग्रसित रहता है | यदि सूर्य पर्वत के नीचे मस्तिष्क  रेखा पर द्वीप हो तो व्यक्ति नेत्र विकार से ग्रसित रहता है या नेत्रहीन भी हो सकता है |

11 - मस्तिष्क रेखा पर द्वीप यदि बुद्ध पर्वत के नीचे हो तो ऐसा व्यक्ति प्रौढ़ावस्था में चिंता से ग्रसित रहता  है एवं विक्षिप्त भी हो सकता है यदि यह निशान गहरा हो जाए तो |