क्या कहती है सोनम कपूर और आनंद आहूजा के विवाह की कुंडली?

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लेखिका : रजनीशा शर्मा

               बालीबुड में अपने अभिनय के दम पर अपनी पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सोनम कपूर अपने विवाह को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है | आनंद आहूजा के साथ लम्बे समय तक डेटिंग करने के बाद आखिर दोनों परिणय सूत्र में बंध ही रहे है | बालीबुड में सभी भारतीय ज्योतिष एवं मुहूर्त में विश्वास रखते रहे है |


आइये जानते है सितारे उनके विवाह बंधन के विषय में क्या कह रहे है -

सोनम कपूर का नाम शतभिषा नक्षत्र के अंतर्गत आता है और इस नक्षत्र का स्वामी राहु है | सोनम कपूर की राशि कुम्भ है | कुम्भ राशि का स्वामी शनि है | जबकि आनंद का नाम कृतिका नक्षत्र का घोतक है कृतिका नक्षत्र का स्वामी सूर्य है और इनकी राशि मेष है एवं स्वामी मंगल है  | यह विवाह बंधन और भी चमत्कारिक हो सकता था यदि दोनों एक ही क्षेत्र में एक साथ आगे बढ़े | शनि और मंगल एक दुसरे के सहायक ग्रह है जो एक खूबसूरत संबंध की और इशारा कर रहे है | वे दोनों ही रोमांटिक , महत्वाकांक्षी एवं विश्वसनीय है | यदि इनके बीच तनाव होता है तो उनमे बहुत से टकराव सम्भव है | किन्तु उनके एक दुसरे के प्रति आकर्षण उन्हें नए संबंधो को मौका देने का काम करेगा |

                                                                                     यदि इनके गुण मिलान की बात करे तो कुल 36 गुणों में से 28 गुणों से यह विवाह बन रहा है जो की कुंडली मिलान में शुभ विवाह का योग माना जाता है | आनंद आहूजा की कुंडली का सूक्ष्म मंगल दोष उनके बीच टकराव की वजह बन सकता है |


वर्ण -

       यदि इनके वर्णो की बात करे तो लड़के का वर्ण क्षत्रिय है और लड़की का शूद्र | क्षत्रिय वर्ण के व्यक्ति दयालु और महंती होते है वह सुनियोजित तरीके कार्य करना पसंद करते है और नायक की भूमिका में रहते है | जबकि लड़की मेहनती और घरेलू स्वभाव की महिला है | वह क्रियात्मक एवं खुशमिजाज है | दोनों ही वर्ण एक दुसरे के प्रति उदार है |


वैश्य -

         लड़के का वैश्य चतुष्पद एवं लड़की का मानव है | इसे ना बहुत अच्छा कहेंगे ना खराब | इन दोनों का ही स्वभाव एक दुसरे की कमिया निकलना है और ये जल्दी एक एक दुसरे के विचारो से सहमत नहीं होते | लड़की का स्वभाव उसे पूरी तरह से लड़के के साथ घुलने मिलने में सहयोग करने वाला नहीं है जो की एक सुखद भविष्य के लिए बिलकुल अच्छा नहीं होगा |


तारा -

             लड़के का तारा प्रत्यारी एवं लड़की का तारा मित्र है | यह उनके विवाह में प्रेम संबंधो में कई उतार चढ़ाव कई स्थिति को दर्शाता है | यहां मित्र तारा लड़की की भावुकता को दर्शाता है | जबकि लड़का इस ओवरईमोशनल परिस्थिति को समझने को अक्षम है | यदि लड़की को लड़के का पूरा सहयोग मिले तो वह पारिवारिक माहौल को सवारने में सक्षम हो सकती है | कुल मिला कर यह लगभग सब ठीक ही रहेगा |


योनि -

            लड़के की योनि मेष एवं लड़की की योनि अश्व है | ये दोनों ही एक दूसरे को भरपूर प्रेम , समझ और सहयोग देने में सक्षम है | ये दोनों ही एक दूसरे के साथ का  पूरी तरह से आनंद उठाने में सक्षम है |


राशि स्वामी -

                   लड़के का राशि स्वमी मंगल एवं लड़की कृषि स्वामी शनि है | इनमे आकर्षण तो है किन्तु इनके कार्य एक दूसरे को भाने वाले नहीं है | अलगाव इनके रोज के जीवन का हिस्सा बन सकती है |


गण -

                 लड़का लड़की दोनों ही रक्षण गण के अंतर्गत आते है | यह गण मिलान काफी ही अच्छा सिद्ध होगा | वे एक दूसरे के सहयोगी होंगे और आपसी समझ भी बेहतर होगी | उनकी सोच और आदर्श एक जैसे होंगे जो उनके संबंध को बेहतर बनाएंगे |


भकूट -

                 लड़के की राशि मेष और लड़की की राशि कुम्भ है | ये दोनों ही राशियाँ एक दूसरे के लिए बेहतर जीवनसाथी सिद्ध होती है |


नाड़ी -

                      लड़के की नाड़ी अन्त्य है और लड़की की नाड़ी आदि है | इससे इनके विचार एक दूसरे से मेल खाते है जो एक सुखी वैवाहिक जीवन के लिए बहुत ही जरूरी है | दोनों एक दूसरे को हर प्रकार से सहयोग करने और मार्गदर्शन करने में सक्षम होंगे |