सोनम और आनंद आहूजा की ज़िन्दगी रोमांटिक होगी या नहीं, देखिये!

1047.jpg
लेखिका: रजनीशा शर्मा
अनिल कपूर की बेटी सोनम कपूर यूँ तो अपने स्टाइल को लेकर हमेशा ही चर्चा में रहती है | लेकिन आज 8 मई 2018  को के ख़ास दिन वो अपनी शादी की वजह से चर्चा का विषय बनी हुई है | सोनम कपूर और आनंद आहूजा एक दुसरे को काफी लम्बे समय से डेट कर रहे थे | हालांकि वो समाजिक तौर पर  इसे स्वीकार नहीं करते थे लेकिन गुप् चुप खबरे आती ही रहती थी | और इसी तरह इनकी शादी की तैयारी को भी काफी गुपचुप तरीके से ही किया गया | कुछ दिन पहले तक भी परिवार के किसी भी सदस्य ने खुल कर कुछ भी कहने से परहेज ही रखा |
                                      सोनम कपूर की शादी बान्द्रा में होगी | और शाम को द लीला होटल में रिसेप्सन की पार्टी रखी गयी है | सोनम ने अपने दोनों ख़ास पलों पर खुद को सवारने के लिए नम्रता सोनी मेकप आर्टिस्ट को बुलाया है | नम्रता सोनी ही उन्हें उनके कान  फेस्ट के लिए तैयार करती है | नम्रता एक फेमस मेकप आर्टिस्ट है | नम्रता को सिम्पल स्टाइल ही पसंद है वे नैचुरल ब्यूटी और फेस को मेकप के जरिये हाइलाइट करती है | सोनम कपूर के संगीत का लुक भी चर्चा का विषय बना हुआ | उनका ऑफ वाइट लहंगा और गोल्डन ब्लाउज उनके सिम्पल और नेचुरल मेकप के साथ काफी सुंदर लग रहा था |

                           

 सोनम कपूर और आनंद आहूजा प्रेम विवाह में बंधने जा रहे है आइये देखते है न्यूमरोलॉजी क्या कहती है इनके प्रेम विवाह के संबंध में इनके स्वभाव एक दूसरो को कितनी दूर तक साथ देने में सक्षम है -   

   

 आनंद आहूजा का जन्म 29 जुलाई 1983 को हुआ है | आनंद आहूजा का जन्मांक 2 है | 2 अंक के व्यक्ति गंभीर , कल्पनाशील , रोमांटिक एवं सभ्य होते है | ये शारीरिक की अपेक्षा बौद्धिक रूप से अधिक मजबूत होते है | ये अपने जीवन साथी के प्रति समर्पित होते है | इन्हे सुख सुविधापूर्ण वातावरण पसंद होता है | ये अपने पार्टनर की गलतियों को भी आसानी से क्षमा कर देते है बस वे आदते ना बने | आनंद आहूजा बेशक सोनम कपूर के लिए एक अच्छे पति साबित होंगे | लेकिन क्या सोनम कपूर भी एक अच्छी पत्नी बन पाएंगी आइये जानते है |

                     सोनम कपूर का जन्म 9 जून 1985 को हुआ है | जन्मांक 9 की महिलाये मंगल ग्रह के गुणों से युक्त होती है | ये साहसी और उग्र होती है | इनका स्वभाव अधिकार जमाने वाला होता है प्रायः ये अपने आस पास के लोगो को नाराज ही कर लेते है | इन्हे किसी का हस्तक्षेप भी पसंद नहीं होता ये स्वतंत्र रहना पसंद करते है | पूर्ण स्वतन्त्रता ना मिलने पर ये दुखी और आक्रामक भी हो सकते है | यदि इन्हे  समझा जाए और खुली स्वतंत्रता दी जाए तो ये आसानी से दूसरो की बाते मान लेते है | यदि ऐसा ना हो तो ये उस व्यक्ति से स्वयं को अलग करने में भी परहेज नहीं करते | ये स्थिरचित्त नहीं होते लोगो के आकर्षण का केंद्र बनना इन्हे पसंद होता है | ये बहुत जल्दी ही अपनी ही उपलब्धियों से ऊब जाते है |

               इस तरह दोनों ही एक दुसरे की मानसिक स्थितियों  को समझने में सक्षम है | शायद इसी कारण यह प्रेम विवाह सम्भव हो पाया है |