जानिये ज्योतिष में क्या महत्व है आपके अंगूठे का?

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लेखिका : रजनीशा शर्मा


हस्तरेखा विज्ञान में में अंगूठा किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है इस लिए हाथ में अंगूठे का विशेष महत्व है | इच्छा या तर्कशक्ति का केंद्र हस्तविज्ञान में अगुठे को ही माना गया है | हस्तरेखा विज्ञान में हाथ की रेखाएं  ही नहीं  शरीर की संरचना भी उतना ही महत्व रखती है | अतः आज हम जानते है अंगूठे की बनावट आपकी तर्क शक्ति एवं इच्छा शक्ति को कैसे प्रभावित करती है -

                                                   आपका अंगूठा तीन भागो में विभक्त माना जाता है | पहला ऊपर का भाग जो आपकी तर्क शक्ति का घोतक है | दूसरा बीच का भाग जो इच्छा शक्ति को प्रभावित करता है और तीसरा जो शुक्र पर्वत के भाग भी है आपकी मानसिक शक्ति को प्रभावित करता है |


1 - जिन लोगो के अंगूठे में अखंडित गोल दायरे होते है उन व्यक्तियों का भाग्य समय समय पर बदलता रहता है | ये लोग जीवन में लाभ ही प्राप्त करते है |


2 - अंगूठे की गाँठ अगर स्पष्ट हो तो व्यक्ति कमजोर हृदय वाला एवं कर्तव्यनिष्ठ होता है | यदि यह गाँठ स्पष्ट ना हो तो व्यक्ति दृढ़ निश्चयी एवं कठोर हृदय वाला होता है |


3 - यदि अंगूठा हाथ की तर्जनी ऊँगली के साथ मिल कर न्यूनकोण बनाये अर्थात 90 डिग्री से कम का कोण बनाये तो व्यक्ति गलत संगत में पड़ कर अपनी धन सम्पदा का नुक्सान करता है | ये आलसी , फिजूलखर्च करने वाले एवं निराशावादी होते है | ये निम्नकोटि के देवी देवताओ की ओर आकर्षित होते है | ये अपनी भोगी प्रवृत्ति के कारण बदनामी के भागी बनते है | बुरी आदतों एवं अवैध संबंधो में फस कर ये प्रायः अपने  ही पतन का कारण बन जाते है |


4 - जिन व्यक्तियों का अंगूठा तर्जनी ऊँगली के साथ समकोण अर्थात 90 डिग्री का कोण बनाते है वे व्यक्ति परिश्रमी होते है बातो में अपना समय नष्ट नहीं करते | किन्तु क्रोधी स्वभाव के होते है परन्तु इनका क्रोध पानी के बुलबुले की भाँती ही होता है | ये क्रोध आने पर शांत हो जाते है और किसी से बात नहीं करते है | ये व्यक्ति अच्छे मित्र एवं अच्छे शत्रु होते है | ये निम्न  कोटि के तरीको का इस्तेमाल नहीं करते | ये झुकने की बजाय टूटना पसंद करते है | ये धुन के पक्के होते है | ये दुसरो के अधीन कार्य करना पसंद नहीं करते है | ये अपने क्रोध को दबाये रखते है और धीरे धीरे कठोर स्वभाव के हो जाते है |


5 - जिन व्यक्तियों का अगूंठा 90 डिग्री से अधिक का कोण बनाते है वे व्यक्ति स्वभाव से मधुर एवं कोमल होते है | ये जीवन में सफल नहीं हो पाते एवं मूर्ख होते है | अगर अंगूठे की लम्बाई सामान्य हो तो व्यक्ति मानवतावादी होता है | ये प्रारम्भिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है | किन्तु अपने परिश्रम से उन्नति प्राप्त करते है | ये अस्थिर विचारो के कारण प्रायः परेशानी में पड़ जाते है |


6 - यदि अंगूठे का ऊपरी हिस्सा अधिक लम्बा है तो व्यक्ति धार्मिक होता है किन्तु अंधविश्वासी नहीं होता | इनकी इच्छाशक्ति प्रबल होती है | ये सोच समझ कर ही निर्णय करते है | ये तेजस्वी एवं सुखी जीवन जीने वाले होते है | ये ईमानदार एवं समाज में प्रतिष्ठित होते है |


7 - जिन व्यक्तियों के अंगूठे का मध्य का भाग अधिक होता है वे व्यक्ति ये अपनी तर्कशक्ति के आधार पर लोगो को हैरान करते रहते है | ये शांतचित्त एवं सभ्य , शालीन होते है | ये किसी भी परिस्थिति में विचलित नहीं होते | यदि यह भाग पतला एवं कमजोर हो तो व्यक्ति हठी , कमजोर , एवं अव्यवहारी होते है |


8 - जिन व्यक्तियों का निम्न भाग अधिक लम्बा हो तो व्यक्ति अच्छे प्रेमी होते है वे अधिक मित्र बनाते है समाज में आदर पाते है | ये परेशानी में  भी मुस्कुराते रहते है और जीवन में सफलता पाते है | इस भाग में उभार अधिक होने पर व्यक्ति कामुक , भोगी एवं आवेशी होते है | ये धन बर्बाद करते है और अपनी प्रवृत्ति के कारण अपना जीवन कलह पूर्ण बना लेते है |